banana – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Thu, 02 Jul 2026 06:35:41 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg banana – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 बुरहानपुर के केले को मिला GI टैग, अब ग्लोबल ब्रांड बनेगी जिले की पहचान https://eveningtimescg.com/burhanpur-bananas-receive-gi-tag-the-districts-identity-set-to-become-a-global-brand/ Wed, 24 Jun 2026 16:33:00 +0000 https://eveningtimescg.com/burhanpur-bananas-receive-gi-tag-the-districts-identity-set-to-become-a-global-brand/ बुरहानपुर 
 बुरहानपुर का केला पूरे देश के साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर है. अब बुरहानपुर में उत्पादित केले को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल गई है. हाल ही में बुरहापुर के केले को जियोग्राफिकल इंडिकेशन (Geographical Indication) यानि जीआई टैग मिला है. इससे केला उत्पादक किसानों में खुशी की लहर है. बीते 15 सालों से बुरहानपुर के केले को जीआई टैग दिलाने की कोशिशें चल रही थीं। 

सालाना औसतन 18 लाख मैट्रिक टन उत्पादन
बुरहानपुर जिले में करीब 26 हजार हेक्टेयर रकबे में केला फसल लगाई जाती है. 18 हजार 640 किसान केला फसल लगाते हैं. 18 लाख मैट्रिक टन से ज्यादा उत्पादन होता है. अब केले को जीआई टैग मिलने से इसकी विशिष्टता को आधिकारिक मान्यता मिल गई है. अब किसानों को अपनी फसल का बेहतर दाम, व्यापक बाजार और निर्यात के नए अवसर मिलेंगे. इसके अलावा केला आधारित उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा. बुरहानपुर जिले में केला फसल का इतिहास पुराना है. सन् 1960 से यहां केले की फसल उगाई जा रही है। 

खाड़ी देशों तक बुरहानपुर के केले की मिठास
बुरहानपुर जिला प्रशासन के मुताबिक यहां की अनुकूल जलवायु, उपजाऊ भूमि सहित विशेष भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यहां उत्पादित केला अपनी मिठास, आकर्षक रंग सहित उच्च स्तरीय क़्वालिटी के लिए देश-प्रदेश ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी विशेष पहचान रखता है. बुरहानपुर के केले की मिठास न सिर्फ देश में, बल्कि खाड़ी देशों में भी अपने स्वाद का जादू बिखेरती है. हर साल बड़ी मात्रा में केला यहां से विदेशों में सप्लाई किया जाता है। 

बुरहानपुर में 55 से अधिक केला प्रोसेसिंग इकाइयां
बुरहानपुर के केला व्यवसाय से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों लोग जुड़े हैं. प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत बुरहानपुर जिले में 55 से अधिक केला प्रोसेसिंग इकाइयां स्थापित की गई हैं. इन इकाइयों में केले से विभिन्न प्रकार के उत्पाद तैयार किए जाते हैं. विधायक अर्चना चिटनिस ने बताया "बुरहानपुर के केले को जीआई टैग मिल गया है. विभिन्न विभागों, कृषि एवं उद्यानिकी विशेषज्ञों सहित संबंधित संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित करने के बाद ये उपलब्धि मिली है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘वोकल फोर लोकल‘ और ‘लोकल टू ग्लोबल‘ विजन को बढ़ावा दिया है. इसी का ये परिणाम है। 

क्या है जीआई टैग और क्या हैं इसके लाभ
जियोग्राफिकल इंडिकेशन (Geographical Indication) यानि जीआई टैग एक प्रकार से उस उत्पाद के लिए प्रमाणपत्र है. जीआई टैग मिलने से उत्पाद को विशेष पहचान स्थान से जोड़कर मिलती है. जीआई टैग मिलने के बाद उत्पादकों की आय में वृद्धि होती है. क्योंकि उत्पाद की प्रामाणिकता साबित होती है. इस कारण उत्पाद को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में अच्छी कीमत मिलती है। 

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