AI Robotics – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Sun, 12 Jul 2026 12:50:37 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg AI Robotics – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 जयपुर में रोबोटिक सेंटर शुरू, भारत बनाएगा खतरनाक कामों के लिए स्मार्ट रोबोट। https://eveningtimescg.com/robotics-center-launched-in-jaipur-india-to-build-smart-robots-for-hazardous-tasks/ Sun, 12 Jul 2026 09:11:00 +0000 https://eveningtimescg.com/robotics-center-launched-in-jaipur-india-to-build-smart-robots-for-hazardous-tasks/ जयपुर
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन और रोबोटिक्स की दुनिया में भारत खुद ऐसी तकनीक बना रहा है, जो पूरी दुनिया को दिशा दिखाएगी. इस बड़े विजन को जमीन पर उतारने के लिए जयपुर में आधुनिक पेट्रोबोट रोबोटिक रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर (RRDC Jaipur) की नींव रखी गई है. इस सेंटर को  ‘राइजिंग राजस्थान' की पहल के तहत ही तैयार किया गया है. यह सेंटर इसलिए बेहद खास है, क्योंकि यहां ऐसे ऑटोनोमस और ऑटोमैटिक रोबोट बनाए जाएंगे, जो इंसानों के लिए सबसे खतरनाक औद्योगिक जगहों पर जाकर काम कर सकें.

सेंटर के लिए करीब 12 करोड़ रुपये का निवेश
पेट्रोबोट ने राइजिंग राजस्थान के तहत एमओयू किया था, जिसमें 10-12 करोड़ रुपए का निवेश और 50 लोगों को रोजगार देना शामिल था. पेट्रोबॉट के फाउंडर सहाब सिंह ने बताया कि आज यह रिसर्च सेंटर बनकर तैयार है. पिछले दिनों पचपदरा रिफाइनरी में भी उनके रोबोट ने तकनीकी खामियों को दूर किया था.  

बेढम ने किया सेंटर का उद्घाटन
शनिवार (12 जुलाई) को राजस्थान के गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने सेंटर का उद्घाटन किया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है. इसी दिशा में राजस्थान सरकार भी तेजी से काम कर रही है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विकसित राजस्थान के विजन पर काम शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा कि विकसित भारत और विकसित राजस्थान के लक्ष्य को हासिल करने के लिए समाज के हर व्यक्ति को अपनी भूमिका तय करनी होगी. सरकार, उद्योग और आमजन सभी के साझा प्रयासों से ही विकास का लक्ष्य पूरा किया जा सकेगा.   

जोखिम भरे क्षेत्रों में सुरक्षित होगा मानव जीवन
सहाब सिंह ने बताया कि तेल और गैस के कुएं, बड़ी ऑयल रिफाइनरियां, पेट्रोकेमिकल प्लांट, पावर हाउस और स्टील फैक्ट्रियों के भीतर कई ऐसे हिस्से और गहरे टैंक होते हैं, जहां जहरीली गैसों, रेडिएशन या भारी तापमान के कारण इंसानों का जाना जानलेवा होता है. कई जगहें ऐसी होती हैं, जहां इंसानी पहुंच बेहद खर्चीली और कठिन होती है. ये भारतीय रोबोट एआई, एडवांस्ड सेंसर और खास स्कैनिंग तकनीकों की मदद से उन खतरनाक जगहों की अंदरूनी जांच करेंगे. इससे उद्योगों को समय रहते खराबी का पता चल सकेगा, काम रुकने का समय बचेगा और सबसे बड़ी बात, सैकड़ों मजदूरों और इंजीनियरों की जान सुरक्षित की जा सकेगी.

अमेरिका-चीन को मिलेगी टक्कर
आईआईटी बीएचयू से इंजीनियरिंग करने वाले सहाब सिंह के अनुसार, अभी तक पूरी दुनिया के रोबोटिक्स बाजार पर अमेरिका, यूरोप और पूर्वी एशिया (विशेषकर चीन और जापान) जैसे देशों का दबदबा रहा है. भारत को अब तक केवल सॉफ्टवेयर बनाने या कोड लिखने वाला देश माना जाता था.

उन्होंने कहा कि जयपुर की यह कामयाबी साबित करती है कि अब भारतीय स्टार्टअप्स सॉफ्टवेयर से आगे बढ़कर 'हार्ड-कोर' इंजीनियरिंग और इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन में भी दुनिया को टक्कर देने के लिए तैयार हैं. यह केंद्र रिसर्च से लेकर रोबोट के मैन्यूफैक्चरिंग तक का एक बड़ा हब बनेगा. यहां बनने वाले स्वदेशी रोबोट न सिर्फ विदेशी रोबोट्स के मुकाबले तकनीक में बराबर होंगे, बल्कि लागत के मामले में भी काफी किफायती होंगे, जिससे वैश्विक बाजार में इनका डंका बजेगा.

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झारखंड सरकार की पहल, पलामू इंजीनियरिंग कॉलेज में एआई और रोबोटिक्स सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेगा https://eveningtimescg.com/jharkhand-government-initiative-centre-of-excellence-for-ai-and-robotics-to-be-established-at-palamu-engineering-college/ Tue, 30 Jun 2026 14:11:00 +0000 https://eveningtimescg.com/jharkhand-government-initiative-centre-of-excellence-for-ai-and-robotics-to-be-established-at-palamu-engineering-college/ रांची
राज्य सरकार ने रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) जैसी आधुनिकतम तकनीक में शिक्षा और शोध को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। इस उद्देश्य से सरकार ने पलामू स्थित गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कालेज में चार क्षेत्रों में सेंटर आफ एक्सीलेंस विकसित करने की योजना स्वीकृत की है। पांच वर्ष की इस परियोजना पर 22.97 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

इस परियोजना के तहत ही स्टार्ट अप को बढ़ावा देने के लिए पलामू इंजीनियरिंग कालेज में जीईसी इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना की जाएगी। कुल परियोजना लागत में से एक करोड़ रुपये इसके शेयर कैपिटल के रूप में मिलेंगे।

इस परियोजना का उद्देश्य सिविल कंस्ट्रक्शन तथा टाउन प्लानिंग के क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार तथा परामर्श सेवाओं को प्रोत्साहित करना, ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित पेशेवरों, शोधकर्ताओं एवं विद्यार्थियों के लिए विशेष शैक्षणिक कार्यक्रम संचालित करना है।

साथ ही इससे उद्योग प्रेरित अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं का डेटा विश्लेषण, बीटेक, एमटेक एवं पीएचडी शोधार्थियों के अनुसंधान कार्यों में सहयोग प्रदान करना है।

इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन चारों सेंटर आफ एक्सीलेंस से न केवल पलामू इंजीनियरिंग कालेज, बल्कि राज्य के छह राजकीय पालीटेक्निक संस्थानों के विद्यार्थियों को भी प्रशिक्षण में लाभ मिलेगा।

सेंटर आफ एक्सीलेंस के लिए रोबोटिक्स लैब, डेटा साइंस लैब, रिन्यूअल ईनर्जी लैब, टाउन प्लानिंग लैब, अर्थक्वेक इंजीनियरिंग लैब, वेस्ट टू इनर्जी कंजरवेशन लैब आदि की स्थापना की जाएगी। राज्य सरकार ने इस परियोजना की स्वीकृति के पहले आइआइटी (आइएसएम), धनबाद से टेक्निकल वेटिंग कराई थी।

संस्थान स्तर पर होगी निगरानी समिति
जीईसी पलामू इनाेवेशन एंड इन्क्यूबेशन सेंटर फाउंडेशन द्वारा एक संस्थान स्तर पर निगरानी समिति गठित की जाएगी। इस समिति में सेंटर आफ एक्सीलेंस के फैकल्टी इंचार्ज, इंडस्ट्री पार्टनर के प्रतिनिधि, संबंधित विभागाध्यक्ष, मेंटर संस्थान के प्रतिनिधि रहेंगे।

यह समिति सेंटर आफ एक्सीलेंस के संचालन तथा निगरानी का दायित्व निभाएगी। राज्य के भीतर एवं बाहर स्थित मेंटर संस्थानों की की पहचान करना तथा उन्हें सेंटर आफ एक्सीलेंस के संचालन में सहायता के लिए परामर्श या अनुदान प्राप्त करने में सहयोग प्रदान करने की भी जिम्मेदारी समिति निभाएगी।

ये पालीटेक्निक संस्थान जुड़ेंगे सेंटर आफ एक्सीलेंस से
– राजकीय पालीटेक्निक, रांची
– राजकीय महिला पालीटेक्निक, रांची
– राजकीय पालीटेक्निक, जमशेदपुर
– राजकीय पालीटेक्निक, आदित्यपुर
– राजकीय पालीटेक्निक, लातेहार
– राजकीय पालीटेक्निक, सिमडेगा

इन चार क्षेत्रों में तैयार होगा सेंटर आफ एक्सीलेंस
    सिविल कंस्ट्रक्शन तथा टाउन प्लानिंग
    रोबोटिक्स एंड आटोमेशन
    डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस
    सस्टनेबल एंड रिन्यूअल ईनर्जी टेक्नोलाजी

 

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