ayushman – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Sun, 04 Oct 2026 14:40:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg ayushman – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 MP में 8 अक्टूबर से Ayushman इलाज बंद करने की चेतावनी, निजी डॉक्टरों ने दी दिल्ली कूच की धमकी https://eveningtimescg.com/warning-of-halting-ayushman-treatments-in-mp-from-october-8-private-doctors-threaten-to-march-to-delhi/ Sun, 04 Oct 2026 14:40:00 +0000 https://eveningtimescg.com/warning-of-halting-ayushman-treatments-in-mp-from-october-8-private-doctors-threaten-to-march-to-delhi/ भोपाल.

मध्य प्रदेश के निजी अस्पतालों में आगामी 8 अक्टूबर से आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों का इलाज पूरी तरह ठप हो जाएगा।

योजना की भारी-भरकम बकाया राशि का भुगतान न होने और एनबीएचएस (एनबीएचएस) सर्टिफिकेशन की अनिवार्यता के विरोध में प्राइवेट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने अनिश्चितकालीन बहिष्कार का ऐलान किया है। इसके साथ ही मांगों की अनदेखी किए जाने पर 1000 एंबुलेंस के साथ दिल्ली कूच करने की चेतावनी भी दी गई है।

डेढ़ से दो करोड़ रुपये प्रति अस्पताल बकाया
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ( आईएमए) मध्य प्रदेश और यूनाइटेड प्राइवेट हॉस्पिटल्स डायरेक्टर्स एसोसिएशन ( यूपीएचडीए) सहित विभिन्न अस्पताल संगठनों ने संयुक्त रूप से इस आंदोलन का शंखनाद किया है। राजधानी भोपाल के अधिकांश प्रमुख निजी अस्पतालों का आयुष्मान योजना के तहत औसतन 1.5 से 2 करोड़ रुपये का भुगतान अटका हुआ है। डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय से बकाया राशि न मिलने के कारण अस्पतालों का संचालन करना और कर्मचारियों का वेतन देना चुनौतीपूर्ण हो गया है।

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योगी सरकार की पहल पर मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज देने को साचीज ने चलाया अभियान https://eveningtimescg.com/sachijs-launches-campaign-to-ensure-quality-treatment-for-patients-under-yogi-governments-initiative/ Sat, 11 Jul 2026 13:32:00 +0000 https://eveningtimescg.com/sachijs-launches-campaign-to-ensure-quality-treatment-for-patients-under-yogi-governments-initiative/ योगी सरकार की पहल पर मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज देने को साचीज ने चलाया अभियान 

एनएबीएच से मान्यता प्राप्त 800 अस्पतालों को दिया गया डिजिटल प्रशिक्षण

आयुष्मान के मरीजों को बेहतर, सुरक्षित और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की पहल

आयुष्मान योजना में गड़बड़ी पर सख्ती, दोषी अस्पतालों पर 1.16 करोड़ का जुर्माना

अवैध वसूली और अपकोडिंग पर जीरो टॉलरेंस, बार-बार उल्लंघन करने वाले अस्पताल निलंबित

लखनऊ, 
योगी सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में साचीज द्वारा प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत प्रदेश में विशेष गुणवत्ता सुधार अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को बेहतर और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

800 अस्पतालों को दिया गया प्रशिक्षण 
साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएच) से मान्यता प्राप्त प्रदेश के 800 अस्पतालों को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के मानकों के अनुरूप प्रशिक्षित किया गया है। यह प्रशिक्षण राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान लखनऊ द्वारा दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान अस्पतालों को डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली से जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। साथ ही अस्पतालों की तकनीकी समस्याओं और शिकायतों का भी मौके पर समाधान किया गया, जिससे उनकी कार्यक्षमता और सेवा गुणवत्ता में सुधार हो सके। वहीं भारत सरकार द्वारा एनएबीएच मान्यता प्राप्त अस्पतालों को गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान किया गया है। इसी व्यवस्था के तहत साचीज अस्पतालों को गुणवत्ता मानकों का पालन करने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना से जुड़े प्रत्येक अस्पताल में मरीजों को सुरक्षित, मानक आधारित और सम्मानजनक उपचार मिल सके।

गड़बड़ी पर अस्पतालों पर लगाया गया 1.16 करोड़ का जुर्माना
इसके साथ ही साचीज ने अनियमितताओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। विभाग की ओर से स्पष्ट किया है कि गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। योजना के तहत अवैध नकद वसूली, अपकोडिंग या अन्य वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में 'जीरो टॉलरेंस' की नीति लागू की जा रही है। साचीज की सीईओ ने बताया कि जिन अस्पतालों के खिलाफ जांच में शिकायतें सही पाई गई हैं, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की गई है। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक ऐसे अस्पतालों पर लगभग 1.16 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। इसमें से लगभग 60 लाख रुपये की वसूली भी की जा चुकी है। शेष राशि की वसूली सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अस्पतालों के भुगतान पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा, जो अस्पताल बार-बार नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, उन्हें योजना से निलंबित भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि साचीज केवल अस्पतालों की संख्या बढ़ाने पर नहीं, बल्कि ऐसे अस्पतालों का मजबूत नेटवर्क तैयार करने पर ध्यान दे रहा है जो गुणवत्ता, पारदर्शिता और मरीज-केंद्रित सेवाओं के मानकों पर खरे उतरें। इसी दिशा में केंद्र सरकार के अस्पतालों को भी प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के नेटवर्क से जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। इससे प्रदेश के लाभार्थियों को और अधिक विशेषज्ञ एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

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तकनीकी समस्या दूर, आयुष्मान योजना के अस्पतालों को फिर शुरू हुआ भुगतान https://eveningtimescg.com/technical-glitch-resolved-payments-to-ayushman-scheme-hospitals-resume/ Mon, 25 May 2026 15:01:00 +0000 https://eveningtimescg.com/technical-glitch-resolved-payments-to-ayushman-scheme-hospitals-resume/ तकनीकी समस्या दूर, आयुष्मान योजना के अस्पतालों को फिर शुरू हुआ भुगतान

– योगी सरकार की तत्परता से सुलझी बैंकिंग की तकनीकी समस्या, 14 मई से रुक गया था भुगतान 

– तकनीकी समस्या के कारण रुक गया था अस्पतालों का 600 करोड़  रुपये का भुगतान 

– 23 मई को जारी हुए 100 करोड़, अगले एक-दो दिन में 500 करोड़ रूपये का हो जाएगा भुगतान 

लखनऊ
 योगी सरकार द्वारा प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (ABPMJAY)को और अधिक प्रभावी तथा पारदर्शी बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। योजना के तहत आयुष्मान कार्ड धारकों को बेहतर और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना योगी सरकार की प्राथमिकता है। इसी का नतीजा है कि योजना के शुरू होने के बाद अब तक 50 लाख से अधिक मरीजों ने 91 लाख से अधिक बार अस्पतालों में अपना इलाज कराया। इसके लिए योगी सरकार द्वारा 15 हजार करोड़ से अधिक अस्पतालों को भुगतान किया जा चुका है। वहीं 14 मई से 22 मई तक बैंक में तकनीकी समस्या से अस्पतालों का भुगतान रुक गया था, जिसे ठीक करके 23 मई से दोबारा शुरू कर दिया गया है। 

23 मई को अस्पतालों को किया गया 100 करोड़ रु. का भुगतान
साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि 14 मई को नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (एनएचए) और संबंधित बैंकों के बीच भुगतान फाइलों के आदान-प्रदान के दौरान तकनीकी समस्या उत्पन्न हो गई थी। इसके चलते लगभग 633 करोड़ रुपये की राशि होल्ड पर चली गई थी। भुगतान प्रक्रिया बाधित होने के कारण योजना से जुड़े अस्पतालों को क्लेम राशि मिलने में देरी हो रही थी, जबकि अधिकांश दावों को राज्य स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा पहले ही स्वीकृति प्रदान की जा चुकी थी। तकनीकी बाधा के चलते अस्पतालों को समय से भुगतान नहीं मिल पा रहा था, जिससे निजी और सरकारी सूचीबद्ध अस्पतालों में चिंता की स्थिति बनी हुई थी। हालांकि प्रदेश सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल समाधान की दिशा में कार्रवाई शुरू की। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने एनएचए और संबंधित बैंकों के साथ कई दौर की बैठकें कर समस्या के समाधान के लिए लगातार समन्वय बनाए रखा। उन्होंने बताया कि 22 मई को बैंक स्तर पर आई तकनीकी समस्या का सफलतापूर्वक समाधान कर लिया गया। इसके बाद 23 मई को अस्पतालों को 100 करोड़ रुपये का भुगतान जारी कर दिया गया है। वहीं, अधिकारियों के अनुसार अगले एक से दो दिनों के भीतर शेष लगभग 500 करोड़ रुपये का भुगतान भी संबंधित अस्पतालों को कर दिया जाएगा।

लगातार नए अस्पतालों को योजना से जोड़ा जा रहा
साचीज की सीईओ ने बताया कि तकनीकी समस्या पूरी तरह दूर होने के बाद भुगतान प्रक्रिया सामान्य रूप से शुरू कर दी गई है। अब सूचीबद्ध अस्पतालों को चरणबद्ध तरीके से भुगतान भेजा जा रहा है ताकि मरीजों के इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं पर किसी प्रकार का असर न पड़े। उन्होंने बताया कि योगी सरकार लगातार नए अस्पतालों को योजना से जोड़ रही है ताकि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को भी बेहतर इलाज की सुविधा मिल सके। इसके अलावा गोल्डन कार्ड वितरण अभियान, ई-केवाईसी, हेल्प डेस्क और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसी व्यवस्थाओं को भी मजबूत किया गया है। अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग अमित घोष ने भी योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अस्पतालों के भुगतान में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो। साथ ही तकनीकी प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाया जाए ताकि भविष्य में इस प्रकार की समस्याओं की पुनरावृत्ति न हो।

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