automatically challans – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Tue, 06 Oct 2026 14:00:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg automatically challans – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 बक्सर में तेज रफ्तार पर लगेगी लगाम, स्पीड गन से अब ऑटोमेटिक कटेगा चालान https://eveningtimescg.com/speeding-will-be-curbed-in-buxar-with-speed-guns-now-automatically-issuing-challans/ Tue, 06 Oct 2026 14:00:00 +0000 https://eveningtimescg.com/speeding-will-be-curbed-in-buxar-with-speed-guns-now-automatically-issuing-challans/ बक्सर
 जिले की सड़कों पर वाहन चलाने वाले लोगों के लिए यातायात नियमों की अनदेखी अब आसान नहीं होगी। खासकर खाली दिखने वाली सड़क पर तेज रफ्तार से वाहन चलाने वालों पर अब पुलिस की सीधी नजर रहेगी।

जिले में पहली बार नियमित रूप से इस्तेमाल होने वाले प्रमुख मार्गों पर स्पीड गन से लैस तीन हाइवे पेट्रोलिंग वाहन तैनात किए गए हैं।

इनकी मदद से वाहन को रोके बिना ही उसकी गति और अन्य यातायात नियमों की निगरानी की जा सकेगी और उल्लंघन मिलने पर चालान सीधे मोबाइल पर भेजा जा सकेगा।

जिले के लोगों के लिए यह नया अनुभव होगा। एक स्पीड गन जिले में पहले से भी है, लेकिन उसका इस्तेमाल जिले की बाहरी सीमा से गुजरने वाले आरा-मोहनिया हाइवे पर होता है। अब जिले से गुजरने वाले सभी चार नेशनल हाइवे पर स्पीड गन की निगरानी होगी।

इन वाहनों को डुमरांव-मलियाबाग पथ, बक्सर-आरा एनएच-922 और चौसा-मोहनिया उच्च पथ पर तैनात किया गया है। इससे इन मार्गों से रोजाना आवागमन करने वाले जिले के आम वाहन चालकों को अब गति सीमा का विशेष ध्यान रखना होगा।

अभी तक जिले में एक स्पीड गन उपलब्ध थी, लेकिन उसकी तैनाती आरा-मोहनिया राष्ट्रीय राजमार्ग पर जिले की बाहरी सीमा के सीमित हिस्से में होती थी।

नए वाहनों की तैनाती से पहली बार जिले के प्रमुख और नियमित रूप से इस्तेमाल होने वाले मार्गों पर स्पीड निगरानी का दायरा बढ़ेगा।

खाली सड़क देखकर बढ़ाई रफ्तार, तो मोबाइल पर आएगा चालान
हाइवे पर अधिकतम अनुमत गति कई हिस्सों में 80 या 100 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है, लेकिन बस्तियों, विद्यालयों, बाजारों और आरओबी के आसपास निर्धारित गति इससे काफी कम रहती है।

ऐसे स्थानों पर 30, 40, 50 या 60 किमी प्रति घंटा की सीमा का पालन करना होता है। अक्सर सड़क खाली देखकर चालक इन संवेदनशील स्थानों पर भी रफ्तार बढ़ा देते हैं। अब स्पीड गन ऐसे वाहनों को चिह्नित कर सकेगी।

यातायात डीएसपी संतोष कुमार के अनुसार, तीनों वाहनों में स्पीड गन के साथ जीपीएस और अन्य उपकरण लगे हैं। इनकी निगरानी जिला मुख्यालय के साथ यातायात मुख्यालय पटना से भी की जाएगी।

कैमरे की जद में आने वाले वाहन की निगरानी के बाद नियम उल्लंघन पर चालान किया जा सकेगा। वाहन चालकों को चाहिए कि सड़क पर चलते समय गति सीमा वाले बोर्ड पर लगातार ध्यान रखें।

हेलमेट-सीट बेल्ट और कागजात की भी होगी निगरानी
नए वाहनों की निगरानी सिर्फ ओवरस्पीड तक सीमित नहीं रहेगी। बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट और सही कागजात के वाहन चलाने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। यानी सड़क पर पुलिसकर्मी को देखकर ही हेलमेट या सीट बेल्ट लगाने की आदत अब काम नहीं आएगी।

एनएच-922 पर तैनात वाहन बक्सर गोलंबर से आरा सीमा तक निगरानी करेगा। वाहनों में दुर्घटना की स्थिति में तत्काल सहायता के लिए स्ट्रेचर और आपात उपकरण भी उपलब्ध हैं।

यातायात पुलिस को उम्मीद है कि नियमों के पालन से दुर्घटनाओं में कमी आएगी और हेलमेट-सीट बेल्ट के इस्तेमाल से हादसों में जान जाने का जोखिम भी कम होगा।

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