NEWSDESK – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com Tue, 15 Sep 2026 11:46:20 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.2 https://eveningtimescg.com/wp-content/uploads/2026/05/EVENING-TIMES-1.jpg NEWSDESK – EVENINGTIMESCG https://eveningtimescg.com 32 32 सेवा संकल्प अभियान : प्रदेशभर में होंगे जनसेवा के कार्यक्रम https://eveningtimescg.com/%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%b5%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%aa-%e0%a4%85%e0%a4%ad%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87/ Tue, 15 Sep 2026 11:46:20 +0000 https://eveningtimescg.com/?p=95716 ▪धनंजय राठौर

‘सेवा संकल्प अभियान’ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित एक महीने का देशव्यापी अभियान है। इसका मकसद श्री मोदी के सेवा और विकास से जुड़े कामों को लोगों तक पहुंचाने के साथ जनसेवा के कार्यक्रमों को बढ़ाना है। इन कार्यक्रमों में रक्तदान शिविर, सफाई अभियान, स्कूलों में प्रतियोगिताएं आदि शामिल हैं।

इस अभियान का उद्देश्य जनसेवा के प्रति आभार व्यक्त करना, विकसित भारत 2047 का सामूहिक संकल्प लेना, केन्द्र एवं राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रत्येक नागरिक तक पहुँचाना तथा प्रत्येक परिवार की सहभागिता के साथ व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करना है।

‘सेवा संकल्प अभियान’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के (मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में) निरंतर जनसेवा और राष्ट्र निर्माण के कार्यकाल के सम्मान में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलने वाला एक राष्ट्रव्यापी अभियान है। सेवा गतिविधियां में नागरिकों को रक्तदान, वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य परीक्षण, जल संरक्षण और डिजिटल साक्षरता जैसी 25 सेवा गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। श्रमदान के रूप में नागरिकों से कम से कम 25 मिनट श्रमदान करने की अपील की गई है, जिसकी फोटो या वीडियो माई भारत पोर्टल पर अपलोड करने पर डिजिटल प्रमाण-पत्र मिलेगा।

विशेष कार्यक्रम के रूप में 17 सितम्बर 2026 को आशीर्वाद का दीया, नमो सेवा गाथा के तहत संभागीय मुख्यालय रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, अंबिकापुर (सरगुजा), और जगदलपुर (बस्तर), के आडिटोरियम में संस्कृति विभाग द्वारा जिला प्रशासन से समन्वय कर प्रस्तावित तिथि अनुसार कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। नमो सेवा गाथा अंतर्गत नुक्कड नाटक, नृत्य नाटिका जिले केस्थानीय कलाकार के माध्यम से सांस्कृतिक आयोजन किया जाएगा। सेवा सेतु अभियान (विकासखंडों में बहुउद्देशीय शिविर) और सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज जैसी अभिनव गतिविधियां आयोजित होंगी।

इन गतिविधियों का संचालन शासकीय विभागों के साथ-साथ नागरिकों तथा सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से भी किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में सभी आयु वर्ग की महिलायें, सामाजिक कार्यकर्ता, प्रतिष्ठित व्यक्तियों, जनप्रतिनिधियों, स्वैच्छिक संगठन, शैक्षणिक संस्थाएँ, स्वयं-सहायता समूहों, युवाओं, महिलाओं एवं आम नागरिकों को सक्रिय रूप से जोड़ा जाएगा।

कब से कब तक चलेगा अभियान

यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। 17 सितंबर को पीएम मोदी का जन्मदिन है, जबकि 7 अक्टूबर को उनके सार्वजनिक पद पर 25 साल पूरे होंगे। 17 अक्टूबर 2026 को अभियान का समापन बड़े कार्यक्रम के साथ किया जाएगा।

प्रदेशभर में होंगे सेवा कार्यक्रम

अभियान के तहत 17 सितंबर से 7 अक्टूबर के बीच स्कूल और कॉलेजों में ड्राइंग और भाषण प्रतियोगिता सभी सरकारी एवं प्राइवेट स्कूलों में आयोजित किए जाएंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा किये गए सेवा कार्यो और विकसित भारत की संकल्पना पर जानकारी दी जाएगी और ड्राइंग और भाषण प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसके अलावा रक्तदान शिविर, सफाई अभियान, प्रदर्शनियां, सेमिनार और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जागरूकता गतिविधियां होंगी। ब्लॉक स्तर पर ‘सेवा सेतु’ शिविर लगाए जाएंगे, जहां लोगों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने में मदद दी जाएगी।

आंगन का उत्सव’ में पोषण और महिला-बाल कल्याण पर जोर

25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक आंगनवाड़ी केंद्रों में ‘आंगन का उत्सव’ आयोजन किया जाएगा। इस दौरान पोषण, मातृ सहायता, टीकाकरण तथा महिला एवं बाल कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की जानकारी हितग्राहियों को दी जाएगी। कार्यक्रमों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए उनका सम्मान भी किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से महिलाओं, बच्चों और परिवारों को स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जागरूकता से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

कहानी बदलाव की’में सामने आएंगी सफलता की वास्तविक कहानियांg

अभियान के दौरान ‘कहानी बदलाव की’ पहल के तहत शासकीय योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों की वास्तविक सफलता की कहानियों का संकलन किया जाएगा। इन कहानियों के माध्यम से यह बताया जाएगा कि सरकारी योजनाओं का प्रभाव किस तरह आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। हितग्राहियों की सफलता की कहानियां अन्य पात्र नागरिकों को भी योजनाओं का लाभ लेने और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगी।

‘विकसित भारत’ पर रहेगा जोर

स्कूलों में विकसित भारत 2047 विषय पर चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं होंगी। ‘नमो सेवा’ के तहत नुक्कड़ नाटक और आंगनवाड़ी केंद्रों पर ‘आंगन मिलन सेवा’ जैसे कार्यक्रम भी रखे गए हैं। पिछले 25 वर्षों के सेवा कार्यो में, प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाएं और देश में आए बदलावों की कहानी को एक सरल, भावनात्मक और संगीतपूर्ण नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से गाँव – गाँव तक पहुंचाया जाएगा। यह कार्य प्रदेशभर के स्कूलों, कॉलेजों, पंचायत, सामुदायिक केंद्र एवं अन्य सार्वजानिक स्थलों पर आयोजित किया जाएगा ।

50 बदलाव वाले स्थानों का दौरा

‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ के तहत करीब 50 ऐसे स्थान चुने जाएंगे, जिन्हें बीजेपी मोदी सरकार के दौर में हुए बदलाव का उदाहरण मानती है। इनमें गुजरात की GIFT City और बस्तर जैसे स्थान शामिल हैं। सोशल मीडिया क्रिएटर्स को भी इन जगहों पर ले जाने की योजना है।

17 अक्टूबर को बड़ा समापन

अभियान के अंतिम दिन ‘जनसेवक महाकुंभ’ में पंचायत से संसद तक के करीब 1.25 लाख जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की योजना है। इस दौरान सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम’ की सभी छह कड़ियां गाने का कार्यक्रम प्रस्तावित है।
(लेखक संयुक्त संचालक, जनसंपर्क छत्तीसगढ़ है)

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वरिष्ठ पत्रकार रमेश शर्मा का निधन https://eveningtimescg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%a0-%e0%a4%aa%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%b6%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae/ Mon, 17 Aug 2026 11:09:37 +0000 https://eveningtimescg.com/?p=90637 पत्थलगांव। जशपुर जिले के वरिष्ठ पत्रकार श्री रमेश शर्मा का सोमवार प्रातः 05 बजे निधन हो गया।वे 70 वर्ष के थे।

विगत 5 दशकों से वे निष्पक्ष एवं जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ रहे। पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ होने के बाद भी उनकी लेखनी नहीं रुकी। उनका निधन पत्रकारिता जगत एवं समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। पाँच दशक में, उन्होंने सभी बड़े समाचार पत्रों के अलावा, न्यूज एजेंसी वार्ता और आईबीसी 24 के लिए काम किया।80-90 के दशक में, उन्होंने जशपुर सरगुजा जिले के दूरस्थ इलाकों की रिपोर्टिंग की, जिसे देशभर में स्थान मिला। श्री शर्मा अविभाजित मध्य प्रदेश के अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार रहे। छत्तीसगढ़ बनने के बाद वे अधिमान्यता समिति के सदस्य रहे। उनकी अंत्येष्टि बनारस के मणिकर्णिका घाट में होगी।
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फुंडहर में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत सैकड़ो पौधे रोपे गए https://eveningtimescg.com/%e0%a4%ab%e0%a5%81%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a4%b9%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%a1%e0%a4%bc-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%81-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a8/ Tue, 11 Aug 2026 15:33:03 +0000 https://eveningtimescg.com/?p=90511 रायपुर। जन प्रगति संगठन, फुंडहर, रायपुर (छ.ग.) द्वारा फुंडहर तालाब एवं खेल मैदान परिसर में एक विशाल पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ शासन एवं वन विभाग द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी अभियान “एक पेड़ माँ के नाम” के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम में बच्चों, युवाओं एवं स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और क्षेत्र को हरित एवं स्वच्छ बनाने का संकल्प लिया। इस दौरान परिसर में कुल 800 पौधे लगाए गए, जिनमें 400 फलदार पौधे और 400 ऑक्सीजन प्रदान करने वाले छायादार पौधे शामिल हैं। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि उनके संरक्षण की जिम्मेदारी लेना भी हम सभी का कर्तव्य है।

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गंभीर एवं दुर्लभ जन्मजात बीमारी से जूझ रहे नवजात को श्री शिशु भवन हॉस्पिटल ने दिया नवजीवन https://eveningtimescg.com/%e0%a4%97%e0%a4%82%e0%a4%ad%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%8f%e0%a4%b5%e0%a4%82-%e0%a4%a6%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%ad-%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a4/ Mon, 10 Aug 2026 08:52:56 +0000 https://eveningtimescg.com/?p=90197 एक सप्ताह वेंटिलेटर सपोर्ट, जटिल सर्जरी और करीब 30 दिनों की सतत चिकित्सा के बाद स्वस्थ होकर घर लौटा नवजात; Bilateral Choanal Atresia से था पीड़ित

बिलासपुर।

श्री शिशु भवन हॉस्पिटल, बिलासपुर की विशेषज्ञ चिकित्सकीय टीम ने गंभीर एवं दुर्लभ जन्मजात बीमारी बिलेट्रल कोएनल एट्रेसिया (Bilateral Choanal Atresia) से जूझ रहे एक नवजात का सफल उपचार कर उसे नया जीवन प्रदान किया है। करीब एक सप्ताह तक वेंटिलेटर सपोर्ट, आवश्यक जटिल सर्जिकल उपचार और लगभग 30 दिनों की सतत चिकित्सा एवं विशेष नर्सिंग देखभाल के बाद नवजात स्वस्थ अवस्था में अपने माता-पिता के साथ घर लौट गया।

बेबी ऑफ गौसिया परवीन, निवासी लोरमी, वार्ड क्रमांक-2, डोंगरी पारा, जिला मुंगेली का जन्म 03 जुलाई 2026 को हुआ था। जन्म के तत्काल बाद नवजात को सांस लेने में गंभीर परेशानी होने लगी। दोनों नासिका मार्ग जन्म से बंद होने के कारण उसकी स्थिति अत्यंत गंभीर थी।

नवजात को उसी दिन उपचार के लिए श्री शिशु भवन हॉस्पिटल, बिलासपुर लाया गया, जहां डॉ. श्रीकांत गिरी के नेतृत्व में चिकित्सकीय टीम ने तत्काल उपचार प्रारंभ किया। बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए सबसे पहले उसकी श्वसन एवं ऑक्सीजन की स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया।

क्या है Bilateral Choanal Atresia?

बीमारी के संबंध में डॉ. श्रीकांत गिरी ने बताया कि Bilateral Choanal Atresia नवजात शिशुओं में पाई जाने वाली एक दुर्लभ जन्मजात स्थिति है, जिसमें नाक के दोनों पिछले वायुमार्ग जन्म से ही बंद रहते हैं।

नवजात प्रारंभिक अवस्था में मुख्य रूप से नाक के माध्यम से सांस लेते हैं। ऐसी स्थिति में दोनों नासिका मार्ग बंद होने पर बच्चे को गंभीर श्वसन संकट और ऑक्सीजन की कमी हो सकती है तथा शरीर नीला पड़ने जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है। समय पर चिकित्सकीय सहायता नहीं मिलने पर यह स्थिति जानलेवा भी हो सकती है।

डॉ. गिरी के अनुसार ऐसे मामलों में सबसे पहली प्राथमिकता नवजात की सांस एवं ऑक्सीजन की स्थिति को स्थिर करना होती है। आवश्यकता के अनुसार वेंटिलेटर सपोर्ट दिया जाता है। बच्चे की स्थिति स्थिर होने के बाद बंद नासिका मार्ग को खोलने के लिए आवश्यक सर्जिकल उपचार किया जाता है।

इस प्रकार के जटिल उपचार में नियोनेटल, सर्जिकल, एनेस्थीसिया, नर्सिंग एवं सपोर्ट टीम के बीच बेहतर समन्वय अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।

एक सप्ताह वेंटिलेटर पर रहा नवजात

नवजात की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे करीब एक सप्ताह तक वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। चिकित्सकीय टीम द्वारा लगातार उसकी स्थिति की निगरानी की गई।

बच्चे की स्थिति आवश्यक रूप से स्थिर होने के बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों ने पूरी तैयारी के साथ जटिल सर्जिकल उपचार किया। इसके बाद भी नवजात को लगातार चिकित्सकीय निगरानी और विशेष नर्सिंग देखभाल में रखा गया।

करीब 30 दिनों की सतत चिकित्सा, निगरानी और विशेष देखभाल के बाद नवजात ने स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया। 08 अगस्त 2026 को उसे स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दी गई।

विशेषज्ञ चिकित्सकों की पूरी टीम ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

इस चुनौतीपूर्ण उपचार में डॉ. श्रीकांत गिरी, डॉ. रवि द्विवेदी, डॉ. अंकित ठकराल, डॉ. प्रणव अंधारे, डॉ. विशाल मांझी एवं डॉ. मोनिका जायसवाल सहित पूरी चिकित्सकीय टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

अस्पताल प्रबंधक श्री नवल वर्मा के मार्गदर्शन में नर्सिंग एवं सपोर्ट स्टाफ ने भी नवजात की देखभाल में संवेदनशीलता और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाई।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार इस सफलता में किसी एक व्यक्ति के बजाय पूरी टीम का समन्वित प्रयास महत्वपूर्ण रहा। गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंचे नवजात को स्थिर करने से लेकर सर्जिकल उपचार और उसके बाद की देखभाल तक प्रत्येक चरण में लगातार निगरानी की गई।

स्वस्थ बच्चे को गोद में लेकर भावुक हुए माता-पिता

लगभग एक महीने तक उपचार के बाद जब नवजात को स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी मिली तो परिवार के लिए यह अत्यंत भावुक क्षण रहा। बच्चे के माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू थे। उन्होंने उपचार करने वाले चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और अस्पताल की पूरी टीम के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।

नवजात का स्वस्थ होकर घर लौटना चिकित्सा विशेषज्ञता, समय पर उपचार, टीमवर्क, सतत निगरानी और मानवीय संवेदनाओं के समन्वय का प्रेरणादायक उदाहरण है।

एक नन्ही जिंदगी को मिला नया जीवन, एक परिवार की उम्मीद हुई साकार।

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कहानी पाठ के साथ राज्य सम्मेलन की तैयारी https://eveningtimescg.com/%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a0-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a5-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%8d/ Tue, 14 Jul 2026 18:43:08 +0000 https://eveningtimescg.com/?p=84347 इंदौर। मध्य प्रदेश प्रगतिशील लेखक संघ का 14 वां राज्य सम्मेलन अक्टूबर माह के अंत में इंदौर में आयोजित होगा। सम्मेलन की तैयारी हेतु अभिनव कला समाज सभागार में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में दो युवा लेखकों ने अपनी कहानियों का वाचन कर श्रोताओं को वर्तमान परिवेश, जीवन की विसंगतियों पर चिंतन-मनन का अवसर प्रदान किया।
अभय लोधी एवं रवि अहिरवार की कहानियां समकालीन समय का प्रतिनिधित्व करती है। अभय लोधी ने अपनी कहानी में एक ग्रृहणी के बंधन मुक्ति को आधार बनाया तो रवि अहिरवार ने देश के सामाजिक राजनीतिक परिवेश, उसके परिणामों की चिंता को साझा किया।
श्रोताओं के अनुसार कहानियों के कथानक विश्वसनीय एवं विषय आधारित हैं। भाषा सरल संप्रेषणिय और वातावरण के अनुकूल है। दोनों कहानियां समाज के मनोविज्ञान को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने में सफल रही है।
कहानियों पर विनीत तिवारी, जाकिर हुसैन, विवेक मेहता, जावेद आलम, अभय नेमा, सारिका श्रीवास्तव, विवेक, अजय इमोलिया, विनय चौधरी ने अपने विचार रखे। प्रलेसं इकाई सचिव हरनाम सिंह ने आभार व्यक्त किया ।

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शर्मनाक फैसला: बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी को पंचायत ने जुर्माना लेकर छोड़ा, चिकन पार्टी पर खर्च हुए ₹20 हजार https://eveningtimescg.com/shameful-decision-panchayat-lets-off-rape-accused-after-imposing-a-fine-%e2%82%b920000-spent-on-a-chicken-feast/ Mon, 13 Jul 2026 06:32:00 +0000 https://eveningtimescg.com/shameful-decision-panchayat-lets-off-rape-accused-after-imposing-a-fine-%e2%82%b920000-spent-on-a-chicken-feast/ रांची
झारखंड के गुमला जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने न सिर्फ इंसानियत बल्कि सिस्टम भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां तीन साल की मासूम बच्ची के साथ रेप की घटना के बाद पुलिस को सूचना देने के बजाय गांव में पंचायत बैठा दी गई. आरोप है कि पंचायत ने आरोपी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाकर मामला गांव में ही निपटाने की कोशिश की. इतना ही नहीं, आरोपी से मौके पर मिले 20 हजार रुपये से कुछ लोगों ने शराब और मांस की पार्टी भी कर ली. मामला तब खुला, जब गांव के ही एक व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दे दी. सूचना मिलते ही घाघरा थाना पुलिस गांव पहुंची, आरोपी को गिरफ्तार किया और पीड़िता की मां के बयान पर एफआईआर दर्ज कर ली।

घटना घाघरा थाना क्षेत्र के पलमा गांव की बताई जा रही है. पुलिस अब सिर्फ आरोपी की भूमिका ही नहीं, बल्कि मामले को दबाने की कोशिश करने वाले लोगों की भी जांच कर रही है. घाघरा थाना प्रभारी मोहन कुमार ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि तीन साल की बच्ची के साथ हुई गंभीर वारदात को गांव में पंचायत के जरिए दबाने की कोशिश की जा रही है. गांव के कुछ प्रभावशाली लोगों के दबाव के कारण परिवार थाने नहीं पहुंच पा रहा था. सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम तत्काल गांव पहुंची. वहां पीड़िता की मां का बयान दर्ज किया गया और उसी आधार पर आरोपी सुनील लोहरा के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस का कहना है कि बच्चों के खिलाफ यौन अपराध बेहद गंभीर श्रेणी में आते हैं. ऐसे मामलों में किसी भी तरह का समझौता या पंचायत का फैसला कानून के दायरे में मान्य नहीं होता।

मां से कहा- बच्ची मुझे दे दो, फिर कमरे में ले गया

पुलिस के अनुसार, घटना शाम करीब चार बजे की है. आरोपी सुनील लोहरा पीड़िता के घर पहुंचा. उस समय घर में बच्ची अपनी मां के साथ थी. आरोप है कि उसने महिला से कहा कि वह बच्ची को संभाल लेगा और महिला अपना काम कर ले. भरोसा मिलने के बाद वह बच्ची को अपने साथ कमरे में ले गया. कुछ देर बाद बच्ची के रोने की आवाज सुनकर मां वहां पहुंची. आरोप है कि बच्ची गंभीर रूप से घायल थी. इसके बाद परिवार को दुष्कर्म की आशंका हुई और गांव में हड़कंप मच गया. पुलिस बुलाने के बजाय पंचायत बुलाई गई घटना के बाद सबसे पहले पुलिस को सूचना देने की बजाय मामला गांव के कुछ लोगों तक पहुंचा. आरोप है कि पंचायत के कुछ सदस्यों ने इस मामले को गांव में ही निपटाने की योजना बनाई. बताया जा रहा है कि पहले बच्ची को एक निजी डॉक्टर के पास ले जाया गया. इसके बाद रविवार को पंचायत की बैठक हुई, जिसमें कथित तौर पर आरोपी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाने का फैसला लिया गया. सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने मौके पर 20 हजार रुपये दे दिए, जबकि शेष 80 हजार रुपये एक सप्ताह के भीतर जमा करने के लिए कहा गया।

जुर्माने के पैसों से की गई पार्टी
मामले का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि आरोपी से मिले 20 हजार रुपये से गांव में शराब और मांस की पार्टी की गई. स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, पंचायत के फैसले के बाद कुछ लोग उसी रकम से जश्न मना रहे थे. इसी दौरान पुलिस गांव पहुंच गई और पूरा मामला सामने आ गया. पुलिस ने आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद पीड़िता की मां का बयान दर्ज किया गया और कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अगर गांव के एक जागरूक व्यक्ति ने गुप्त सूचना नहीं दी होती, तो संभव है कि यह मामला पंचायत के फैसले के साथ दब जाता. यही सूचना पुलिस के लिए पूरे मामले तक पहुंचने का आधार बनी. पुलिस ने बिना देर किए गांव पहुंचकर कार्रवाई की और आरोपी को हिरासत में ले लिया. अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि किन लोगों ने पीड़ित परिवार पर दबाव बनाया और कानून की प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की।

पंचायत की भूमिका भी जांच के दायरे में
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पंचायत की बैठक किसने बुलाई, उसमें कौन-कौन शामिल था और किस आधार पर इतने गंभीर अपराध में आर्थिक जुर्माने का फैसला लिया गया. यदि जांच में यह सामने आता है कि किसी ने जानबूझकर अपराध को छिपाने, पीड़ित परिवार पर दबाव बनाने या साक्ष्य प्रभावित करने का प्रयास किया, तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

मुखिया ने कहा- बैठक की जानकारी नहीं थी
अरंगी पंचायत के मुखिया लोदो एक्का ने कहा कि पलमा गांव में हुई इस बैठक की उन्हें पहले से कोई जानकारी नहीं थी. उन्होंने कहा कि जब पुलिस गांव पहुंची और मामला सामने आया, तब उन्हें इस बैठक की सूचना मिली. उन्होंने इस पूरी पंचायत से खुद को अलग बताया है. कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों में किसी भी तरह का सामाजिक समझौता, पंचायत या आर्थिक लेनदेन कानून की नजर में स्वीकार्य नहीं है।

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क्या टीम इंडिया की टी20 योजनाओं में संजू सैमसन अब सिर्फ स्टेपनी बनकर रह गए? https://eveningtimescg.com/has-sanju-samson-been-reduced-to-merely-a-backup-option-in-team-indias-t20-plans/ Mon, 13 Jul 2026 06:20:00 +0000 https://eveningtimescg.com/has-sanju-samson-been-reduced-to-merely-a-backup-option-in-team-indias-t20-plans/ नई दिल्ली
भारतीय क्रिकेट में संजू सैमसन का नाम हमेशा उन खिलाड़ियों में लिया जाएगा, जिनकी प्रतिभा पर शायद ही कभी किसी ने सवाल उठाया हो. लेकिन यह भी उतना ही बड़ा सच है कि उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के साथ हमेशा 'अगर' और 'मगर' जुड़े रहे. कभी टीम में जगह नहीं मिली, कभी लगातार मौके नहीं मिले और जब मिले तो टीम का संयोजन बदल गया. अब एक बार फिर घटनाक्रम ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है, जहां यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या संजू सैमसन टीम इंडिया की टी20 योजनाओं से धीरे-धीरे बाहर होते जा रहे हैं या फिर वह सिर्फ एक 'स्टेपनी' बनकर रह गए हैं.

सवाल इसलिए भी बड़ा है क्योंकि सिर्फ चार महीने पहले तस्वीर बिल्कुल अलग थी. संजू सैमसन न सिर्फ टी20 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे, बल्कि 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' भी चुने गए थे. उस समय वह टीम इंडिया की सफलता के बड़े नायकों में गिने जा रहे थे. लेकिन सिर्फ चार महीने बाद तस्वीर बदलती नजर आ रही है. इंग्लैंड टी20 सीरीज में बीच में प्लेइंग इलेवन से बाहर होना, आखिरी मैच में मौका मिलना और फिर जिम्बाब्वे दौरे के लिए घोषित टीम में जगह नहीं मिलना इस ओर इशारा करता है कि फिलहाल वह टीम मैनेजमेंट की पहली पसंद नहीं हैं. यही वजह से सवाल उठ रहा है कि क्या संजू अब टीम इंडिया के लिए सिर्फ एक बैकअप यानी 'स्टेपनी' बनकर रह गए हैं.

इंग्लैंड दौरे से शुरू हुआ बड़ा सवाल
इस सवाल की शुरुआत इंग्लैंड दौरे से होती है. भारत की टी20 टीम शुरुआती मुकाबलों में बुरी तरह पिछड़ चुकी थी और सीरीज हाथ से निकल चुकी थी. ऐसे समय में संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन में वापस लाया गया. पहली नजर में यह फैसला सकारात्मक लगा, लेकिन अगर घटनाक्रम को थोड़ा गहराई से देखें तो यह सवाल भी उठता है कि जब टीम सीरीज गंवा चुकी थी, तभी संजू की याद क्यों आई? अगर टीम मैनेजमेंट वास्तव में उन्हें अपनी भविष्य की योजनाओं का अहम हिस्सा मानता, तो क्या उन्हें शुरुआत से ही लगातार मौके नहीं मिलने चाहिए थे?

यह भी संभव है कि टीम प्रबंधन सभी विकल्पों को आजमाना चाहता हो. लेकिन एक दूसरा पहलू भी है. संजू को लेकर सोशल मीडिया पर लंबे समय से बहस चलती रही है. हर बार उनके बाहर होने पर चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट पर सवाल उठते हैं. ऐसे में इंग्लैंड सीरीज में उन्हें मौका देना उन आलोचनाओं को कुछ समय के लिए शांत करने की कोशिश भी माना जा सकता है.

हालांकि, सबसे बड़ा संकेत जिम्बाब्वे दौरे के लिए घोषित टीम से मिला. इंग्लैंड सीरीज के बीच ही तीन टी20 मैचों की इस सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान हुआ, लेकिन उसमें संजू सैमसन का नाम नहीं था. दूसरी ओर, वैभव सूर्यवंशी को एक बार फिर मौका मिला. इससे साफ संकेत मिला कि चयनकर्ता भविष्य की टीम तैयार करने पर ज्यादा जोर दे रहे हैं.

जिम्बाब्वे दौरा बताता है टीम इंडिया का रोडमैप
जिम्बाब्वे दौरे जैसी सीरीज में अक्सर नए खिलाड़ियों को मौका दिया जाता है. ऐसे दौरे अनुभवी खिलाड़ियों को भी लय हासिल करने का अवसर देते हैं. ऐसे में अगर चयनकर्ता संजू को अपनी लंबी योजना का हिस्सा मानते, तो उन्हें भी इस टीम में जगह मिल सकती थी. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इससे यह संकेत जरूर मिलता है कि चयनकर्ताओं की प्राथमिकता अब नई पीढ़ी तैयार करना है.

वैभव सूर्यवंशी पर टीम मैनेजमेंट का भरोसा साफ दिखता है. जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम का ऐलान इंग्लैंड सीरीज के दौरान ही हुआ और उसमें वैभव को जगह मिली, जबकि संजू सैमसन को नहीं. इससे यही संदेश जाता है कि चयनकर्ता युवा खिलाड़ियों पर लंबी अवधि का दांव लगाने के लिए तैयार हैं.

यानी एक खिलाड़ी भविष्य की योजना का हिस्सा है, जबकि दूसरे को जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल होने वाले विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है.

क्या संजू के लिए अभी भी खुला है वापसी का रास्ता?
क्या इसका मतलब यह है कि संजू सैमसन का अंतरराष्ट्रीय करियर खत्म हो गया है? अभी ऐसा कहना जल्दबाजी होगी. क्रिकेट में परिस्थितियां बहुत तेजी से बदलती हैं. चोट, खराब फॉर्म या टीम संयोजन में बदलाव किसी भी खिलाड़ी के लिए वापसी का रास्ता खोल सकते हैं.

लेकिन मौजूदा तस्वीर यही कहती है कि टीम इंडिया की टी20 रणनीति अब भविष्य की ओर बढ़ चुकी है. चयनकर्ता उन खिलाड़ियों में निवेश करना चाहते हैं, जिन्हें अगले पांच से सात वर्षों तक भारतीय क्रिकेट की रीढ़ बनाया जा सके. ऐसे में संजू सैमसन फिलहाल उस योजना के केंद्र में नजर नहीं आते.

फिलहाल तस्वीर यही कहती है कि संजू सैमसन टीम इंडिया की पहली पसंद नहीं हैं. उन्हें तब मौका मिलता है, जब टीम को किसी विकल्प की जरूरत होती है. यही वजह है कि उनके प्रदर्शन से ज्यादा उनकी भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं. मौजूदा हालात में वह नियमित सदस्य से ज्यादा एक 'स्टेपनी' की तरह नजर आते हैं.
 

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विश्व नंबर-1 यानिक सिनर ने लगातार दूसरी बार विम्बलडन पुरुष एकल खिताब जीता https://eveningtimescg.com/world-no-1-jannik-sinner-wins-wimbledon-mens-singles-title-for-the-second-consecutive-time/ Mon, 13 Jul 2026 06:11:00 +0000 https://eveningtimescg.com/world-no-1-jannik-sinner-wins-wimbledon-mens-singles-title-for-the-second-consecutive-time/ नई दिल्ली
विश्व नंबर-1 यानिक सिनर ने विम्बलडन 2026 का पुरुष एकल खिताब अपने नाम कर लिया है. सेंटर कोर्ट पर रविवार को खेले गए फाइनल में इटली के इस स्टार खिलाड़ी ने जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव को 6-7(7), 7-6(2), 6-3, 6-4 से हराकर लगातार दूसरी बार विम्बलडन चैम्पियन बनने का गौरव हासिल किया. करीब 3 घंटे 46 मिनट तक चले इस रोमांचक मुकाबले के साथ सिनर ने अपने करियर का पांचवां ग्रैंड स्लैम और 30वां एटीपी खिताब भी जीत लिया.

ज्वेरेव ने शुरुआत में सिनर को कड़ी चुनौती दी. पहले सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिली और किसी को भी ब्रेक पॉइंट नहीं मिला. मुकाबला टाई-ब्रेक तक पहुंचा, जहां ज्वेरेव ने शानदार सर्विस और आक्रामक खेल के दम पर पहला सेट अपने नाम किया. यह 2025 के वियना ओपन फाइनल के बाद पहली बार था जब ज्वेरेव ने सिनर के खिलाफ कोई सेट जीता.

हालांकि, पहले सेट की हार से सिनर बिल्कुल नहीं डगमगाए. दूसरे सेट में उन्होंने संयम बनाए रखा और टाई-ब्रेक में शानदार प्रदर्शन करते हुए मुकाबले को एक-एक सेट की बराबरी पर ला दिया. इस दौरान उनकी रिटर्न गेम और कोर्ट कवरेज पहले से कहीं बेहतर नजर आई.

तीसरे सेट में बदला फाइनल का रुख
तीसरा सेट विम्बलडन फाइनल का निर्णायक मोड़ साबित हुआ. ढाई घंटे से अधिक समय तक दोनों खिलाड़ियों की सर्विस नहीं टूटी थी. इसी बीच ज्वेरेव को मैच का पहला ब्रेक पॉइंट मिला, लेकिन सिनर ने बेहतरीन शॉट्स खेलकर खतरे को टाल दिया. इसके कुछ ही देर बाद एक लंबी रैली के दौरान ज्वेरेव घास पर फिसलकर अपने दाहिने घुटने पर गिर पड़े. सिनर तुरंत नेट के पास पहुंचे और खेल भावना का परिचय देते हुए अपने प्रतिद्वंद्वी का हालचाल पूछा. इस घटना के बाद ज्वेरेव की लय कुछ बिगड़ी और सिनर ने मौके का फायदा उठाते हुए मैच का पहला सर्विस ब्रेक हासिल कर लिया। इसके बाद उन्होंने 6-3 से तीसरा सेट जीतकर बढ़त बना ली.

चौथे सेट में नहीं दिया वापसी का मौका
चौथे सेट में ज्वेरेव ने वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन सिनर पूरी तरह लय में आ चुके थे. 3-3 की बराबरी के बाद उन्होंने निर्णायक ब्रेक हासिल किया और फिर शानदार सर्विस गेम खेलते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया. चैम्पियनशिप पॉइंट पर सिनर ने दमदार फोरहैंड विनर लगाया और जीत के साथ ही खुशी से सेंटर कोर्ट की घास पर लेट गए. इस जीत के साथ 24 वर्षीय सिनर ने कई बड़े रिकॉर्ड भी अपने नाम किए. वह ओपन एरा में पीट सैम्प्रास, रोजर फेडरर और नोवाक जोकोविच के बाद विश्व नंबर-1 रहते हुए लगातार दो बार विम्बलडन जीतने वाले केवल चौथे खिलाड़ी बने.

इसके अलावा यह उनके करियर की 100वीं ग्रैंड स्लैम मैच जीत भी रही. सिनर ने ज्वेरेव के खिलाफ लगातार 10वीं जीत दर्ज की और दोनों के बीच खेले गए पिछले 18 सेटों में से 17 अपने नाम किए. फ्रेंच ओपन में शुरुआती हार के बाद यानिक सिनर की फॉर्म पर सवाल उठ रहे थे, लेकिन विम्बलडन में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए साबित कर दिया कि पुरुष टेनिस में वह फिलहाल दुनिया के सबसे बेहतरीन खिलाड़ी क्यों हैं.

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IND vs ENG: वनडे सीरीज के लिए टीम इंडिया में तेज गेंदबाज की एंट्री, हर्षित राणा-वरुण चक्रवर्ती पर बड़ा अपडेट https://eveningtimescg.com/ind-vs-eng-fast-bowler-added-to-team-india-for-odi-series-major-update-on-harshit-rana-and-varun-chakravarthy/ Mon, 13 Jul 2026 06:03:00 +0000 https://eveningtimescg.com/ind-vs-eng-fast-bowler-added-to-team-india-for-odi-series-major-update-on-harshit-rana-and-varun-chakravarthy/ नई दिल्ली
इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज और जिम्बाब्वे दौरे से पहले टीम इंडिया को दो बड़े झटके लगे हैं. तेज गेंदबाज हर्षित राणा और स्पिनर वरुण चक्रवर्ती चोट के कारण क्रमश: ओडीआई सीरीज और जिम्बाब्वे टूर से बाहर हो गए. भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने दोनों खिलाड़ियों के रिप्लेसमेंट का ऐलान भी कर दिया। 

हर्षित राणा की जगह तेज गेंदबाज प्रिंस यादव को इंग्लैंड के खिलाफ वनडे टीम में शामिल किया गया है, जबकि वरुण चक्रवर्ती की जगह लेग-स्पिनर रवि बिश्नोई जिम्बाब्वे दौरे पर टी20 टीम का हिस्सा होंगे. हर्षित  को इंग्लैंड के खिलाफ ट्रेंट ब्रिज में खेले गए तीसरे टी20I मुकाबले के दौरान दाईं हैमस्ट्रिंग में अचानक तकलीफ महसूस हुई थी. इसके बाद उनके स्कैन कराए गए, जिसमें ग्रेड-1 हैमस्ट्रिंग इंजरी का पता चला. वह आगे की जांच और रिहैब के लिए बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) जाएंगे. हर्षित का बाहर होना वनडे सीरीज से पहले भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण के लिए झटका माना जा रहा है। 

प्रिंस यादव इससे पहले आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में टीम इंडिया के लिए टी20 इंटरनेशनल डेब्यू कर चुके हैं. वहीं अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में उन्होंने ओडीआई डेब्यू किया था. अब चयनकर्ताओं ने उन पर भरोसा जताते हुए इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के लिए वनडे टीम में शामिल किया है। 

दूसरी ओर, वरुण चक्रवर्ती को भी इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी20 के दौरान बाईं हैमस्ट्रिंग में परेशानी हुई थी. MRI स्कैन में उनकी चोट हर्षित राणा से ज्यादा गंभीर पाई गई. वरुण को ग्रेड-2 हैमस्ट्रिंग इंजरी हुई है. विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह के बाद वरुण को जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज से बाहर कर दिया गया है. वह भी इलाज और रिहैब के लिए बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जाएंगे।

जिम्बाब्वे दौरे के लिए रवि बिश्नोई की वापसी से भारतीय स्पिन गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती मिलने की उम्मीद है. जिम्बाब्वे दौरे पर भारतीय टीम की कमान श्रेयस अय्यर संभालेंगे, जबकि तिलक वर्मा को उपकप्तान बनाया गया है. वहीं इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में शुभमन गिल भारतीय टीम की कप्तानी करेंगे. रोहित शर्मा, विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह, कुलदीप यादव और केएल राहुल जैसे स्टार खिलाड़ी भी वनडे टीम का हिस्सा हैं। 

इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बरार और प्रिंस यादव। 

जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा (उप-कप्तान), ईशान किशन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, सूर्यांश शेडगे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, अशोक शर्मा, मयंक यादव, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर) और रवि बिश्नोई। 

भारत vs इंग्लैंड (वनडे सीरीज का शेड्यूल)
• 14 जुलाई: पहला वनडे, बर्मिंघम, दोपहर 3.30 बजे
• 16 जुलाई: दूसरा वनडे, कार्डिफ, शाम 5.30 बजे
• 19 जुलाई: तीसरा वनडे, लॉर्ड्स, दोपहर 3.30 बजे

भारत के जिम्बाब्वे दौरे का शेड्यूल
पहला टी20: 23 जुलाई, हरारे, शाम 4.30 बजे
दूसरा टी20: 25 जुलाई, हरारे, शाम 4.30 बजे
तीसरा टी20: 26 जुलाई, हरारे, शाम 4.30 बजे

 

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खरगोन में टैंकर में भीषण ब्लास्ट: वेल्डिंग के दौरान हुआ विस्फोट, 500 मीटर दूर तक उड़े परखच्चे https://eveningtimescg.com/massive-tanker-blast-in-khargone-explosion-occurs-during-welding-debris-scattered-up-to-500-meters-away/ Mon, 13 Jul 2026 05:52:00 +0000 https://eveningtimescg.com/massive-tanker-blast-in-khargone-explosion-occurs-during-welding-debris-scattered-up-to-500-meters-away/ खरगोन
मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में रविवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया. यहां मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित ग्राम मगरखेड़ी में एक टैंकर की वेल्डिंग के दौरान हुए भीषण विस्फोट में एक ग्रामीण की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. धमाका इतना भीषण था कि टैंकर के परखच्चे करीब 500 मीटर दूर तक जा गिरे. विस्फोट की चपेट में आने से आसपास खड़ी एक कार और नजदीकी मकानों के कांच भी टूट गए। 

टैंकर के अंदर गैस बनने से हुआ ब्लास्ट
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टैंकर में वेल्डिंग का कार्य चल रहा था, तभी अचानक जोरदार विस्फोट हो गया. धमाके की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी और घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई. ब्लास्ट के बाद ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए. हादसे में टैंकर चालक विनोद पिता श्रीराम (45), निवासी भैंसाचौबे, जिला बस्ती (उत्तर प्रदेश) व वेल्डिंग कर रहे नितेश पिता हरिनाथ (35), निवासी बिहार घायल हो गए. वहीं, टैंकर के उड़े हुए लोहे के टुकड़ों की चपेट में आकर भीम पिता भागीरथ रोकड़े (45), निवासी ग्राम मगरखेड़ी गंभीर रूप से घायल हो गए। 

हादसे के तुरंत बाद भीम को तत्काल ठीकरी अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई. सूचना मिलते ही खलटाका पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार टैंकर के अंदर गैस बनने के कारण वेल्डिंग के दौरान यह विस्फोट हुआ. गौरतलब है कि घटना राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे उस स्थान पर हुई, जहां रविवार को साप्ताहिक बाजार भी लगता है. यदि ये धमाका चौराहे या भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में होता, तो जनहानि कहीं अधिक हो सकती थी। 

विस्फोट के बाद आसपास के घरों के टूटे दरवाजे और कांच
मामले में बालाक्वाड़ा थाना इंचार्ज सागर चौहान का भी बयान आया है. उन्होंने कहा कि शाम के समय यह सूचना मिली कि मगारखेड़ी सर्विस रोड पर एक वेल्डिंग दुकान पर एक टैंकर की वेल्डिंग की जा रही थी, तभी ब्लास्ट हो गया और वेल्डिंग करने वाला व ड्राइवर घायल हो गए. वहीं हादसे में एक व्यक्ति की मौत भी हो गई। 

धमाका इतना भयानक था कि टैंकर के परखच्चे 500 मीटर दूर तक जा गिरे. साथ ही मोहल्ले के कई घरों के दरवाजे टूटे गए और आसपास खड़ी कार और मकानों के कांच भी टूटे. टैंकर आंध्र प्रदेश से क्रूड ऑयल लेकर झाबुआ के मेघनगर गया था और खाली कर लौट रहा था. फिलहाल हादसे को लेकर पुलिस जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जारी है। 

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