धर्म – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Sun, 27 Sep 2026 18:25:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg धर्म – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 28 सितंबर राशिफल: सोमवार का दिन इन राशियों के लिए रहेगा शुभ, मिलेगी तरक्की https://eveningtimescg.com/september-28-horoscope-monday-will-be-auspicious-for-these-zodiac-signs-they-will-achieve-progress/ Sun, 27 Sep 2026 18:25:00 +0000 https://eveningtimescg.com/september-28-horoscope-monday-will-be-auspicious-for-these-zodiac-signs-they-will-achieve-progress/ मेष
मेष राशि वालों का ध्यान घर और काम, दोनों तरफ रहेगा। सुबह किसी जरूरी काम को लेकर भागदौड़ हो सकती है। अगर नौकरी में किसी पुराने मामले पर बात चल रही है तो आज स्थिति कुछ साफ हो सकती है। कारोबारियों को ग्राहक से बातचीत के दौरान अपनी शर्तें स्पष्ट रखनी चाहिए। पैसों की स्थिति ठीक रहेगी, लेकिन घर की कोई जरूरत खर्च बढ़ा सकती है। परिवार के साथ बैठने का समय मिलेगा। प्रेम संबंध में साथी से खुलकर बात करने पर मन हल्का होगा। शरीर में थकान रहे तो आराम को टालें नहीं।

वृषभ
पिछले दिनों जिस काम को लेकर चिंता बनी हुई थी, उसमें आज कुछ राहत मिल सकती है। नौकरी करने वालों को किसी वरिष्ठ से जरूरी सलाह मिलेगी। काम बदलने या नई जगह कोशिश करने वाले लोगों की किसी से बातचीत हो सकती है। कारोबार में पुराने ग्राहक से दोबारा संपर्क बन सकता है। आमदनी के साथ खर्च भी रहेगा, इसलिए पैसा संभालकर चलना होगा। घर में किसी सदस्य की बात आपको थोड़ी परेशान कर सकती है। साथी के साथ समय बिताने से रिश्ते में गर्माहट आएगी। खानपान बिगाड़ने से बचें।

मिथुन
आज लोगों से बातचीत आपके लिए अहम रहेगी। किसी परिचित के जरिए काम की जानकारी मिल सकती है। नौकरी में आपकी सलाह किसी फैसले में शामिल की जा सकती है। कारोबारी किसी पुराने संपर्क को फिर से सक्रिय कर सकते हैं। रुका हुआ भुगतान मिलने की संभावना है, जिससे आर्थिक दबाव कुछ कम होगा। घर में किसी छोटे काम को लेकर आपकी जरूरत पड़ सकती है। प्रेम संबंधों में साथी के साथ अच्छी बातचीत होगी। दिनभर फोन या स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताने से सिरदर्द हो सकता है।

कर्क
आज हर काम तुरंत निपटाने की कोशिश न करें। कुछ चीजों को समय देना ही बेहतर रहेगा। नौकरी में जिम्मेदारी बढ़ सकती है और किसी काम की जवाबदेही भी आपको लेनी पड़ सकती है। कारोबार में नया फैसला लेने से पहले हिसाब जरूर देख लें। पैसों से जुड़ा कोई खर्च अचानक सामने आएगा। परिवार के किसी बड़े व्यक्ति की सलाह काम आ सकती है। रिश्ते में अपनी बात मनवाने के बजाय सामने वाले को भी सुनें। मानसिक थकान महसूस हो सकती है।

सिंह
कामकाज के लिहाज से दिन राहत देने वाला हो सकता है। पिछले कुछ समय से चल रहा कोई काम पूरा होने के करीब पहुंचेगा। नौकरी में अधिकारी आपके काम को नोटिस कर सकते हैं। कारोबार में नए ग्राहक से संपर्क होगा और आगे काम बनने की गुंजाइश रहेगी। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं, हालांकि कोई जरूरी खरीदारी करनी पड़ सकती है। परिवार में माहौल अच्छा रहेगा। प्रेम जीवन में साथी की ओर से सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

कन्या
आज कुछ काम उम्मीद से धीमे चलेंगे। इसके कारण परेशान होने की जरूरत नहीं है। नौकरी में पुराने कामों को समेटने पर ध्यान दें। कारोबार में किसी नई योजना को लेकर अभी जल्दबाजी न करें। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, लेकिन घर या वाहन से जुड़ा खर्च आ सकता है। परिवार में छोटी बात को लेकर मनमुटाव हो तो बातचीत से सुलझाएं। प्रेम जीवन में साथी को समय देना जरूरी होगा। लंबे समय तक बैठकर काम करने से शरीर में अकड़न हो सकती है।

तुला
आज काम को लेकर छोटी-सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है। नौकरी में दस्तावेज या जरूरी जानकारी भेजने से पहले उसे एक बार फिर देख लें। कारोबारियों को ग्राहक की शिकायत सुनकर ही जवाब देना चाहिए। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। गैरजरूरी सामान पर पैसा खर्च करने से बचें। परिवार में किसी सदस्य के काम में हाथ बंटाना पड़ सकता है। प्रेम संबंधों में पुरानी बात छेड़ने से माहौल खराब हो सकता है। पेट संबंधी परेशानी से बचने के लिए खानपान ठीक रखें।

वृश्चिक
दोस्तों और पुराने परिचितों के साथ संपर्क बढ़ेगा। इनमें से कोई व्यक्ति आपके काम से जुड़ी मदद कर सकता है। नौकरी में टीम के साथ मिलकर किया गया काम बेहतर तरीके से पूरा होगा। कारोबार में नए ग्राहक से बातचीत आगे बढ़ सकती है। धन के मामले में राहत मिल सकती है और पुराना पैसा वापस आने की खबर भी मिल सकती है। घर में किसी सदस्य की अच्छी खबर से खुशी होगी। प्रेम संबंधों में नजदीकी बढ़ेगी। स्वास्थ्य ठीक रहेगा।

धनु
आज किसी नए संपर्क से आगे के लिए रास्ता बन सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिले तो उसे बोझ न समझें, इससे आपकी पहचान बढ़ सकती है। कारोबार में बाहर के किसी व्यक्ति से संपर्क हो सकता है। पैसों की स्थिति संभली रहेगी और कोई छोटा लाभ भी मिल सकता है। परिवार में किसी शुभ काम की तैयारी पर चर्चा होगी। प्रेम जीवन में साथी के साथ बाहर जाने का मौका मिल सकता है। दिन अच्छा रखने के लिए अपनी दिनचर्या न बिगाड़ें।

मकर
आज कोई पुराना मामला फिर चर्चा में आ सकता है। नौकरी में सहकर्मी के साथ मतभेद हो तो बात को वहीं खत्म करना बेहतर होगा। कारोबारी किसी पुराने भुगतान को लेकर संपर्क कर सकते हैं। पैसा मिलने की उम्मीद है, लेकिन किसी को उधार देने में सावधानी रखें। घर में किसी करीबी की चिंता रहेगी। प्रेम संबंध में शक या अधूरी जानकारी के आधार पर फैसला न लें। मन परेशान हो तो थोड़ी देर अकेले रहना आपके लिए अच्छा रहेगा।

कुंभ
काम को लेकर आज स्थिति आपके पक्ष में जाती दिख सकती है। नौकरी में जिस काम को पूरा करने में दिक्कत आ रही थी, उसमें किसी की मदद मिल जाएगी। कारोबारियों को नया ग्राहक मिल सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए आज कोई योजना बनाई जा सकती है। हालांकि केवल योजना बनाने के बजाय उसके खर्च और फायदे का हिसाब भी देखें। घर में धार्मिक या शुभ काम की बात हो सकती है। प्रेम जीवन में साथी के साथ बातचीत सुखद रहेगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा

मीन
रविवार की शुरुआत थोड़ी उलझी हुई हो सकती है। अचानक आए किसी काम की वजह से पहले से बनाई योजना बदलनी पड़ेगी। नौकरी में जरूरी काम को टालने के बजाय पहले पूरा कर लें। कारोबार में किसी सौदे पर फैसला करने से पहले दूसरी तरफ की शर्तें अच्छी तरह समझें। आर्थिक मामलों में आज जोखिम लेने से बचना ठीक रहेगा।

]]>
एशियन गेम्स में पारुल चौधरी का कमाल, 1500 मीटर में चौथा स्थान; बनाया पर्सनल बेस्ट https://eveningtimescg.com/parul-chaudharys-impressive-performance-at-the-asian-games-finishing-fourth-in-the-1500m-set-a-personal-best/ Sun, 27 Sep 2026 09:25:00 +0000 https://eveningtimescg.com/parul-chaudharys-impressive-performance-at-the-asian-games-finishing-fourth-in-the-1500m-set-a-personal-best/ मेरठ
 एशियन गेम्स 2026 में स्टार एथलीट ओलिंपियन पारुल चौधरी ने महिलाओं की 1500 मीटर दौड़ में चौथा स्थान हासिल किया। पारुल ने 4 मिनट 09.46 सेकेंड का समय निकालकर अपना नया व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया। हालांकि वह पदक से चूक गईं, लेकिन व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ उनका प्रदर्शन आगामी स्पर्धाओं के लिए मजबूत संकेत माना जा रहा है।

1500 मीटर फाइनल में मुकाबला शुरू से ही तेज रहा। पारुल ने रेस के दौरान अग्रणी धाविकाओं के साथ बने रहने की कोशिश की, लेकिन अंतिम लैप में पदक की दौड़ में मामूली अंतर से पीछे रह गईं। बहरीन की नेली कोरिर ने 4:04.50 के गेम्स रिकार्ड समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। चीन की ली चुनहुई 4:05.50 के साथ दूसरे और जापान की नोजोमी तनाका 4:06.14 के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। भारत की दूसरी धाविका पूजा 4:16.78 के समय के साथ छठे स्थान पर रहीं।

पारुल के लिए इस दौड़ की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय रहा। 1500 मीटर में 4:09.46 का समय दर्ज कर उन्होंने अपनी गति और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को साबित किया। एशियन गेम्स जैसे बड़े मंच पर व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना उनके लिए खास उपलब्धि है। पारुल का एशियन गेम्स अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। उनके सामने अगले दो दिनों में दो बड़ी चुनौतियां हैं। 27 सितंबर को महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज फाइनल में वह उतरेंगी। इसके बाद 28 सितंबर को 5000 मीटर फाइनल में उनका मुकाबला होगा, जहां वह अपने पिछले एशियन गेम्स स्वर्ण पदक का बचाव करने उतरेंगी।

पारुल का कार्यक्रम इस बार खासा कठिन है। 1500 मीटर के बाद लगातार दो दिनों में 3000 मीटर स्टीपलचेज और 5000 मीटर जैसी लंबी दूरी की स्पर्धाएं उनके सामने हैं। ऐसे में अब उनकी चुनौती केवल गति की नहीं, बल्कि रिकवरी, स्टैमिना और रेस रणनीति की भी होगी। 1500 मीटर में पदक से चूकने के बाद पारुल के पास अगले दो फाइनल में वापसी का अवसर है। खासकर 5000 मीटर में वह अपने एशियन गेम्स खिताब का बचाव करेंगी। खेल प्रेमियों की निगाहें अब 27 और 28 सितंबर की इन दोनों स्पर्धाओं पर टिकी हैं।

]]>
27 सितंबर राशिफल: रविवार को इन राशियों पर बरसेगी भोलेनाथ की कृपा, जानें दिन का हाल https://eveningtimescg.com/horoscope-for-september-27-bholenaths-blessings-will-be-showered-upon-these-zodiac-signs-this-sunday-find-out-what-the-day-holds/ Sat, 26 Sep 2026 18:20:00 +0000 https://eveningtimescg.com/horoscope-for-september-27-bholenaths-blessings-will-be-showered-upon-these-zodiac-signs-this-sunday-find-out-what-the-day-holds/ मेष राशि- कामकाज में कुछ नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। शुरुआत में काम थोड़ा ज्यादा लगेगा, लेकिन सही तरीके से योजना बनाकर चलेंगे तो स्थिति संभल जाएगी। नौकरी में किसी अधिकारी से जरूरी बातचीत हो सकती है। कारोबार में पुराने संपर्क से फायदा मिलने की उम्मीद है। पैसों को लेकर बड़ा फैसला लेने से पहले अच्छी तरह सोच लें। घर-परिवार की किसी जरूरत पर खर्च हो सकता है। प्रेम संबंध में साथी की भावनाओं को समझना जरूरी रहेगा। छोटी बात को लेकर बहस करने से बचें। परिवार के किसी सदस्य से मदद मिल सकती है। सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन थकान को नजरअंदाज न करें।

वृषभ राशि- रुका हुआ काम आगे बढ़ सकता है। नौकरी में मेहनत का असर दिखाई देगा और किसी महत्वपूर्ण काम की जिम्मेदारी मिल सकती है। कारोबार में पुराने ग्राहक दोबारा संपर्क कर सकते हैं। इससे काम बढ़ने की संभावना है। आर्थिक स्थिति ठीक रहेगी, लेकिन पैसा बचाने पर ध्यान देना जरूरी होगा। किसी को उधार देने से पहले अपनी स्थिति जरूर देखें। प्रेम जीवन में रिश्ते सहज रहेंगे। साथी के साथ किसी जरूरी मुद्दे पर खुलकर बात हो सकती है। घर में माहौल अच्छा रहेगा। किसी बड़े की सलाह काम आ सकती है। खानपान में लापरवाही करने से पेट संबंधी परेशानी हो सकती है।

मिथुन राशि- बातचीत के जरिए कई काम आसान हो सकते हैं। नौकरी में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा और किसी अटके हुए काम को पूरा करने का रास्ता निकलेगा। कारोबार में नए लोगों से संपर्क बन सकता है। कोई नया सौदा शुरू होने की संभावना है। पैसों के मामले में स्थिति सामान्य रहेगी। अचानक कोई जरूरी खर्च सामने आ सकता है, इसलिए बजट बिगाड़ने से बचें। प्रेम जीवन में पुरानी नाराजगी दूर करने का मौका मिलेगा। साथी से मन की बात कह सकते हैं। परिवार में किसी सदस्य की जिम्मेदारी आपको संभालनी पड़ सकती है। ज्यादा देर तक मोबाइल या कंप्यूटर पर काम करने से आंखों में थकान हो सकती है।

कर्क राशि- कामकाज में व्यस्तता बढ़ सकती है। नौकरी में एक साथ कई जिम्मेदारियां मिलने से दबाव महसूस होगा। जरूरी काम पहले निपटाना बेहतर रहेगा। कारोबार में कोई फैसला लेने से पहले पूरी जानकारी जुटा लें। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, लेकिन पुराने खर्च परेशान कर सकते हैं। घर की किसी जरूरत पर पैसा खर्च होगा। प्रेम संबंध में भावनाएं हावी रह सकती हैं। साथी की किसी बात को तुरंत गलत समझने से बचें। परिवार के किसी बड़े सदस्य का सहयोग मिलेगा। नींद पूरी न होने से थकान महसूस हो सकती है। आराम के लिए थोड़ा समय निकालना जरूरी रहेगा।

सिंह राशि– काम के मामले में आत्मविश्वास बढ़ेगा। नौकरी में अपनी बात रखने का मौका मिलेगा और किसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी की कमान संभाल सकते हैं। कारोबार में नई डील को लेकर बातचीत आगे बढ़ सकती है। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होने के संकेत हैं। अटका हुआ पैसा मिलने की उम्मीद भी बन सकती है। हालांकि अचानक खर्च होने की संभावना बनी रहेगी। प्रेम संबंध में नजदीकी बढ़ेगी। साथी के साथ भविष्य से जुड़ी कोई योजना बन सकती है। परिवार में आपकी जिम्मेदारियां बढ़ेंगी। काम के बीच लगातार व्यस्त रहने से थकान हो सकती है। आराम और नींद का ध्यान रखें।

कन्या राशि– काम में छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देना जरूरी होगा। नौकरी में किसी रिपोर्ट, दस्तावेज या जरूरी जानकारी की दोबारा जांच कर लें। जल्दबाजी में की गई गलती से काम बढ़ सकता है। कारोबार में लेनदेन को लेकर सावधानी रखें। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। गैरजरूरी खरीदारी रोकना फायदेमंद होगा। प्रेम जीवन में विचारों का मतभेद हो सकता है, लेकिन बातचीत से मामला संभल जाएगा। साथी पर अपनी बात थोपने से बचें। परिवार में किसी बड़े की सलाह मिल सकती है। मानसिक थकान महसूस होने पर काम से थोड़ा ब्रेक लें। नींद पूरी करना जरूरी रहेगा।

तुला राशि- सहयोग मिलने से काम आसान होगा। नौकरी में टीम के साथ मिलकर किया गया काम अच्छा परिणाम दे सकता है। अधिकारियों के साथ संबंध बेहतर बनाने का मौका मिलेगा। कारोबार में साझेदारी से जुड़ा कोई प्रस्ताव सामने आ सकता है। शर्तों को समझे बिना फैसला न लें। आर्थिक स्थिति संतुलित रहेगी। जरूरी खर्च होंगे, लेकिन स्थिति नियंत्रण में रहेगी। प्रेम संबंध में मधुरता आएगी। साथी के साथ किसी पुराने मुद्दे पर बातचीत करके गलतफहमी दूर कर सकते हैं। परिवार में किसी शुभ काम की चर्चा हो सकती है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। तनाव कम रखने की कोशिश करें।

वृश्चिक राशि- काम को लेकर थोड़ा दबाव बना रह सकता है। नौकरी में पुराने काम की जिम्मेदारी फिर से सामने आ सकती है। मेहनत ज्यादा करनी पड़ेगी, लेकिन इसका फायदा आगे मिलेगा। कारोबार में बड़ा सौदा करने से पहले सभी पहलुओं को अच्छी तरह जांच लें। आर्थिक मामलों में उधारी से बचना बेहतर रहेगा। खर्चों पर नजर रखें। प्रेम संबंध में मन की बात दबाकर रखने से परेशानी बढ़ सकती है। साथी से खुलकर बात करें। परिवार के साथ समय बिताने से मन हल्का होगा। तनाव के कारण सिरदर्द या थकान हो सकती है। आराम को नजरअंदाज न करें।

धनु राशि- नई योजना पर काम शुरू करने का मौका मिल सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। काम बदलने या नई नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को कोई उपयोगी जानकारी मिल सकती है। कारोबार में नए संपर्क आगे चलकर फायदा दे सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए कोई नया रास्ता दिखाई देगा। खर्च करते समय भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखें। प्रेम जीवन में अच्छा तालमेल रहेगा। साथी के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन बाहर का ज्यादा तला-भुना खाना परेशानी बढ़ा सकता है।

मकर राशि- कामकाज में अनुशासन बनाए रखना जरूरी होगा। नौकरी में समय पर काम पूरा करने का दबाव रहेगा। अधिकारियों से बातचीत करते समय अपनी बात शांत तरीके से रखें। कारोबार में पुराने ग्राहक से फायदा मिल सकता है। आर्थिक स्थिति ठीक रहेगी, लेकिन कोई बड़ा खर्च बजट बिगाड़ सकता है। पैसे को लेकर जल्दबाजी में फैसला न लें। प्रेम जीवन में साथी के साथ किसी जरूरी विषय पर बातचीत होगी। परिवार में किसी सदस्य की चिंता आपको परेशान कर सकती है। उनकी मदद के लिए समय निकालना पड़ सकता है। कमर या पैरों में दर्द हो तो आराम करें। लगातार एक ही जगह बैठने से बचें।

कुंभ राशि– आर्थिक मामलों में राहत मिल सकती है। नौकरी में पुराने काम का अच्छा परिणाम सामने आ सकता है। किसी अधिकारी से जरूरी बातचीत भी हो सकती है। कारोबार करने वालों को रुका हुआ पैसा मिलने की उम्मीद है। आय बढ़ाने की कोई योजना भी बन सकती है। पैसा मिलने के बाद पूरा खर्च करने के बजाय कुछ हिस्सा बचाना बेहतर रहेगा। प्रेम जीवन में रिश्ते मजबूत होंगे। साथी की तरफ से कोई अच्छी खबर मिल सकती है। दोस्तों से मुलाकात या बातचीत मन खुश कर सकती है। परिवार के साथ भी अच्छा समय बीतेगा। ज्यादा भागदौड़ से शरीर में थकान हो सकती है।

मीन राशि– काम की शुरुआत थोड़ी धीमी हो सकती है, लेकिन धीरे-धीरे स्थिति बेहतर होगी। नौकरी में सहकर्मी की मदद से कोई जरूरी काम पूरा हो सकता है। कारोबार में नया फैसला लेने से पहले अनुभवी व्यक्ति की सलाह लेना फायदेमंद रहेगा। आर्थिक मामलों में सावधानी जरूरी है। अचानक कोई खर्च सामने आ सकता है। प्रेम जीवन में साथी के साथ दिल की बात साझा करने का मौका मिलेगा। किसी पुरानी गलतफहमी को दूर किया जा सकता है। परिवार का सहयोग मिलेगा। मानसिक दबाव ज्यादा महसूस हो तो खुद को थोड़ा समय दें। नींद पूरी न होने से थकान बढ़ सकती है, इसलिए आराम पर ध्यान दें।

]]>
पितृ पक्ष 2026: 27 सितंबर से शुरू होंगे श्राद्ध, 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या https://eveningtimescg.com/pitru-paksha-2026-shradh-to-begin-on-september-27-sarva-pitru-amavasya-on-october-10/ Sat, 26 Sep 2026 09:52:00 +0000 https://eveningtimescg.com/pitru-paksha-2026-shradh-to-begin-on-september-27-sarva-pitru-amavasya-on-october-10/ हिंदू धर्म में पितृ पक्ष को पूर्वजों के स्मरण और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का विशेष समय माना जाता है. इन दिनों परिवार अपने दिवंगत पूर्वजों की मृत्यु तिथि के अनुसार श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करते हैं. साल 2026 में पितृ पक्ष की शुरुआत 27 सितंबर से होगी. 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ इसका समापन होगा. हालांकि, 26 सितंबर को पूर्णिमा श्राद्ध किया जाएगा, जिसकी वजह से पितृ पक्ष की शुरुआत को लेकर 26 और 27 सितंबर की तारीख को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है.

26 सितंबर को पूर्णिमा श्राद्ध
26 सितंबर, शनिवार को पूर्णिमा श्राद्ध किया जाएगा. जिन पूर्वजों का निधन पूर्णिमा तिथि को हुआ है, उनके लिए इस दिन श्राद्ध कर्म करने की परंपरा है.

इसके अगले दिन यानी 27 सितंबर से प्रतिपदा श्राद्ध के साथ पितृ पक्ष की मुख्य तिथियां शुरू होंगी. इसलिए सामान्य तौर पर 27 सितंबर को पितृ पक्ष का पहला दिन माना जा रहा है.

27 सितंबर से शुरू होंगी मुख्य श्राद्ध तिथियां
27 सितंबर को प्रतिपदा श्राद्ध होगा. इसके बाद पूर्वज की मृत्यु तिथि के अनुसार अलग-अलग दिनों में श्राद्ध किया जाएगा.2026 में श्राद्ध की प्रमुख तिथियां इस तरह रहेंगी:

27 सितंबर — प्रतिपदा श्राद्ध
28 सितंबर — द्वितीया श्राद्ध
29 सितंबर — तृतीया श्राद्ध, महाभरणी श्राद्ध
30 सितंबर — चतुर्थी और पंचमी श्राद्ध
1 अक्टूबर — षष्ठी श्राद्ध
2 अक्टूबर — सप्तमी श्राद्ध
3 अक्टूबर — अष्टमी श्राद्ध
4 अक्टूबर — नवमी श्राद्ध
5 अक्टूबर — दशमी श्राद्ध
6 अक्टूबर — एकादशी श्राद्ध
7 अक्टूबर — द्वादशी और मघा श्राद्ध
8 अक्टूबर — त्रयोदशी श्राद्ध
9 अक्टूबर — चतुर्दशी श्राद्ध
10 अक्टूबर — सर्वपितृ अमावस्या

इस बार 30 सितंबर को चतुर्थी और पंचमी दोनों तिथियों का श्राद्ध एक ही दिन पड़ेगा. वहीं 29 सितंबर को महाभरणी और 7 अक्टूबर को मघा श्राद्ध रहेगा.

मृत्यु तिथि के अनुसार किया जाता है श्राद्ध
पितृ पक्ष में श्राद्ध के लिए अंग्रेजी कैलेंडर की तारीख नहीं, बल्कि हिंदू पंचांग की तिथि देखी जाती है. जिस तिथि को पूर्वज का निधन हुआ था, उसी तिथि में श्राद्ध करने की परंपरा है.

उदाहरण के लिए अगर किसी व्यक्ति का निधन कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को हुआ था, तो पितृ पक्ष में अष्टमी तिथि पर उनका श्राद्ध किया जाता है. इस वजह से हर परिवार के लिए श्राद्ध की तारीख अलग हो सकती है.

मृत्यु तिथि याद न हो तो क्या करें?
अगर किसी पूर्वज की मृत्यु की तिथि मालूम नहीं है, तो उनके लिए सर्वपितृ अमावस्या पर श्राद्ध करने की परंपरा है. 2026 में सर्वपितृ अमावस्या 10 अक्टूबर को होगी.

किसी वजह से निर्धारित तिथि पर श्राद्ध नहीं हो पाया हो, तब भी सर्वपितृ अमावस्या को पितरों के निमित्त श्राद्ध और तर्पण किया जा सकता है.

पितृ पक्ष में क्या किया जाता है?
पितृ पक्ष के दौरान पितरों का स्मरण करके तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध करने की परंपरा है. कई परिवारों में ब्राह्मणों को भोजन कराने, दक्षिणा देने और जरूरतमंदों को अन्न-वस्त्र का दान करने की परंपरा भी निभाई जाती है.

तर्पण में आमतौर पर जल, काले तिल और कुश का प्रयोग किया जाता है. इन कर्मों का उद्देश्य पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करना माना जाता है.

श्राद्ध किस समय करना चाहिए?
धार्मिक परंपरा में श्राद्ध कर्म के लिए मध्याह्न काल को उपयुक्त माना गया है. हालांकि, श्राद्ध का सटीक समय स्थान और स्थानीय पंचांग के अनुसार अलग हो सकता है. इसलिए अपने शहर के पंचांग के अनुसार श्राद्ध का मुहूर्त देखना बेहतर रहता है.

पितृ पक्ष में किन बातों का ध्यान रखें?
इन दिनों सात्विक भोजन करने और घर में शांत वातावरण रखने की परंपरा है. कई परिवार पितृ पक्ष में बाल कटवाने, मुंडन और नए मांगलिक कार्यों से दूरी रखते हैं. हालांकि, इन नियमों में परिवार और क्षेत्र के अनुसार अंतर हो सकता है.

श्राद्ध के दिन स्वच्छता का ध्यान रखना, स्नान करके साफ कपड़े पहनना और श्रद्धा के साथ पितरों का स्मरण करना धार्मिक परंपराओं का हिस्सा माना जाता है.

10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या
पितृ पक्ष का अंतिम दिन 10 अक्टूबर को होगा. इसे सर्वपितृ अमावस्या या महालय अमावस्या भी कहा जाता है. जिन पितरों की श्राद्ध तिथि मालूम नहीं है, उनके लिए इस दिन श्राद्ध करने की विशेष परंपरा है.

इस दिन तर्पण, पिंडदान, अन्न-वस्त्र दान और जरूरतमंदों को भोजन कराने जैसे कर्म किए जाते हैं. इसके साथ ही पितृ पक्ष का समापन हो जाएगा और इसके बाद शारदीय नवरात्र की शुरुआत होगी.

पितृ पक्ष 2026 की जरूरी तारीखें
26 सितंबर — पूर्णिमा श्राद्ध
27 सितंबर — प्रतिपदा, पितृ पक्ष की मुख्य शुरुआत
29 सितंबर — महाभरणी श्राद्ध
30 सितंबर — चतुर्थी-पंचमी श्राद्ध
7 अक्टूबर — मघा श्राद्ध
10 अक्टूबर — सर्वपितृ अमावस्या, पितृ पक्ष का समापन

]]>
5 दिसंबर तक सिंह राशि में रहेगा केतु, मेष-सिंह समेत इन राशियों को फायदा https://eveningtimescg.com/ketu-will-remain-in-leo-until-december-5th-benefiting-these-zodiac-signs-including-aries-and-leo/ Sat, 26 Sep 2026 09:16:00 +0000 https://eveningtimescg.com/ketu-will-remain-in-leo-until-december-5th-benefiting-these-zodiac-signs-including-aries-and-leo/ ज्योतिष में केतु को रहस्यमय और आध्यात्मिक ग्रह माना जाता है. इसे वैराग्य, आत्मचिंतन और अचानक होने वाले बदलावों से जोड़कर देखा जाता है. इस समय केतु सिंह राशि में गोचर कर रहा है, मघा नक्षत्र में स्थित है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार मघा नक्षत्र में केतु का प्रभाव कुछ राशियों के लिए करियर, कारोबार, धन और निजी जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है.

केतु मघा नक्षत्र के अलग-अलग पदों से गुजरते हुए 5 दिसंबर 2026 तक सिंह राशि में रहेगा. इसके बाद यह कर्क राशि में प्रवेश करेगा. ऐसे में आने वाला समय कुछ राशियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए यह समय कामकाज के लिहाज से अच्छा रह सकता है. कारोबार से जुड़े लोगों को नई डील या किसी पुराने काम से लाभ मिल सकता है. आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार के संकेत हैं.

नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है. मेहनत का परिणाम मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा. हालांकि किसी भी बड़े आर्थिक फैसले में जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा.

सिंह राशि
केतु का गोचर सिंह राशि में ही हो रहा है, इसलिए इस राशि के जातकों के लिए यह अवधि खास मानी जा सकती है. करियर में चल रही उलझनें कम हो सकती हैं और काम को लेकर नई दिशा मिल सकती है.

जिन लोगों को लंबे समय से तनाव या किसी फैसले को लेकर असमंजस था, उन्हें स्थिति स्पष्ट होने का अनुभव हो सकता है. अपने काम पर फोकस बनाए रखना आपके लिए फायदेमंद रहेगा.

धनु राशि
धनु राशि वालों के लिए केतु का यह प्रभाव कई मामलों में राहत देने वाला हो सकता है. किसी पुराने विवाद या कानूनी मामले में आगे बढ़ने का रास्ता मिल सकता है.

परिवार का सहयोग मिलने से मानसिक तनाव कम होगा. साथ ही आत्मविश्वास में बढ़ोतरी हो सकती है. काम के सिलसिले में ऐसी जिम्मेदारी मिल सकती है, जिससे आगे चलकर फायदा हो.

मीन राशि
मीन राशि के जातकों के लिए आने वाले दिन कारोबार और कामकाज में नए अवसर लेकर आ सकते हैं. कोई नई डील, प्रोजेक्ट या पार्टनरशिप सामने आ सकती है.

नौकरी करने वाले लोगों को भी नए काम की जिम्मेदारी मिल सकती है. निजी जीवन में लंबे समय से चली आ रही किसी उलझन को बातचीत के जरिए सुलझाने का मौका मिलेगा. रिश्तों में स्पष्टता बढ़ सकती है.

वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों के लिए यह अवधि काम में प्रगति के संकेत दे रही है. जिस काम को लेकर काफी समय से असमंजस था, उसमें धीरे-धीरे स्थिति साफ हो सकती है.

करियर और कारोबार में नए मौके मिल सकते हैं. किसी महत्वपूर्ण काम में सफलता मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा. हालांकि एक साथ कई फैसले लेने के बजाय प्राथमिकता तय करके आगे बढ़ना बेहतर रहेगा.

5 दिसंबर तक रहेगा केतु का प्रभाव
ज्योतिषीय गणना के अनुसार केतु फिलहाल सिंह राशि में है और मघा नक्षत्र के अलग-अलग पदों से गुजर रहा है. 3 अक्टूबर 2026 के आसपास यह मघा के पहले पद में प्रवेश करेगा. इसके बाद 5 दिसंबर 2026 को केतु सिंह राशि से निकलकर कर्क राशि में चला जाएगा.

इसलिए सितंबर के आखिरी दिनों से दिसंबर की शुरुआत तक का समय ज्योतिषीय दृष्टि से केतु के प्रभाव को समझने के लिए महत्वपूर्ण माना जा सकता है. हालांकि किसी व्यक्ति पर गोचर का वास्तविक प्रभाव उसकी जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति के आधार पर अलग-अलग हो सकता है.

]]>
9 अक्टूबर को शनि बदलेंगे नक्षत्र, इन 5 राशियों के करियर-धन पर असर https://eveningtimescg.com/saturn-will-change-its-constellation-on-october-9-affecting-the-career-and-wealth-of-these-5-zodiac-signs/ Sat, 26 Sep 2026 07:42:00 +0000 https://eveningtimescg.com/saturn-will-change-its-constellation-on-october-9-affecting-the-career-and-wealth-of-these-5-zodiac-signs/ ज्योतिष में शनि को कर्म, अनुशासन और मेहनत से जोड़कर देखा जाता है.  शनि की चाल में होने वाला बदलाव लंबे समय तक प्रभाव डालने वाला माना जाता है. अब अक्टूबर में शनि अपना नक्षत्र बदलने जा रहे हैं. ज्योतिषीय गणना के अनुसार 9 अक्टूबर 2026 को रात 7 बजकर 28 मिनट पर शनि उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करेंगे.   

शनि के इस नक्षत्र परिवर्तन को ज्योतिषीय मान्यताओं में खास माना जा रहा है, क्योंकि उत्तर भाद्रपद शनि का अपना नक्षत्र माना जाता है. इस बदलाव का असर सभी 12 राशियों पर अलग-अलग माना जाता है. इनमें वृषभ, मिथुन, कन्या, मकर और तुला राशि के जातकों के लिए आर्थिक और करियर से जुड़े सकारात्मक बदलावों की संभावना बताई गई है.   

9 अक्टूबर को क्या बदलेगा?
वर्तमान में शनि रेवती नक्षत्र के प्रथम पद में गोचर कर रहे हैं.  9 अक्टूबर को वह उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करेंगे. उपलब्ध ज्योतिषीय गणना के अनुसार यह परिवर्तन करीब 122 दिनों की अवधि से जुड़ा है. इस दौरान शनि की स्थिति का प्रभाव कामकाज, आर्थिक स्थिति और जिम्मेदारियों से जुड़े मामलों पर अलग-अलग रूप में देखा जा सकता है.   

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शनि मेहनत और कर्म के आधार पर परिणाम देने वाले ग्रह माने जाते हैं. इसलिए इस अवधि में जल्दबाजी के बजाय नियमित मेहनत और अनुशासन पर जोर देने की सलाह दी जाती है.   

वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि का यह नक्षत्र परिवर्तन नौकरी और आर्थिक मामलों में बदलाव का संकेत माना जा रहा है.  कामकाज में नई जिम्मेदारी मिल सकती है.  जिम्मेदारी बढ़ने के साथ आमदनी में सुधार की संभावना भी बताई गई है.   

जो लोग लंबे समय से किसी अवसर का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें अपने प्रयास जारी रखने चाहिए. नौकरीपेशा लोगों के लिए काम में बदलाव या नई भूमिका सामने आ सकती है.   

मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों के लिए 9 अक्टूबर के बाद का समय आर्थिक मामलों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.  आय के नए साधन बनने या पहले से चल रहे काम से फायदा मिलने की संभावना बताई गई है.   

नौकरी और कारोबार से जुड़े लोगों के लिए भी समय अनुकूल रहने की ज्योतिषीय मान्यता है. हालांकि आर्थिक फैसले लेते समय बजट और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखना जरूरी रहेगा.   

कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों के करियर में बदलाव देखने को मिल सकता है. नौकरी में प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना बताई गई है.  कुछ लोगों को बेहतर नौकरी का प्रस्ताव भी मिल सकता है.   

कारोबार करने वाले लोगों के लिए भी नए अवसर सामने आने की मान्यता है. इस दौरान किसी पुराने प्रोजेक्ट या रुके हुए काम से फायदा मिलने की संभावना बन सकती है.   

मकर राशि
मकर राशि के स्वामी शनि ही हैं. इसलिए शनि के अपने नक्षत्र में प्रवेश को इस राशि के लिए विशेष माना जा रहा है. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में प्रगति हो सकती है.  आर्थिक स्थिति में अचानक लाभ के अवसर भी बन सकते हैं.  हालांकि किसी भी बड़े निवेश या संपत्ति से जुड़े फैसले में पूरी जानकारी लेना जरूरी होगा.   

तुला राशि
तुला राशि के जातकों के लिए शनि का यह बदलाव रुके हुए कामों को गति देने वाला माना जा रहा है.  लंबे समय से अटके काम दोबारा शुरू हो सकते हैं. कमाई और खर्च के बीच संतुलन बनाने में भी मदद मिल सकती है. हालांकि बेवजह के खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा, ताकि आर्थिक लाभ का सही इस्तेमाल किया जा सके.   

किन क्षेत्रों पर पड़ सकता है असर?
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शनि का नक्षत्र परिवर्तन मुख्य रूप से करियर, आय, कारोबार, जिम्मेदारियों और संपत्ति से जुड़े मामलों में असर डाल सकता है.  किसी को नई जिम्मेदारी मिल सकती है तो किसी के रुके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं.   

हालांकि इसका प्रभाव व्यक्ति की पूरी जन्मकुंडली और दशा आदि पर भी निर्भर माना जाता है. इसलिए केवल राशि के आधार पर किसी व्यक्ति के भविष्य के बारे में निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता.   

शनि के इस बदलाव में क्या ध्यान रखें?
ज्योतिष में शनि को अनुशासन और कर्म से जोड़ा जाता है.  इसलिए इस अवधि में काम को टालने के बजाय समय पर पूरा करना, जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाना और आर्थिक मामलों में अनावश्यक जोखिम से बचना उपयोगी माना जाता है.  

]]>
पितृ पक्ष में इन 4 कामों से करें परहेज, श्राद्ध-तर्पण के बाद जरूर रखें सावधानी https://eveningtimescg.com/avoid-these-4-things-during-pitru-paksha-be-careful-after-shraddha-tarpan/ Sat, 26 Sep 2026 03:41:00 +0000 https://eveningtimescg.com/avoid-these-4-things-during-pitru-paksha-be-careful-after-shraddha-tarpan/  इस बार पितृ पक्ष की शुरुआत 27 सितंबर, रविवार से होने जा रही है और समापन 10 अक्टूबर, शनिवार के दिन होगा. हिंदू धर्म में पितृ पक्ष (श्राद्ध पक्ष) का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है. भाद्रपद पूर्णिमा से शुरू होकर आश्विन अमावस्या (सर्वपितृ अमावस्या) तक चलने वाले इन 16 दिनों में पूर्वजों (पितरों) की आत्मा की शांति, तृप्ति और आशीर्वाद प्राप्ति के लिए पिंड दान, तर्पण और श्राद्ध कर्म किए जाते हैं.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष के दौरान हमारे पूर्वज अदृश्य रूप में धरती पर आते हैं और परिजनों द्वारा दिए गए जल व अन्न को स्वीकार करते हैं. हालांकि, कई बार लोग विधि-विधान से पूजा और श्राद्ध तो कर लेते हैं, लेकिन उसके बाद कुछ अनजानी गलतियां कर बैठते हैं. ज्योतिष और शास्त्र नियमों के अनुसार, तर्पण या श्राद्ध पूजा के तुरंत बाद की गई 4 गलतियां आपकी पूरी पूजा का फल निष्फल कर सकती हैं और पितृ दोष का कारण बन सकती हैं. आइए जानते हैं कि पितरों की पूजा के बाद किन 4 कामों से सख्त परहेज करना चाहिए.

तर्पण के तुरंत बाद भोजन करना या भोजन में जल्दबाजी
श्राद्ध या तर्पण की पूजा संपन्न होने के तुरंत बाद स्वयं भोजन करने बैठ जाना सही नहीं माना जाता है. जब तक ब्राह्मणों को भोजन न करा दिया जाए और पंचबलि (गाय, कुत्ता, कौआ, देव और चींटी) के लिए भोजन का अंश न निकाल दिया जाए, तब तक गृहस्थ को स्वयं भोजन ग्रहण नहीं करना चाहिए. पितरों और पंचबलि को भोजन अर्पण के बाद ही सात्विक भोजन ग्रहण करें.

लहसुन-प्याज और तामसिक पदार्थों का सेवन
तर्पण या श्राद्ध कर्म करने के बाद भी पूरे पितृ पक्ष के दौरान घर का माहौल और भोजन सात्विक होना चाहिए. श्राद्ध पूजा के बाद भूलकर भी शराब, मांस-मदिरा या लहसुन-प्याज से युक्त तामसिक भोजन का सेवन न करें. ऐसा करने से पितर रुष्ट हो सकते हैं और घर की सुख-शांति प्रभावित हो सकती है.

घर में क्लेश, गुस्सा या किसी का अनादर करना
पितृ पक्ष के दौरान हमारे पूर्वज सूक्ष्म रूप में घर के आसपास ही मौजूद रहते हैं. तर्पण के बाद घर में कटु शब्द बोलना या अशांति फैलाना नकारात्मक ऊर्जा लाता है. श्राद्ध पूजा के बाद विशेष रूप से क्रोध, अहंकार और घर के सदस्यों या बुजुर्गों से वाद-विवाद करने से बचें. इसके अलावा, द्वार पर आए किसी भी गरीब, असहाय व्यक्ति या पशु-पक्षी को डांटकर न भगाएं, उन्हें अन्न-जल जरूर दें.

बाल-दाढ़ी कटवाना या नए वस्त्र-सामग्री की खरीदारी
हिंदू परंपरा में पितृ पक्ष को संयम, साधना और पूर्वजों के प्रति आदर व्यक्त करने का समय माना गया है, न कि भौतिक उत्सव या साज-सज्जा का. तर्पण और श्राद्ध पूजा वाले दिन बाल, नाखून या दाढ़ी कटवाने से बचना चाहिए. साथ ही, पूजा के तुरंत बाद नए कपड़े, वाहन या प्रॉपर्टी जैसी भौतिक सुख-सुविधाओं की खरीदारी या किसी नए मांगलिक कार्य की शुरुआत करने से परहेज करें.

श्राद्ध पूजा का पूर्ण फल पाने का सबसे आसान तरीका
पितृ पक्ष में तर्पण और पिंडदान के बाद अपने हाथों से गाय को हरा चारा या गुड़-रोटी, कौवे और कुत्ते को भोजन का अंश जरूर दें. कौवे को पितरों का संदेशवाहक माना जाता है, इसलिए उनके माध्यम से पहुंचाया गया अन्न सीधे पूर्वजों तक पहुंचता है. इसके बाद निष्काम भाव से पितरों से परिवार की सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना करें.

]]>
फ्रिज के ऊपर कपूर रखना शुभ माना जाता है? जानें वास्तु की मान्यता और सही तरीका https://eveningtimescg.com/is-placing-camphor-on-the-refrigerator-considered-auspicious-learn-about-vastu-beliefs-and-the-correct-method/ Fri, 25 Sep 2026 12:15:00 +0000 https://eveningtimescg.com/is-placing-camphor-on-the-refrigerator-considered-auspicious-learn-about-vastu-beliefs-and-the-correct-method/  घर में फ्रिज ऐसी जगह रखा जाता है, जहां उसका इस्तेमाल रोज होता है. वास्तु में घर की चीजों को किस जगह रखना चाहिए, इसे लेकर कई तरह की मान्यताएं हैं. इसी तरह फ्रिज के ऊपर कपूर रखने का उपाय भी काफी लोगों के बीच प्रचलित है. वास्तु विशेषज्ञ बाबा बिमलेश के अनुसार, कपूर का इस्तेमाल पूजा-पाठ और घर के माहौल से जुड़ी मान्यताओं में लंबे समय से किया जाता रहा है. वास्तु में इसे घर के माहौल को बेहतर रखने और नकारात्मकता कम करने से जोड़ा जाता है. इसी वजह से कुछ लोग फ्रिज के ऊपर कपूर रखना भी शुभ मानते हैं.

फ्रिज के ऊपर कपूर रखने की क्या मान्यता है?
घर में फ्रिज ऐसी जगह रखा जाता है जहां रोज इसका इस्तेमाल होता है. वास्तु में घर की चीजों की जगह को लेकर कई तरह की मान्यताएं बताई गई हैं. इसी तरह फ्रिज के ऊपर कपूर रखने का उपाय भी कुछ लोगों के बीच प्रचलित है. कपूर का इस्तेमाल पूजा और आरती में काफी समय से किया जाता रहा है. वास्तु से जुड़ी मान्यताओं में इसे घर के माहौल को साफ और बेहतर रखने से जोड़ा जाता है. कुछ लोग फ्रिज के ऊपर कपूर रखने को घर में अच्छी ऊर्जा बनाए रखने का एक तरीका मानते हैं.

धन-समृद्धि से भी जोड़ा जाता है कपूर
कुछ वास्तु मान्यताओं के अनुसार कपूर को घर की आर्थिक परेशानियों से भी जोड़कर देखा जाता है. माना जाता है कि कपूर से घर में मौजूद नकारात्मकता कम होती है और माहौल बेहतर रहता है. इसी वजह से इसे सुख-समृद्धि और धन से जुड़े कुछ वास्तु उपायों में भी शामिल किया जाता है. फ्रिज के ऊपर भारी सामान न रखें

फ्रिज के ऊपर जगह देखकर वहां कई लोग डिब्बे या दूसरी चीजें रख देते हैं. लेकिन ऐसा करने से बचना बेहतर है. खासकर भारी सामान, इलेक्ट्रॉनिक चीजें या ऐसी वस्तुएं फ्रिज के ऊपर नहीं रखनी चाहिए, जिनसे उसकी गर्मी बाहर निकलने में परेशानी हो. फ्रिज के आसपास थोड़ी जगह खुली रखना और उसकी सफाई करते रहना ज्यादा जरूरी है. इससे फ्रिज के आसपास हवा आने-जाने में भी आसानी रहती है.

फ्रिज किस दिशा में रखना चाहिए?
फ्रिज की दिशा को लेकर वास्तु में एक जैसी राय नहीं मिलती. अलग-अलग वास्तु मान्यताओं में पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम जैसी दिशाओं को उपयुक्त बताया गया है. कुछ जगहों पर उत्तर दिशा का भी जिक्र मिलता है. वहीं, कई वास्तु मान्यताओं में ईशान कोण में भारी इलेक्ट्रॉनिक सामान रखने से बचने की बात कही जाती है. हालांकि, ये सभी वास्तु से जुड़ी मान्यताएं हैं और हर घर की बनावट अलग होती है.

फ्रिज के ऊपर कपूर जलाने की गलती न करें
अगर आप कपूर का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो उसे फ्रिज के ऊपर रखकर जलाने से बचें. कपूर जलने पर आग और गर्मी पैदा होती है. इलेक्ट्रॉनिक सामान के ऊपर खुली लौ रखना सुरक्षित नहीं है. कपूर जलाना हो तो पूजा की जगह पर किसी सुरक्षित पात्र में जलाएं. इसे पर्दे, कागज, प्लास्टिक और दूसरी आसानी से आग पकड़ने वाली चीजों से दूर रखें.

फ्रिज के आसपास सफाई भी रखें
वास्तु से जुड़ी मान्यताओं में साफ और व्यवस्थित घर को अच्छा माना जाता है. इसलिए फ्रिज के ऊपर धूल जमा न होने दें और उसके आसपास बेकार सामान न रखें. फ्रिज के अंदर भी समय-समय पर सफाई करें. खराब या एक्सपायर हो चुका खाना बाहर निकाल दें. इससे फ्रिज साफ रहेगा और रोजमर्रा में उसका इस्तेमाल करना भी आसान होगा.

कपूर रखते समय इन बातों का रखें ध्यान
कपूर को ऐसी जगह रखें जहां छोटे बच्चे या पालतू जानवर आसानी से न पहुंच सकें. कपूर को निगलना नुकसान पहुंचा सकता है. अगर कपूर जलाते हैं, तो उसे जलता हुआ अकेला न छोड़ें. काम पूरा होने के बाद यह जरूर देख लें कि कपूर पूरी तरह बुझ गया है. सुरक्षा का ध्यान रखते हुए ही इसका इस्तेमाल करें.

]]>
26 सितंबर को बनेगा नवपंचम योग, इन 4 राशियों को धन-करियर में लाभ के संकेत https://eveningtimescg.com/navpancham-yoga-will-be-formed-on-september-26-indicating-financial-and-career-gains-for-these-4-zodiac-signs/ Fri, 25 Sep 2026 09:47:00 +0000 https://eveningtimescg.com/navpancham-yoga-will-be-formed-on-september-26-indicating-financial-and-career-gains-for-these-4-zodiac-signs/  वैदिक ज्योतिष में ग्रहों के गोचर और आपस में बनने वाले शुभ योगों का विशेष महत्व होता है. 26 सितंबर 2026 की सुबह 5 बजकर 32 मिनट पर चंद्रमा जैसे ही मीन राशि में प्रवेश करेंगे, वैसे ही कर्क राशि में विराजमान देवगुरु बृहस्पति के साथ उनका एक अत्यंत शुभ और कल्याणकारी 'नवपंचम योग' बन जाएगा.

ज्योतिष शास्त्र में गुरु को ज्ञान, भाग्य, समृद्धि और संतान का कारक माना गया है, जबकि चंद्रमा मन, सुख और आर्थिक स्थिति के प्रतीक हैं. जब गुरु और चंद्रमा एक-दूसरे से पांचवें और नौवें (त्रिकोण) भाव में स्थित होते हैं, तो नवपंचम राजयोग का निर्माण होता है. यह योग जातकों के जीवन में अपार सुख-समृद्धि, बौद्धिक क्षमता में वृद्धि और अचानक धन लाभ के योग बनाता है. आइए जानते हैं कि 26 सितंबर को बनने वाले इस नवपंचम योग से किन राशियों की किस्मत चमकने वाली है.

वृषभ राशि (Taurus)
 आय में जबरदस्त बढ़ोतरी और इच्छाओं की पूर्ति
कैसा रहेगा प्रभाव: चंद्रमा आपकी राशि से एकादश (आय व लाभ) भाव में संचार करेंगे.

मिलेंगे ये फायदे
 आपकी दैनिक और मुख्य आय में जबरदस्त उछाल देखने को मिलेगा. आय के नए-नए स्रोत बनेंगे. विदेश से जुड़ा व्यापार करने वालों को या बहुराष्ट्रीय कंपनियों में काम करने वाले लोगों को बड़ा आर्थिक फायदा हो सकता है.

कर्क राशि (Cancer)
 समाज में मान-सम्मान और व्यापार में बंपर मुनाफा
कैसा रहेगा प्रभाव: गुरु आपकी ही राशि (लग्न) में हैं और चंद्रमा आपके भाग्य (नवम) भाव में विराजमान होकर यह योग बनाएंगे.

मिलेंगे ये फायदे
 गुरु और चंद्र का यह त्रिकोण संबंध आपके भाग्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा. कार्यस्थल पर आपके मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी. बिजनेस में बड़े सौदे (Deals) फाइनल हो सकते हैं, जिससे आर्थिक स्थिति काफी मजबूत होगी.

वृश्चिक राशि (Scorpio)
अचानक धन लाभ और भाग्य का पूरा साथ
कैसा रहेगा प्रभाव: चंद्रमा आपकी राशि से पंचम भाव में रहेंगे और गुरु आपके भाग्य (नवम) भाव में विराजमान हैं.

मिलेंगे ये फायदे
शेयर बाजार, पुराने निवेश या पैतृक संपत्ति से अप्रत्याशित धन लाभ हो सकता है. रचनात्मक और शैक्षणिक कार्यों से जुड़े लोगों को बड़ी पहचान मिलेगी. परिवार के साथ धार्मिक यात्रा के योग बन रहे हैं और मन प्रसन्न रहेगा.

मीन राशि (Pisces)
 मानसिक शांति और करियर में बड़ी छलांग
कैसा रहेगा प्रभाव: चंद्रमा आपकी ही राशि (प्रथम भाव) में गोचर करेंगे और गुरु आपके पंचम (बुद्धि व संतान) भाव से नवपंचम संबंध बनाएंगे.

मिलेंगे ये फायदे
आपके लंबे समय से अटके हुए काम तेजी से पूरे होंगे. मानसिक तनाव दूर होगा और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी. जो छात्र उच्च शिक्षा या प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है.

नवपंचम योग के शुभ प्रभाव बढ़ाने के आसान उपाय
– 26 सितंबर को पूर्णिमा तिथि भी है, इसलिए सुबह स्नान के बाद भगवान सत्यनारायण या श्री हरि विष्णु की पूजा करें और पीले फल/मिष्ठान का भोग लगाएं.

– "ऊं बृं बृहस्पतये नमः" और "ऊं सोमाय नमः" मंत्रों का 108 बार जाप करें.

– किसी जरूरतमंद को चने की दाल, हल्दी, या पीले वस्त्र का दान करना शुभ फलदाई रहेगा.

]]>
Pitru Paksha 2026: 27 सितंबर से पहले घर में कर लें ये जरूरी तैयारियां https://eveningtimescg.com/pitru-paksha-2026-make-these-important-preparations-at-home-before-september-27/ Fri, 25 Sep 2026 09:06:00 +0000 https://eveningtimescg.com/pitru-paksha-2026-make-these-important-preparations-at-home-before-september-27/ हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का समय पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर माना जाता है. इस दौरान लोग अपने पितरों के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान जैसे कर्म करते हैं. मान्यता है कि इस अवधि में पूर्वजों का स्मरण करने और जरूरतमंदों को दान देने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है. साल 2026 में पितृ पक्ष की शुरुआत 27 सितंबर से होगी. इसका समापन 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ होगा. हालांकि, 26 सितंबर को पूर्णिमा श्राद्ध किया जाएगा. इसलिए पितृ पक्ष की तैयारियां शुरू करने का यह सही समय है.

पितृ पक्ष से पहले घर की करें सफाई
पितृ पक्ष शुरू होने से पहले घर की अच्छी तरह सफाई करना शुभ माना जाता है. खासकर पूजा स्थल, रसोई और घर के उन हिस्सों की सफाई करें जहां लंबे समय से सामान जमा है.बेकार और टूटी-फूटी चीजों को हटाकर घर को व्यवस्थित किया जा सकता है. धार्मिक मान्यताओं में साफ-सुथरे वातावरण को पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना गया है.

पूर्वजों की तस्वीरों को करें व्यवस्थित
अगर घर में दिवंगत परिजनों की तस्वीरें रखी हैं तो उन्हें साफ करके सम्मानपूर्वक व्यवस्थित कर लें. वास्तु से जुड़ी मान्यताओं में पूर्वजों की तस्वीरों के लिए दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा का उल्लेख मिलता है. हालांकि, तस्वीरें रखने के मामले में परिवार की परंपरा को प्राथमिकता देना उचित है. तस्वीरों को ऐसी जगह न रखें जहां रोजमर्रा में उनका अनादर हो या उन पर धूल जमा होती रहे.

श्राद्ध की तिथि पहले से पता कर लें
पितृ पक्ष में श्राद्ध सामान्य कैलेंडर की तारीख देखकर नहीं, बल्कि संबंधित तिथि के अनुसार किया जाता है. इसलिए परिवार के जिस सदस्य का श्राद्ध करना है, उनकी मृत्यु तिथि के अनुसार पहले से श्राद्ध की तिथि तय कर लें.अगर मृत्यु की तिथि मालूम नहीं है तो परिवार की परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार सर्वपितृ अमावस्या पर श्राद्ध किया जाता है. 2026 में सर्वपितृ अमावस्या 10 अक्टूबर को है.

पूजा और श्राद्ध की सामग्री पहले जुटा लें
श्राद्ध के दिन किसी तरह की जल्दबाजी से बचने के लिए जरूरी सामग्री पहले से तैयार रखी जा सकती है. पूजा की सामग्री, तिल, कुश, जल, फूल और भोजन आदि की व्यवस्था परिवार की परंपरा और स्थानीय विधि के अनुसार करें.

श्राद्ध की विधि अलग-अलग परिवारों और क्षेत्रों में अलग हो सकती है, इसलिए किसी विशेष कर्मकांड को लेकर संशय हो तो जानकार पंडित या परिवार की परंपरा के अनुसार ही आगे बढ़ें.

पितरों के नाम से करें दान
पितृ पक्ष में दान-पुण्य का भी विशेष महत्व बताया गया है. अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन, वस्त्र या उपयोगी सामान दान कर सकते हैं.

धार्मिक परंपराओं में दान को पितरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का एक माध्यम माना जाता है. इसलिए दिखावे के बजाय सामर्थ्य के अनुसार दान करना बेहतर माना जाता है.

घर में रखें शांत और सात्विक माहौल
पितृ पक्ष को पूर्वजों के स्मरण और श्रद्धा का समय माना जाता है. इसलिए इस दौरान घर में अनावश्यक विवाद और नकारात्मक माहौल से बचने की कोशिश करें.

पूर्वजों को याद करें, परिवार के बड़े-बुजुर्गों का सम्मान करें, जरूरतमंदों की मदद करें. इन बातों को धार्मिक अनुष्ठान के साथ-साथ कृतज्ञता और पारिवारिक स्मृति से भी जोड़ा जा सकता है.

2026 में कब से शुरू होगा पितृ पक्ष?
26 सितंबर 2026 को पूर्णिमा श्राद्ध होगा, जबकि 27 सितंबर से प्रतिपदा श्राद्ध के साथ मुख्य पितृ पक्ष शुरू होगा. इसका समापन 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के दिन होगा. इसके तुरंत बाद 11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि शुरू होगी.
 

]]>