Home मध्यप्रदेश शंघाई में आयोजित वर्ल्ड स्किल्स कॉन्फ्रेंस में आईसेक्ट प्रतिनिधियों की सहभागिता

शंघाई में आयोजित वर्ल्ड स्किल्स कॉन्फ्रेंस में आईसेक्ट प्रतिनिधियों की सहभागिता

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भोपाल

चीन के शंघाई में 23 से 25 सितंबर तक आयोजित वर्ल्ड स्किल्स कॉन्फ्रेंस में फिक्की के स्किल्स डेलिगेशन के साथ आईसेक्ट के प्रतिनिधि सहभागिता कर रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल में आईसेक्ट इंडिया के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट डॉ. अभिषेक पंडित, स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. सीतेश कुमार सिन्हा तथा आईसेक्ट इंडिया के जनरल मैनेजर-प्रोजेक्ट्स अभिषेक गुप्ता शामिल हैं।
 
कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रतिनिधिमंडल वैश्विक स्तर पर कौशल विकास के बदलते स्वरूप, तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा, प्रशिक्षण पद्धतियों तथा उद्योग और कौशल विकास के बीच बेहतर समन्वय से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझ रहा है। प्रतिनिधिमंडल द्वारा शंघाई स्थित विभिन्न टेक्निकल इंस्टीट्यूट्स एवं इंडस्ट्रीज की विजिट भी की जा रही है। कुछ संस्थानों एवं उद्योगों का दौरा पूरा हो चुका है, जबकि अन्य संस्थानों की विजिट और विशेषज्ञों के साथ संवाद का क्रम जारी है।
 
इन विजिट्स के माध्यम से प्रतिनिधिमंडल तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा में अपनाई जा रही आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियों, उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं और युवाओं को रोजगारपरक कौशल प्रदान करने के लिए विकसित किए जा रहे विभिन्न मॉडलों को प्रत्यक्ष रूप से समझ रहा है।
 
आईसेक्ट लंबे समय से कौशल विकास और युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण से जोड़ने की दिशा में कार्य कर रहा है। इसी क्रम में पिछले दो वर्षों से आईसेक्ट द्वारा MPSSDM के साथ मिलकर स्टेट लेवल स्किल्स कॉम्पीटिशन का आयोजन स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी कैंपस में किया जा रहा है जिसमें आठ ट्रेड्स में 150 से अधिक युवाओं ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के माध्यम से युवाओं को अपने तकनीकी एवं व्यावहारिक कौशल का प्रदर्शन करने का अवसर मिला। इसमें पिछले वर्ष बेहतर प्रदर्शन करने वाले तीन प्रतिभागी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता तक भी पहुंचे।
 
वर्ल्ड स्किल्स कॉन्फ्रेंस में आईसेक्ट प्रतिनिधियों की सहभागिता के दौरान प्राप्त अनुभव वैश्विक कौशल विकास के बदलते परिदृश्य को समझने का अवसर प्रदान कर रहे हैं। विशेष रूप से तकनीकी संस्थानों और उद्योगों की विजिट के माध्यम से यह जानने का अवसर मिल रहा है कि किस प्रकार शिक्षा, तकनीक और उद्योग की आवश्यकताओं को एक साथ जोड़कर युवाओं को भविष्य के रोजगार के लिए तैयार किया जा रहा है।


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