46 polytechnics – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Sun, 27 Sep 2026 05:41:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg 46 polytechnics – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 बिहार के 46 पॉलिटेक्निक बनेंगे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, ₹122 करोड़ से होगा कायाकल्प https://eveningtimescg.com/46-polytechnics-in-bihar-will-become-centers-of-excellence-with-%e2%82%b9122-crore-to-transform-them/ Sun, 27 Sep 2026 05:41:00 +0000 https://eveningtimescg.com/46-polytechnics-in-bihar-will-become-centers-of-excellence-with-%e2%82%b9122-crore-to-transform-them/ पटना
आईआईटी पटना के सहयोग से सभी 46 राजकीय पाॅलिटेक्निक संस्थानों को 122 करोड़ रुपये की लागत से उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है।

इसके तहत हब-एंड-स्पोक माॅडल के माध्यम से इलेक्ट्रिक व्हीकल, ड्रोन टेक्नोलाॅजी, 3डी प्रिंटिंग और रोबोटिक्स जैसी तकनीकों में विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

साथ ही, फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम, ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स, स्पोकन ट्यूटोरियल, कुशल युवा कार्यक्रम, उद्योगोन्मुख पाठ्यक्रम और व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों की रोजगारपरक क्षमता बढ़ाने पर भी जोर होगा।

ड्रोन टेक्नोलॉजी, 3डी प्रिंटिंग व रोबोटिक्स में प्रशिक्षण
विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी के मुताबिक राज्य सरकार का उद्देश्य सिर्फ विद्यार्थियों को तकनीकी संस्थानों में प्रवेश दिलाना नहीं है बल्कि उन्हें ऐसी शिक्षा देना है, जो ज्ञान, कौशल, रोजगार और नवाचार से जुड़ी हो।

नई तकनीकी में प्रशिक्षण की व्यवस्था से विद्यार्थियों को रोजगार पाने में मदद मिलेगी, बेहतर प्लेसमेंट का भी लाभ मिलेगा।

विभाग की ओर से तकनीकी संस्थानों में स्मार्ट कक्षाओं, आधुनिक प्रयोगशालाओं और कार्यशालाओं, भाषा प्रयोगशालाओं, छात्रावास, रोजगारपरक प्रशिक्षण, खेल मैदान, ओपन जिम और स्वास्थ्य उपकेंद्र जैसी सुविधाओं के विकास पर भी जोर दिया जा रहा है।

एनईपी के अनुरूप होंगे सभी पाठ्यक्रम
विभाग के मुताबिक नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 (एनईपी) और राज्य सरकार के कौशल विकास अभियानों के तहत राजकीय पालिटेक्निक संस्थानों के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह बदने की योजना पर भी कार्य किया जा रहा है।

इतना नहीं, एनईपी के निर्धारित मापदंडों के अनुरूप पाठ्यक्रम को प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसीलिए उसी के समान व्यावहारिक प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा रही है
इसका उद्देश्य पारंपरिक डिप्लोमा डिग्री धारकों को उद्योग की वर्तमान जरूरतों के अनुकूल बनाना है ताकि उन्हें रोबोटिक्स, एवियोनिक्स और एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में अच्छी नौकरियां और प्लेसमेंट मिल सके।

सैद्धांतिक कक्षाओं के बजाय छात्र-छात्राओं को लाइव असेंबली, कैलिब्रेशन, कोडिंग और फील्ड टेस्टिंग पर व्यावहारिक अनुभव देने पर भी जोर दिया जा रहा है।

 

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