creativity – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Sun, 27 Sep 2026 17:35:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg creativity – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के तीसरे दिन कौशल विकास मिशन के पवेलियन में हुनर, रचनात्मकता और सीखने का उत्साह https://eveningtimescg.com/skill-creativity-and-enthusiasm-for-learning-at-the-skill-development-mission-pavilion-on-the-third-day-of-the-up-international-trade-show/ Sun, 27 Sep 2026 17:35:00 +0000 https://eveningtimescg.com/skill-creativity-and-enthusiasm-for-learning-at-the-skill-development-mission-pavilion-on-the-third-day-of-the-up-international-trade-show/ ग्रेटर नोएडा

उत्तर प्रदेश की कला, कौशल और कारीगरी को वैश्विक मंच देने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के तीसरे दिन उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) का पवेलियन हुनर, रचनात्मकता और सीखने के उत्साह से गुलजार रहा। रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण बड़ी संख्या में परिवार, युवा, बच्चे और बुजुर्ग पवेलियन पहुंचे और यहां न सिर्फ प्रदेश की पारंपरिक कला और उत्पादों को करीब से देखा, बल्कि कई कौशलों को खुद करके सीखने का अनुभव भी लिया।

यूपीएसडीएम के ‘स्किल मंच’ पर रविवार को नन्हे-मुन्नों की प्रतिभा ने खास आकर्षण पैदा किया। बच्चों ने मंच पर अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। युवाओं ने भी गायकी और फाइन आर्ट्स के जरिए अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। ‘हुनर’ थीम पर रंगों के जरिए युवाओं ने अपनी कल्पनाओं को मंच पर आकार दिया।

खास बात यह रही कि मंच पर सिर्फ युवा ही नहीं, बल्कि बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने अपनी प्रतिभा और कौशल का प्रदर्शन किया। पहली बार शुरू किए गए ‘स्किल मंच’ का उद्देश्य युवाओं और आम लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ कौशल, करियर और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना है।

पवेलियन में विभिन्न कौशलों के लाइव डेमो दर्शकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बने। पारंपरिक कारीगरी से लेकर आधुनिक कौशल तक, हर स्टॉल पर लोगों को कुछ नया देखने और सीखने को मिला। पॉटरी और टेराकोटा स्टॉल पर विजिटर्स ने मिट्टी को अपने हाथों से आकार देकर सुंदर कलाकृतियां बनाने की कोशिश की। वहीं, लखनऊ की चिकनकारी के स्टॉल पर लोगों ने सुई-धागे से होने वाली बारीक कारीगरी को करीब से समझा और खुद भी इसे आजमाया। यहां कौशल केवल प्रदर्शित नहीं किया गया, बल्कि लोगों को ‘देखिए, समझिए और खुद करके सीखिए’ के अंदाज में इससे जोड़ा गया। बच्चों से लेकर युवाओं और बुजुर्गों तक ने अलग-अलग स्टॉल पर पहुंचकर कला और कौशल का अभ्यास किया। 

यूपीएसडीएम पवेलियन में प्रदेश के अलग-अलग जिलों की कला और उत्पाद भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। बनारस के लकड़ी के खिलौने, आजमगढ़ की ब्लैक पॉटरी और मथुरा के डेकोरेटिव आइटम्स को देखने और उनके बारे में जानने के लिए विजिटर्स की विशेष रुचि दिखाई दी। प्रतापगढ़ के स्टॉल पर लोगों ने आंवला से बने विभिन्न उत्पादों की जानकारी लेने के साथ उनका स्वाद भी चखा। वहीं, लखनऊ की चिकनकारी ने अपनी बारीक कारीगरी से लोगों का ध्यान खींचा। विजिटर्स उत्पादों को देखने के साथ उनके निर्माण, परंपरा और उनसे जुड़े कौशल की जानकारी भी लेते नजर आए। पवेलियन में इस तरह कला, कौशल, सीखने और अनुभव का संगम देखने को मिल रहा है। पवेलियन की गतिविधियां यह संदेश दे रही हैं कि हुनर सिर्फ देखने की चीज नहीं, बल्कि उसे सीखा, समझा और अपने हाथों से आजमाया भी जा सकता है।

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