boost oilseed – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Thu, 02 Jul 2026 06:29:08 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg boost oilseed – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 तिलहन उत्पादन बढ़ाने की दिशा में सशक्त पहल, कोटमीकला के किसानों को मिला उन्नत मूंगफली बीज https://eveningtimescg.com/a-significant-initiative-to-boost-oilseed-production-farmers-in-kotmikala-receive-improved-groundnut-seeds/ Sun, 28 Jun 2026 17:45:00 +0000 https://eveningtimescg.com/a-significant-initiative-to-boost-oilseed-production-farmers-in-kotmikala-receive-improved-groundnut-seeds/ रायपुर

 किसानों की आय बढ़ाने, तिलहनी फसलों के उत्पादन में वृद्धि करने और देश को खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार एवं कृषि विभाग द्वारा लगातार प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जीपीएम जिले के पेंड्रा विकासखंड के ग्राम कोटमीकला में भारत सरकार की राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन (एनएमईओ) योजना के अंतर्गत चयनित किसानों को उन्नत किस्म के मूंगफली बीज वितरित किए गए। यह पहल किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने तथा कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार कृषि क्षेत्र को अधिक सशक्त, आधुनिक और लाभकारी बनाने के लिए अनेक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। कृषि विभाग किसानों तक उन्नत बीज, आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक सलाह और शासकीय योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन के माध्यम से तिलहनी फसलों के रकबे और उत्पादकता में वृद्धि कर किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।

ग्राम कोटमीकला में आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अमित कुमार तंवर, कृषि विकास अधिकारी मधुसूदन, क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी तथा ग्राम पंचायत के सरपंच भंवर सिंह अर्मो की उपस्थिति में योजना के अंतर्गत 10 हेक्टेयर प्रदर्शन रकबे के लिए चयनित 25 किसानों को उन्नत गुणवत्ता के मूंगफली बीज वितरित किए गए। अधिकारियों ने किसानों को बताया कि प्रमाणित एवं उन्नत बीजों के उपयोग से उत्पादन बढ़ने के साथ फसल की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार होता है।

कार्यक्रम के दौरान कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को बीज उपचार, समय पर बुआई, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, खरपतवार नियंत्रण, कीट एवं रोग प्रबंधन, जल संरक्षण तथा फसल की वैज्ञानिक देखभाल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने, मृदा परीक्षण के आधार पर खेती करने तथा विभागीय सलाह का पालन करने के लिए भी प्रेरित किया गया, जिससे उत्पादन लागत कम हो और अधिक लाभ प्राप्त हो सके।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन के माध्यम से किसानों को केवल बीज उपलब्ध कराना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि उन्हें वैज्ञानिक खेती की नवीनतम तकनीकों से जोड़कर तिलहनी फसलों का उत्पादन बढ़ाना और खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करना भी प्राथमिकता है। प्रदर्शन आधारित खेती से अन्य किसान भी प्रेरित होंगे और क्षेत्र में मूंगफली सहित तिलहनी फसलों का रकबा बढ़ेगा।

कार्यक्रम में किसानों ने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि गुणवत्तायुक्त बीज और तकनीकी मार्गदर्शन मिलने से खेती अधिक लाभकारी बनेगी। कृषि विभाग ने सभी किसानों से शासन की कृषि हितैषी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने, उन्नत तकनीकों को अपनाने तथा तिलहनी फसलों के उत्पादन में वृद्धि कर अपनी आय बढ़ाने का आह्वान किया। राज्य सरकार और कृषि विभाग की ऐसी पहलें ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के साथ-साथ किसानों के जीवन में समृद्धि का नया अध्याय लिख रही है।

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