Barapullah Phase-3 – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Tue, 29 Sep 2026 13:20:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg Barapullah Phase-3 – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 बारापुला फेज-3 कॉरिडोर का उद्घाटन, नोएडा से AIIMS जाना होगा आसान https://eveningtimescg.com/barapullah-phase-3-corridor-inaugurated-making-travel-from-noida-to-aiims-easier/ Tue, 29 Sep 2026 13:20:00 +0000 https://eveningtimescg.com/barapullah-phase-3-corridor-inaugurated-making-travel-from-noida-to-aiims-easier/ नई दिल्ली
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर का उद्घाटन कर दिया है. ये कॉरिडोर पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार फेज-1 को सराय काले खां से जोड़ेगा, जिससे AIIMS और दक्षिणी दिल्ली की तरफ जाना आसान होगा.

इस प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा फायदा नोएडा और पूर्वी दिल्ली से दक्षिणी दिल्ली की तरफ जाने वाले लोगों को होगा. मंगलवार को अमित शाह ने इस कॉरिडोर को हरी झंडी दिखाई, इस दौरान उनके साथ दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी मौजूद रहीं.

उद्घाटन पर बात करते हुए रेखा गुप्ता ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को 2014 में मंजूरी मिली थी और योजना मयूर विहार से सराय काले खां तक करीब 11 किलोमीटर का एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की थी.

रेखा गुप्ता ने कहा कि 2025 तक दिल्ली में सत्ता में रही सरकार इस काम को इतने सालों में पूरा नहीं कर सकी. रेखा गुप्ता के मुताबिक जब उन्होंने PWD मंत्री प्रवेश वर्मा के साथ मौके का निरीक्षण किया तो स्थिति ऐसी थी कि पुल एक जगह से शुरू होता था, फिर दूसरी जगह से दोबारा शुरू हो जाता था और बीच का बड़ा हिस्सा अधूरा पड़ा था.

9 साल की देरी, लागत भी बढ़ी
2014 में मंजूरी मिलने के बाद 2015 में बारापुला फेज-3 कॉरिडोर का निर्माण शुरू हो गया था. इसे 2017 तक पूरा किया जाना था, लेकिन कई अड़चनों के चलते काम लंबा खिंचता गया. अब करीब 1,635 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट का काम पूरा हो चुका है.

साइकिल और पैदल चलने वालों के लिए भी राहत
कॉरिडोर में साइकिल चलाने वालों के लिए अलग ट्रैक बनाया गया है. पैदल चलने वालों के लिए भी एक लेन बनाई गई है जहां लोग मॉर्निंग वॉक कर सकेंगे. यमुना के ऊपर बने हिस्से में लंबे स्पैन वाली संरचना का इस्तेमाल किया गया है और शीशे की रेलिंग लगाई गई है, ताकि लोग यमुना की खूबसूरती का लुत्फ उठा सके.

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