विदेश – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Mon, 28 Sep 2026 03:33:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg विदेश – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 Boeing 737 MAX में सॉफ्टवेयर गड़बड़ी, लैंडिंग के वक्त पायलटों को नहीं मिलेगा ऑटोमेटेड गाइडेंस https://eveningtimescg.com/boeing-737-max-suffers-software-glitch-pilots-will-not-receive-automated-guidance-during-landing/ Mon, 28 Sep 2026 03:33:00 +0000 https://eveningtimescg.com/boeing-737-max-suffers-software-glitch-pilots-will-not-receive-automated-guidance-during-landing/  वॉशिंगटन
 विमान बनाने वाली अमेरिकी कंपनी बोइंग के 737 MAX विमानों में सॉफ्टवेयर गड़बड़ी का पता चला है। इसकी वजह से लैंडिंग के दौरान पायलटों को ऑटोमेटेड फ्लाइट गाइडेंस नहीं मिल पाता है।

कंपनी के डॉक्यूमेंट्स का हवाला देते हुए वॉल स्ट्रीट जर्नल ने रिपोर्ट दी है कि यह समस्या कॉकपिट सॉफ्टवेयर अपडेट से जुड़ी है और तब हो सकती है जब पायलट मिस्ड अप्रोच (लैंडिंग की कोशिश नाकाम होने) के बाद विमान का तय रूट बदलते हैं। ऐसी स्थिति में अगली बार लैंडिंग की कोशिश के दौरान ऑटोमेटेड नेविगेशन फीचर काम करना बंद कर सकता है।

बोइंग ने क्या कहा?
बोइंग ने कहा कि उसने पिछले महीने ही ऑपरेटर्स को इस समस्या के बारे में बता दिया था और वह इसके स्थायी समाधान पर काम कर रही है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को भेजे एक ईमेल बयान में बोइंग ने कहा, "हमने ऑपरेटर्स के साथ ऐसी स्थितियों को सुरक्षित रूप से संभालने के लिए मौजूदा पायलट प्रक्रियाओं को मजबूत करने वाली जानकारी साझा की। हमारे इंजीनियर इस समस्या को हमेशा के लिए ठीक करने के लिए एक सॉफ्टवेयर अपडेट पर काम कर रहे हैं।"

फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) सुरक्षा से जुड़ी संभावित समस्या की समीक्षा कर रहा है। एफएए ने कहा कि उसे कुछ 737 MAX विमानों में लगे फ्लाइट कंप्यूटर के लिए सॉफ्टवेयर अपडेट से जुड़ी समस्या के बारे में जानकारी है।

एजेंसी ने कहा, "एफएए एक सुधारात्मक कार्रवाई समीक्षा बोर्ड बुलाएगा और अगर सुरक्षा से जुड़ी कोई चिंता सामने आती है तो तुरंत कार्रवाई करेगा।" एफएए, बोइंग और एयरलाइंस अब यह पता लगा रहे हैं कि प्रभावित सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कितनी बड़े पैमाने पर हो रहा है और क्या इस समस्या से सुरक्षा को कोई व्यापक खतरा है।

विमानों की डिलीवरी पर रोक लगाने की मांग
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, साउथवेस्ट एयरलाइंस और यूनाइटेड एयरलाइंस ने बोइंग से कहा है कि वे उस सॉफ्टवेयर वाले नए 737 MAX विमानों की डिलीवरी रोक दें, जिनमें यह समस्या है। इसके बजाय उन्होंने पुराने सॉफ्टवेयर वर्शन वाले विमानों की मांग की है।

इस नई समस्या के कारण MAX विमानों की जांच और बढ़ गई है। अभी यह साफ नहीं है कि इस सॉफ्टवेयर वाले कितने विमान अभी उड़ान भर रहे हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब बोइंग के 737 MAX प्रोग्राम की रेगुलेटरी और सुरक्षा के लिहाज़ से कड़ी जांच हो रही है।

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मोजतबा खामेनेई को लेकर बड़ा दावा, ईरानी धर्मगुरु बोले- तीसरी बार मलबे से निकाले गए जिंदा https://eveningtimescg.com/a-major-claim-about-mojtaba-khamenei-iranian-cleric-claims-he-was-pulled-alive-from-the-rubble-for-the-third-time/ Mon, 28 Sep 2026 03:32:00 +0000 https://eveningtimescg.com/a-major-claim-about-mojtaba-khamenei-iranian-cleric-claims-he-was-pulled-alive-from-the-rubble-for-the-third-time/ तेहरान
28 फरवरी 2026 को ईरान पर हुए भीषण अमेरिकी और इजरायली हमलों में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान की कमान संभालने वाले नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई (56) को लेकर एक और सनसनीखेज खुलासा सामने आया है। ईरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के सदस्य और वरिष्ठ धर्मगुरु मोहसिन हैदरी ने कतरी टीवी चैनल 'अल अरबी' को दिए इंटरव्यू में दावा किया है कि शुरुआती हमले में घायल होने के बाद मोजतबा को इलाज के लिए तेहरान के एक अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन इसके बाद तीन अस्पतालों को निशाना बनाया गया और मोजतबा को तीसरी बार मलबे से जिंदा निकाला गया।

इस खुलासे के बाद 56 साल के नए सुप्रीम लीडर की सेहत, उनकी सार्वजनिक अनुपस्थिति और उनके सीक्रेट लोकेशन को लेकर दुनिया भर में फिर से चर्चा छिड़ गई है।

अस्पताल पर बमबारी के बाद मलबे से बचाया गया
ईरानी धर्मगुरु मोहसिन हैदरी के अनुसार, 28 फरवरी को अली खामेनेई के तेहरान स्थित परिसर पर हुए हमले में मोजतबा गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

हैदरी ने बताया, "जब दुश्मनों को पता चला कि वे घायल होकर अस्पताल में भर्ती हैं, तो तेहरान के तीन अलग-अलग अस्पतालों पर बमबारी की गई। मोजतबा खामेनेई तीसरे अस्पताल में मौजूद थे और उन्हें मलबे के नीचे से बाहर निकाला गया।"

इस हमले के बाद से ही मोजतबा किसी अज्ञात स्थान पर चले गए हैं और तब से अब तक न तो उन्हें सार्वजनिक रूप से देखा गया है और न ही उनका कोई ऑडियो-वीडियो संदेश जारी हुआ है।

गुप्त कमरे में वोटिंग और 8 मार्च का चुनाव
असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स का सचिवालय खुद अमेरिकी और इजरायली हमलों का शिकार बना था, जिसमें 8 लोग मारे गए थे और नए सुप्रीम लीडर से जुड़ी कई गोपनीय रिपोर्ट जलकर खाक हो गई थीं।

हमले के बाद असेंबली के सदस्यों को बिना जगह बताए एक गुप्त कमरे में बुलाया गया। वहां सदस्यों ने कागज की पर्चियों पर अपने वोट लिखे।

मोहसिन हैदरी ने बताया कि उन्होंने ही सबसे पहले मोजतबा खामेनेई के नाम का प्रस्ताव रखा था, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को अली खामेनेई के बेटे को चुनने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी थी।

मोजतबा को 59 में से 50 वोट मिले, जबकि 8 वोट अयातुल्ला अलीरेजा अराफी को पड़े और 1 सदस्य ने मतदान में भाग नहीं लिया।

हैदरी के मुताबिक, मोजतबा को खुद भी यह अंदाजा नहीं था कि उन्हें चुना जा रहा है। उन्हें टीवी पर आधिकारिक ऐलान देखने के बाद ही अपने सुप्रीम लीडर बनने का पता चला।

क्या वाकई जिंदा और स्वस्थ हैं मोजतबा खामेनेई?
मोजतबा खामेनेई की सेहत को लेकर अमेरिका और ईरान की ओर से अलग-अलग विरोधी दावे किए जा रहे हैं।

अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि वे मानते हैं कि मोजतबा मरे नहीं हैं, लेकिन वे बेहद गंभीर रूप से घायल और अधमरे हो चुके हैं। ट्रंप के मुताबिक उनके शरीर का बायां हिस्सा (हाथ और पैर) बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के दौरान न्यू यॉर्क पहुंचे ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में इन दावों को खारिज किया। पेजेशकियान ने दावा किया कि उन्होंने हाल ही में मोजतबा खामेनेई के साथ 7 घंटे लंबी बैठक की है और वे पूरी तरह से स्वस्थ और शासन चलाने में सक्षम हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सत्ता संभालने से पहले किसी भी औपचारिक पद पर न रहने वाले और "शैडो मैन" कहे जाने वाले मोजतबा खामेनेई की लंबे समय से जारी गुमनामी ईरान के भीतर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संशय को और बढ़ा रही है।

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BSEB लाइब्रेरियन पात्रता परीक्षा 2026 का नोटिफिकेशन जारी, 1 अक्टूबर से आवेदन शुरू https://eveningtimescg.com/bseb-librarian-eligibility-test-2026-notification-released-applications-open-from-october-1st/ Sun, 27 Sep 2026 16:00:00 +0000 https://eveningtimescg.com/bseb-librarian-eligibility-test-2026-notification-released-applications-open-from-october-1st/  पटना
 बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने विद्यालय पुस्तकालयाध्यक्ष पात्रता परीक्षा, 2026 का नोटिफिकेशन रविवार को जारी कर दिया है।

परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होकर 21 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। अभ्यर्थियों को आवेदन के लिए निर्धारित वेबसाइट  sletregistration.cbrt.co.in पर जाना होगा।

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ. त्यागराजन एसएम ने परीक्षा को लेकर जानकारी साझा की है। परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी। इसमें कुल 150 अंकों के बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे।

परीक्षा की अवधि 150 मिनट यानी ढाई घंटे होगी। प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा और गलत उत्तर के लिए निगेटिव मार्किंग नहीं की जाएगी।  

पुस्तकालय विज्ञान से 100 और सामान्य ज्ञान से 50 अंक
विद्यालय पुस्तकालयाध्यक्ष पात्रता परीक्षा में कुल 150 प्रश्न पूछे जाएंगे। इनमें 100 अंक के प्रश्न पुस्तकालय विज्ञान विषय से होंगे, जबकि 50 अंक के प्रश्न सामान्य ज्ञान पर आधारित होंगे।

परीक्षा का पाठ्यक्रम राज्य के मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों में पुस्तकालय विज्ञान की स्नातक डिग्री के लिए लागू पाठ्यक्रम के अनुरूप होगा।

स्नातक के साथ पुस्तकालय विज्ञान की डिग्री जरूरी
पात्रता परीक्षा में शामिल होने के लिए अभ्यर्थी का बिहार का निवासी होना अनिवार्य है। अभ्यर्थी के पास स्नातक की डिग्री के साथ किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से पुस्तकालय विज्ञान में स्नातक की डिग्री होनी चाहिए।

स्नातक में न्यूनतम 45 प्रतिशत अंक आवश्यक होंगे। निर्धारित श्रेणियों के अभ्यर्थियों को इसमें पांच प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी।

सभी वर्गों को उम्र सीमा में 10 वर्ष की छूट
परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को आयु सीमा में सभी वर्गों के लिए 10 वर्ष की छूट दी जाएगी। पात्रता से जुड़ी अन्य शर्तें बोर्ड की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार लागू होंगी।

किस वर्ग के लिए कितने न्यूनतम अंक जरूरी
पात्रता परीक्षा में सफल होने के लिए अलग-अलग श्रेणियों के लिए न्यूनतम अर्हतांक निर्धारित किया गया है।
श्रेणी                                                  न्यूनतम अर्हतांक
सामान्य वर्ग                                       50 प्रतिशत
पिछड़ा वर्ग                                         45.5 प्रतिशत
अत्यंत पिछड़ा वर्ग                              42.5 प्रतिशत
अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति     40 प्रतिशत
दिव्यांग                                                 40 प्रतिशत
महिला                                                  40 प्रतिशत

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बिहार में बारिश का दौर थमेगा, अगले 2 दिन 5 डिग्री तक बढ़ सकता है तापमान https://eveningtimescg.com/the-rainy-season-in-bihar-will-stop-temperatures-may-rise-by-5-degrees-in-the-next-two-days/ Sun, 27 Sep 2026 14:40:00 +0000 https://eveningtimescg.com/the-rainy-season-in-bihar-will-stop-temperatures-may-rise-by-5-degrees-in-the-next-two-days/ पटना
 बिहार के लोगों को अब पिछले दिनों हुई झमाझम बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना (IMD) द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार में मानसून सक्रिय रहा।

पश्चिमी चंपारण और सीतामढ़ी जिलों के एक-दो स्थानों पर बहुत भारी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा गोपालगंज, सिवान, पूर्वी चंपारण, शिवहर, मधुबनी, सुपौल और पटना जिले में भी भारी वर्षा हुई है।

पिछले 24 घंटों में वर्षा और हवा के आंकड़े
पिछले 24 घंटे में वाल्मीकिनगर (194.8 मिमी), सोनबरसा (190.0 मिमी), मैनाटांड़ (168.4 मिमी), मधुबनी (108.6 मिमी), रघुनाथपुर (102.2 मिमी) और पिपराही (100.8 मिमी) बारिश दर्ज की गई है। वहीं, राजधानी पटना में 61.2 मिमी बारिश दर्ज की गई।

पिछले 24 घंटे में कैमूर (भोजपुर) जिले में सबसे तेज 65 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवा दर्ज की गई। पिछले 24 घंटे में सर्वाधिक अधिकतम तापमान पूर्णिया में 33.2 डिग्री सेल्सियस और सबसे कम न्यूनतम तापमान रोहतास के डेहरी में 21.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

कल का मौसम
मौसम विभाग के अनुसार कल सोमवार 28 सितंबर को उत्तर-पश्चिम और उत्तर-मध्य भागों में मेघगर्जन, बिजली चमकने तथा 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के आसार हैं।

तापमान में बदलाव का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार अगले 2 दिनों के दौरान राज्य के अधिकांश भागों में अधिकतम तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस से 5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने का पूर्वानुमान है। वहीं, अगले 2-3 दिनों में न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन देखने को नहीं मिलेगा।

 

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राजस्थान में 35 लाख लोगों को मिलेगा पानी, ईसरदा बांध से दौसा-सवाईमाधोपुर तक पहुंचा पानी https://eveningtimescg.com/3-5-million-people-in-rajasthan-will-receive-water-water-from-isarda-dam-reaches-dausa-sawai-madhopur/ Sun, 27 Sep 2026 14:20:00 +0000 https://eveningtimescg.com/3-5-million-people-in-rajasthan-will-receive-water-water-from-isarda-dam-reaches-dausa-sawai-madhopur/ जयपुर
ईसरदा बांध से दौसा और सवाईमाधोपुर के गांवों और शहरों तक पानी पहुंचाने की योजना पर काम तेज हो गया है। ईसरदा बांध से पानी फिल्टर प्लांट तक पहुंच चुका है। 225 एमएलडी क्षमता वाले प्लांट की टेस्टिंग चल रही है।

करीब 3588 करोड़ रुपए की इस परियोजना के पूरा होने के बाद 1256 गांवों और छह कस्बों को पानी मिलने लगेगा। इससे करीब 35 लाख लोगों को फायदा होगा। परियोजना में 3.06 लाख से ज्यादा घरों तक पानी का कनेक्शन पहुंचाने की योजना है। शहरी इलाकों में नवंबर तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद जिन ग्रामीण इलाकों में पाइपलाइन और पानी की टंकियों का काम पूरा हो चुका है, वहां घरों तक कनेक्शन देकर पानी पहुंचाया जाएगा।

299 किलोमीटर पाइपलाइन पूरी
ईसरदा से महुआ तक करीब 341 किलोमीटर लंबी मुख्य पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है। इसमें से अब तक लगभग 299 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। यानी ज्यादातर काम पूरा हो चुका है और बाकी हिस्से में भी तेजी से काम किया जा रहा है। इसके साथ ही ईसरदा और बगड़ी में पानी जमा करने के लिए बनाए जा रहे जलाशयों का काम भी पूरा हो गया है। इस पूरे हिस्से में अब तक करीब 1005.60 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं।

अलग-अलग काम, दौसा के 918 गांवों तक पहुंचेगा पानी
दौसा जिले में पानी पहुंचाने के लिए अलग-अलग हिस्सों में काम चल रहा है। लालसोट क्षेत्र के 302 गांवों और लालसोट शहर को पानी मिलेगा। यहां 2002 किलोमीटर में से 124.7 किलोमीटर पाइपलाइन बिछ चुकी है। दौसा क्षेत्र के 248 गांवों और दौसा शहर के लिए 1709 किलोमीटर पाइपलाइन बिछनी है, जिसमें 154 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है।

पाइप लाइन बिछी, सवाईमाधोपुर के 177 गांव भी जुड़ेंगे
बसवा क्षेत्र में 368 गांवों और बांदीकुई शहर को पानी मिलेगा। यहां 2077 किलोमीटर में से 1801 किलोमीटर पाइपलाइन बिछ चुकी है। महुआ क्षेत्र में भी 315 किलोमीटर में से 244 किलोमीटर पाइपलाइन का काम पूरा हो गया है। परियोजना का दायरा सवाई माधोपुर तक भी है। बौंली के 99, मलारना डूंगर के 61 और चौथ का बरवाड़ा के 17 गांवों यानी कुल 177 गांवों को इससे जोड़ा जाएगा।

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बिहार में 11 खाद्य पदार्थ जांच में असुरक्षित, हल्दी-लड्डू से लेकर पनीर तक में मिली गड़बड़ी https://eveningtimescg.com/11-food-items-in-bihar-tested-unsafe-with-impurities-found-in-everything-from-turmeric-and-laddus-to-paneer/ Sun, 27 Sep 2026 14:10:00 +0000 https://eveningtimescg.com/11-food-items-in-bihar-tested-unsafe-with-impurities-found-in-everything-from-turmeric-and-laddus-to-paneer/ पटना
 राज्य में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खाद्य संरक्षा विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है।

विभिन्न जिलों से लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूनों की प्रयोगशाला जांच में 11 नमूने असुरक्षित और निर्धारित मानकों के विपरीत पाए गए हैं।

स्वास्थ्य सचिव सह खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि ने खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत इन मामलों में अभियोजन की स्वीकृति दे दी है।

कोर्ट में अभ‍ियोजन दायर करने का निर्देश
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सक्षम न्यायालय में अभियोजन दायर करने का निर्देश दिया है। प्रावधानों के तहत दोष सिद्ध होने पर तीन महीने तक की जेल और तीन लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।

खाद्य संरक्षा विभाग के अनुसार खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच और निर्धारित मानकों के उल्लंघन के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

इन खाद्य पदार्थों के नमूनों में मिली गड़बड़ी

  1. अररिया : सिसाउना बस्ती स्थित मैसर्स सेंटर फार नेशनल डेवलपमेंट इनिशिएटिव से लिए गए हल्दी पाउडर के नमूने में मेटानिल येलो पाया गया।
  2. शेखपुरा : बरबीघा स्थित मैसर्स शिव शंकर होटल से लिए गए बेसन लड्डू के नमूने में मेटानिल येलो पाया गया।
  3. भोजपुर : शाहपुर स्थित मैसर्स संतोष किराना दुकान से लिए गए हल्दी के नमूने में लेड क्रोमेट पाया गया।
  4. जमुई : महाराजगंज चौक स्थित मैसर्स गोपाल होटल एंड स्वीट्स शॉप से लिए गए बेसन लड्डू के नमूने में मेटानिल येलो पाया गया।
  5. पूर्णिया : बनमनखी स्थित मैसर्स मोनाज पोद्दार से लिए गए भिंडी के नमूने में बाहरी/अतिरिक्त रंग की उपस्थिति पाई गई।
  6. सीतामढ़ी : मैसर्स गणपति ट्रेडर्स से लिए गए मल्टी-सोर्स एडिबल वेजिटेबल ऑयल के नमूने में निर्धारित सीमा से अधिक एसिड वैल्यू तथा तेल में घुलनशील सिंथेटिक रंग पाया गया।
  7. मुजफ्फरपुर : मैसर्स गोकुल स्वीट्स से लिए गए रोल बर्फी के नमूने में चांदी के वर्क के स्थान पर एल्युमिनियम फॉइल पाए जाने की पुष्टि हुई।
  8. अररिया : मैसर्स सेंटर फार नेशनल डेवलपमेंट इनिशिएटिव से लिए गए धनिया पाउडर के नमूने में ऑयल सॉल्युबल कलर और स्टार्च की उपस्थिति पाई गई।
  9. पटना : दानापुर स्थित मैसर्स मैन्युफैक्चरिंग यूनिट आफ द लंदन बलेरी (काव्या एंटरप्राइजेज) से लिए गए हल्दी पाउडर के नमूने में लेड क्रोमेट पाया गया।
  10. पटना : गुलजारबाग स्थित मैसर्स निखिल एंटरप्राइजेज से लिए गए सौंफ के नमूने में फास्ट ग्रीन एफसीएफ की उपस्थिति पाई गई।
  11. खगड़िया : मैसर्स रौशन पनीर से लिए गए पनीर के नमूने में फार्मेलिन और स्टार्च की उपस्थिति के साथ निर्धारित मानक से कम वसा पाई गई।

 

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झारखंड में वोटर लिस्ट में फर्जीवाड़े का खुलासा, 46 आवेदकों को नोटिस; 3 दिन में देना होगा जवाब https://eveningtimescg.com/voter-list-fraud-exposed-in-jharkhand-notices-issued-to-46-applicants-required-to-respond-within-3-days/ Sun, 27 Sep 2026 14:00:00 +0000 https://eveningtimescg.com/voter-list-fraud-exposed-in-jharkhand-notices-issued-to-46-applicants-required-to-respond-within-3-days/ पालोजोरी (देवघर)
मतदाता सूची में नाम चढ़वाने को लेकर लगातार फर्जीवाड़े की सूचना मिल रही है। ताजा मामला पालोजोरी प्रखंड क्षेत्र के उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय जमुआ बसहा बूथ संख्या- 251 से जुड़ा हुआ है। मतदाता सूची में नाम चढ़वाने के लिए 46 आवेदकों द्वारा फर्जी प्रमाण-पत्रों का सहारा लेने की बात सामने आई है।

फर्जी प्रमाण-पत्र का मामला खुलासा होने के बाद प्रखंड प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए सभी 46 लोगों को नोटिस भेजते हुए तीन दिनों के अंदर जवाब मांगा है। मिली जानकारी के अनुसार इन लोगों ने एडिटेड जाति व निवासी प्रमाण-पत्र जमा किया था।

सरकारी कार्रवाई और निर्देश जांच में फर्जी दस्तावेज पाए जाने के बाद प्रखंड प्रशासन ने सभी 46 संबंधित संदिग्ध मतदाताओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।

प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सभी को तीन दिनों के अंदर उपस्थित होकर अपने दस्तावेजों पर संतोषजनक स्पष्टीकरण देना होगा।

यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर उचित और संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो प्रशासन द्वारा इन सभी के खिलाफ फर्जीवाड़े का आपराधिक मामला दर्ज कराया जाएगा।

राज्य निर्वाचन आयोग की सक्रियता
वहीं एसआइआर के तहत इस तरह के फर्जीवाड़े को देखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग भी सक्रिय है। इसके तहत राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची में किसी भी प्रकार के अवैध समावेश या प्रविष्टी रोकने के लिए एसआइआर के तहत मल्टी-लेयर जांच की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, प्रशासन अब इस बात की भी गहन जांच कर रही है कि इन 46 आवेदकों के फर्जी प्रमाण-पत्र किस प्रज्ञा केंद्र या कंप्यूटर आपरेटर द्वारा तैयार की गई है, ताकि फर्जीवाड़ा करने वाले रैकेट पर भी कानूनी नकेल कसी जा सके व फर्जी तरीके से इस तरह के प्रमाण-पत्र बनाने वालों पर भी कानूनी कार्रवाई हो सके।

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जोधपुर में नींबू के तेवर तीखे, 250 रुपए किलो पहुंचा भाव; 10 रुपए में मिल रहा सिर्फ एक नींबू https://eveningtimescg.com/lemon-prices-in-jodhpur-are-rising-reaching-250-rupees-per-kg-just-one-lemon-is-available-for-10-rupees/ Sun, 27 Sep 2026 13:50:00 +0000 https://eveningtimescg.com/lemon-prices-in-jodhpur-are-rising-reaching-250-rupees-per-kg-just-one-lemon-is-available-for-10-rupees/ जोधपुर
जोधपुर में गर्मी और उमस के बीच आमजन की रसोई से नींबू गायब होने लगा है। भाद्रपद माह में मंडी में नींबू की नई आवक शुरू हो जाती है, जिससे अमूमन कीमतें नियंत्रण में रहती हैं। हालांकि, इस बार मुख्य उत्पादक क्षेत्रों से आवक कम होने और स्थानीय मांग में तेजी आने के कारण नींबू के तेवर तीखे हो गए हैं। रिटेल में नींबू 225 से 250 रुपए प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर बिक रहा है।

कीमत सुनकर आवक रह गई जया
जोधपुर में गृहणी जया कुमारी ने सब्जी ठेले पर आकर जब नींबू का दाम पूछा तो सब्जी वाले ने कहा कि 250 रुपए किलो। कीमत सुनकर जया कुमारी आवक रह गई। फिर काफी सोच विचार कर कहा एक नींबू दे दो। 10 रुपए का एक नींबू लेकर उन्होंने सब्जी वाले इस बढ़े हुए रेट के बारे में पूछा तो उसने कहा पीछे से ही नींबू का रेट तेज है।

उत्पादन पर मौसम की मार
जोधपुर में सब्जी मंडी कारोबारियों के अनुसार, इस सीजन में नींबू की फसल पर मौसम की अनिश्चितता का भारी असर पड़ा है। ऐन वक्त पर पैदावार प्रभावित होने से मंडियों में रोजाना आने वाली गाड़ियों की संख्या आधी रह गई है। आवक में गिरावट और गर्मी के कारण बढ़ती मांग से कीमतों में तेजी आई है।

रसोई का बजट बिगड़ा
एक पखवाड़े पहले तक 80 से 100 रुपए किलो तक बिकने वाला नींबू अब आम आदमी की पहुंच से बाहर होता दिख रहा है। सब्जी विक्रेता सुनील गहलोत का कहना है कि थोक मंडी से ही माल महंगा मिल रहा है, जिसके चलते उन्हें ऊंचे दामों में बेचना पड़ रहा है। नींबू के महंगा होने का असर अब सड़कों और बाजारों में लगने वाले शिकंजी व जूस के ठेलों पर भी साफ नजर आने लगा है, जहां गिलास के दाम बढ़ा दिए गए हैं।

सुनील गहलोत ने बताया कि अगले दो-तीन हफ्तों में नई फसल की आवक में सुधार नहीं होता, तब तक कीमतों में गिरावट की उम्मीद कम है।

 

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बिहार में अब 0.10 किमी की सड़क का भी होगा मेंटेनेंस, सात साल तक संभालेंगी निर्माण कंपनियां https://eveningtimescg.com/in-bihar-even-0-10-km-of-road-will-now-be-maintained-with-construction-companies-responsible-for-seven-years/ Sun, 27 Sep 2026 13:20:00 +0000 https://eveningtimescg.com/in-bihar-even-0-10-km-of-road-will-now-be-maintained-with-construction-companies-responsible-for-seven-years/  पटना
इस बार की रोड मेंटेनेंस पालिसी में जिन सड़कों को अगले सात वर्षों के रखाव को ले निर्माण कंपनियों को दिया गया है, उनमें प्राय: सभी जिलों में ऐसी सड़कें हैं जिनकी लंबाई एक किमी भी नहीं है।

पटना के लिए बने पैकेज में तो इसकी भरमार है। निर्माण कंपनी को अब इन छोटे-छोटे स्ट्रेच में अपनी सक्रियता दिखानी है। कहीं भी शिकायत मिली तो मामला ऊपर जाएगा।

पटना में 0.10 किमी लंबाई वाली सड़क का रख रखाव भी
पटना के लिए रोड मेंटेनेंस पालिसी के तहत जो पैकेज बना है उसमें एक छोटी सड़क 0.17 किमी लंबी दिखती है। यह सड़क नेहरू पथ में आयकर गोलंबर से तारमंडल की ओर आगे बढ़ने पर सोना मेडिकल हाल के समीप बनी सर्विस लेन है।

दिलचस्प यह है कि एक सड़क ऐसी है जिसकी लंबाई 0.10 किमी है। यह सड़क फुलवारीशरीफ स्थित पूर्णेंदुनगर से योगेंद्र भगत के घर तक की है।

न्यू डाकबंगला रोड में 0.40 किमी, बैंक रोड में 0.80 किमी, बंदर बागीचा में 0.10 किमी, चितकोहरा गाेलंबर से अश्नरोही सैन्य बेस तक 0.22 किमी सड़क के रख रखाव को रोड मेंटेनेंस पालिसी के पैकेज में जगह मिल गयी है।

बिहारशरीफ में भी छोटी-छोटी सड़कों का रख-रखाव
पटना से सटे बिहारशरीफ में भी छोटी लंबाई वाली सड़कों को रोड मेंटेनेंस पालिसी के तहत बने पैकेज में शामिल कर लिया गया है।

शहर के भीतर नालंदा कालेज रोड से बारादरी रोड तक की लंबाई 0.43 किमी है। अब यह रोड मेंटेनेंस पालिसी के पैकेज में शामिल है।

पावर ग्रिड कल्याणबिगहा से हरनौत रेलवे स्टेशन तक की सड़क 0.33 किमी है, दीपनगर बाजार रोड 0.70 किमी, कल्याण बिगहा बापास से चेरो बहादुरपुर लिंक रोड की लंबाई 0.28 किमी है और राजगीर के इंडो-होक्के लिंक रोड की लंबाई 0.95 किमी है। इन सड़को रख रखाव भी तय निर्माण कंपनी द्वारा किया जाएगा।

बोधगया में 0.58 किमी सड़क शामिल
रोड मेंटेनेंस पालिसी में शामिल सड़कों की सूची को देखें तो बोधगया में तिब्बत धर्मशाला से होटल ओम इंटरनेशनल तक की 0.58 किमी सड़क, मोतिहारी में पेट्रोल पंप से लेकर गायत्री मंदिर रोड 0.45 किमी, मुजफ्फरपुर में रेवाघाट रोड 0.60 किमी, समस्तीपुर में रेलवे ओवरब्रिज रोड 0.43 किमी, बेगूसराय में बरौनी रेलवे स्टेशन रोड 0.90 किमी भी छोटी सड़कों की सूची में प्रमुख है।

 

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NEET PG 2026 में झारखंड की पल्लाक्षी प्रसाद का कमाल, ऑल इंडिया रैंक 2 हासिल की https://eveningtimescg.com/jharkhands-pallakshi-prasad-achieved-all-india-rank-2-in-neet-pg-2026/ Sun, 27 Sep 2026 12:52:00 +0000 https://eveningtimescg.com/jharkhands-pallakshi-prasad-achieved-all-india-rank-2-in-neet-pg-2026/ रांची
24 सितंबर को जब NEET PG 2026 के नतीजे घोषित हुए, झारखंड का नाम एक बार फिर राष्ट्रीय पटल पर आ गया। रांची में जन्मीं और एयर फोर्स स्टेशन कानपुर में तैनात 28 वर्षीय मेडिकल ऑफिसर स्क्वाड्रन लीडर पल्लाक्षी प्रसाद ने ऑल इंडिया रैंक 2 हासिल की थी।

डायरेक्टर जनरल आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल सर्विसेज (DGAFMS) एयर मार्शल संदीप थरेजा ने AFMC के C3 बैच की पूर्व छात्रा को बधाई दी और इसे आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल सर्विसेज के लिए गर्व की उपलब्धि बताया।

पल्लाक्षी , जिनके नाम का अर्थ 'कोमल' है, उनके लिए यह सफर बिल्कुल भी आसान नहीं था। यह सफर बरसों की अनुशासित पढ़ाई, सैन्य सेवा और सीखने के प्रति अटूट समर्पण से भरा रहा है।

TOI से बातचीत में पल्लाक्षी ने कहा, "मैं हमेशा से डॉक्टर बनना चाहती हूं। भले ही मेरे माता-पिता दोनों इंजीनियर हैं, लेकिन उन्होंने कभी मेरे सपने के लिए मना नहीं किया। उन्होंने बस मेरा साथ दिया।"

पल्लाक्षी का करियर
रांची में जन्मीं और हैदराबाद में पली-बढ़ीं पल्लाक्षी ने दिल्ली पब्लिक स्कूल में पढ़ाई की और बिना कोई ड्रॉप ईयर लिए NEET UG 2016 में 1312वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल की थी।

अपने गृह राज्य में दाखिले के नियमों के कारण उनके विकल्प सीमित हो गए थे, लेकिन अपनी मां के कहने पर आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल कॉलेज (AFMC) में आवेदन करने से उनकी जिंदगी बदल गई।

सिलेक्शन प्रोसेस में लड़कियों की मेरिट लिस्ट में तीसरा स्थान हासिल करने के बाद उन्होंने AFMC में दाखिला लिया और अपने बैच में ओवरऑल मेरिट में छठे स्थान पर रहीं।

उन्होंने याद करते हुए कहा, "मुझे AFMC कैंपस और उससे जुड़ी हर चीज से लगाव हो गया। ग्रेजुएशन पूरा होने तक, मुझे यूनिफॉर्म पहनने में कोई हिचकिचाहट या अजनबीपन महसूस नहीं होता था। इसलिए, परमानेंट कमीशन लेने का फैसला मेरे लिए बहुत स्वाभाविक था।"

नेवी में हुआ सिलेक्शन
15 मई, 2021 को इंडियन नेवी में कमीशन मिलने के बाद, उन्होंने 2025 में इंडियन एयर फोर्स में जाने से पहले लगभग ढाई साल तक एक वॉरशिप पर मेडिकल ऑफिसर के तौर पर काम किया।

उनका कहना है कि शिप पर की गई सर्विस ने उनके व्यक्तित्व और काम के प्रति नज़रिए, दोनों को ही बेहतर बनाया। यूनिफॉर्म में रहते हुए भारत के सबसे मुश्किल पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम में से एक की तैयारी करने के लिए असाधारण अनुशासन की जरूरत थी।

उन्होंने कहा, "मरीजों को देखने के बीच, ड्यूटी के बाद, किताबों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के ज़रिए, जब भी समय मिलता, मैं पढ़ाई करती थी। बात रोज़ घंटों तक पढ़ने की नहीं थी, बल्कि लगातार पढ़ते रहने की थी,"

अपने मेंटर और मिलिट्री डॉक्टर डॉ. विनीत बेहरा की देखरेख में, उन्होंने अपनी इंटर्नशिप के दौरान बॉम्बे मेडिकल कांग्रेस में क्रॉनिक किडनी डिजीज पर एक रिसर्च पेपर भी पेश किया।

पलाच्छी का परिवार
अब वह स्पेशलाइज़ेशन के लिए रेडियोलॉजी, इंटरनल मेडिसिन और डर्मेटोलॉजी के बारे में सोच रही हैं।
उनके पिता, चंद्र किशोर प्रसाद, जो सेंट्रल रेलवे में प्रिंसिपल चीफ सेफ्टी ऑफ़िसर (PCSO) हैं और 'KAVACH किताब के सह-लेखक हैं और मां इंफोसिस में प्रैक्टिस हेड हैं।

पल्लाक्षी की शादी IAF के एक डॉक्टर से हुई है और वह 2025 से कानपुर में पोस्टेड हैं। जबकि उनके माता-पिता और छोटे भाई, क्षितिज प्रसाद, सभी ने इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र को चुना, पल्लाक्षी परिवार में सबसे अलग रहीं।

उन्होंने डॉक्टर बनने के अपने बचपन के सपने को पूरा किया और बाद में आर्म्ड फोर्सेज में सेवा करने वाली परिवार की पहली सदस्य बनीं। उनके भाई हैदराबाद से कंप्यूटर साइंस ग्रेजुएट हैं।

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