China-Bangladesh – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Thu, 02 Jul 2026 06:35:41 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg China-Bangladesh – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 बांग्लादेश की सेना में बढ़ रहा चीन का दखल, J-10CE डील से भारत को घेरने की तैयारी? https://eveningtimescg.com/chinas-growing-influence-in-the-bangladesh-military-is-the-j-10ce-deal-a-move-to-encircle-india/ Thu, 25 Jun 2026 03:32:00 +0000 https://eveningtimescg.com/chinas-growing-influence-in-the-bangladesh-military-is-the-j-10ce-deal-a-move-to-encircle-india/ ढाका
 साउथ एशिया के डिफेंस मार्केट में इन दिनों तगड़ी हलचल है. पाकिस्तान के नक्शेकदम पर चलते हुए बांग्लादेश भी चीन का लड़ाकू विमान J-10CE को अपने बेड़े में शामिल करने की तैयारी में जुट गया है. बांग्लादेश वायु सेना चीन से ऐसे 24 फाइटर जेट्स खरीदने की डील के बेहद करीब है. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान इस लड़ाकू विमान के फुस्स हो जाने के बावजूद, ड्रैगन ने उल्टा नैरेटिव सेट करके इस जेट को जी-जान से प्रमोट किया. अब ढाका उसके जाल में फंस गया है. करीब 40 मिलियन डॉलर कीमत वाला ये सौदा अगर पक्का हुआ तो भारत की दोनों सरहदों पर चीनी हथियारों का पहरा मजबूत हो जाएगा। 

बांग्लादेश में चीन का डिफेंस जाल
बांग्लादेश की सेनाएं पहले से ही बड़े पैमाने पर चीनी हथियारों पर निर्भर हैं. चीन धीरे-धीरे बांग्लादेश के तीनों सेनाओं में घुस चुका है. थल सेना की बात करें तो बांग्लादेश का पूरा टैंक बेड़ा चीनी मूल का है, उनकी एयर डिफेंस और आर्टिलरी में भी चीनी उपकरणों की भरमार है. नौसेना के क्षेत्र में भी बांग्लादेश ने चीन से ही पनडुब्बी हासिल की थीं। 

अब इस प्लानिंग को आगे बढ़ाते हुए बांग्लादेशी वायु सेना को भी पूरी तरह चीनी रंग में रंगने की तैयारी है. बांग्लादेश के पास फिलहाल रूसी मिग-21 का चीनी वर्जन F-7 फाइटर्स है, जिसे वो काफी समय से बदलने की कोशिश में था. हालांकि उसने यूरोफाइटर जैसी पश्चिमी तकनीकों पर भी विचार किया लेकिन चीन ने नई चाल चल दी. चीन ने बांग्लादेश को कम कीमत और आसान शर्तें ऑफर कीं और आखिरकार पासा चीन के पक्ष में झुकता दिख रहा है। 

J-10CE, जिसे चीन में ‘विगोरस ड्रैगन’ के नाम से जाना जाता है, कोई साधारण विमान नहीं है. ये चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी एयर फोर्स (PLAAF) का सबसे भरोसेमंद फाइटर जेट है. ये विमान चीन की खतरनाक PL-15 मिसाइलों से लैस होता है। 

चीन का गिरता एक्सपोर्ट और तीन देशों का खतरनाक नेक्सस
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ समय में वैश्विक स्तर पर चीनी हथियारों की बिक्री में भारी गिरावट आई है. ऐसे में चीन के लिए ये डील संजीवनी की तरह है. रिपोर्ट के अनुसार, चीन जितने भी हथियार एक्सपोर्ट करता है, उसका 80% हिस्सा एशिया में ही आता है। 

भारत के लिए क्या बदलेगा?
चीन के कुल सैन्य निर्यात का 60% से ज्यादा हिस्सा सिर्फ तीन देश खरीदते हैं- पाकिस्तान, बांग्लादेश और म्यांमार. आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर और पूर्व डीजी आर्टिलरी लेफ्टिनेंट जनरल पीआर शंकर के मुताबिक, चीन ने भारत को घेरने के लिए पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ एक खतरनाक मिलिट्री नेक्सस बना लिया है, जिस पर भारत को कड़ी नजर रखनी होगी। 

अगर बांग्लादेश-चीन की ये डील फाइनल होती है तो भारत के पश्चिमी बॉर्डर यानी पाकिस्तान और पूर्वी बॉर्डर यानी बांग्लादेश दोनों तरफ चीनी फाइटर जेट्स तैनात हो जाएंगे यानी चीन की एंट्री हो जाएगी. भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती ये होगी कि संकट के समय भारत को दोतरफा हवाई खतरों का सामना करना पड़ सकता है. इसके अलावा, बांग्लादेश में चीनी तकनीशियनों और सैन्य विशेषज्ञों की मौजूदगी बढ़ेगी जो भारतीय सीमा के बेहद करीब रहकर खुफिया कूटनीति और निगरानी को अंजाम दे सकते हैं। 

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