नई दिल्ली
नई दिल्ली में 12 से 13 सितंबर के बीच BRICS का 18वां शिखर सम्मेलन होने जा रहा है लेकिन उससे पहले ही रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच शुक्रवार को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर द्विपक्षीय बातचीत की उम्मीद है। इस बातचीत में यूक्रेन और ईरान में जारी युद्धों पर चर्चा के साथ-साथ द्विपक्षीय आर्थिक और रक्षा संबंधों को मजबूत करने पर विचार किया जाएगा। चर्चा है कि रूस BRICS समिट से पहले आयोजित हो रहे 'इनोप्रोम इंडिया' एग्जीबिशन में रूसी कंपनियां भारत में अपनी एविएशन मौजूदगी बढ़ाने के लिए भारतीय एविएशन कंपनियों के साथ कई विमान खरीद समझौतों को अंतिम रूप देने की तैयारी कर रही हैं। इन प्रस्तावित डील्स में 105 रीजनल पैसेंजर विमान खरीद की डील शामिल है। इस डील से भारत में क्षेत्रीय विमानन उद्योग को पंख लगने के आसार हैं।
दरअसल, दोनों देशों के बीच बढ़ते एविएशन सहयोग में रूस के यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन (UAC) का IL-114-300 रीजनल पैसेंजर विमान मुख्य आकर्षण बनकर उभरा है। UAC के CEO वादिम बादेखा ने कहा है कि पिछले छह महीनों में भारतीय पार्टनर्स के साथ बातचीत में काफी प्रगति हुई है और नई दिल्ली में 'इनोप्रोम इंडिया' (Innoprom India) एग्जीबिशन के दौरान कई समझौतों को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। ये एग्जिबीशन नई दिल्ली में 9 से 11 सितंबर तक आयोजित हो रहे हैं।
किन-किन कंपनियों के साथ डील?
प्रस्तावित डील्स में पिनेकल एयर (Pinnacle Air) के लिए 50 IL-114-300 विमान, एयर केरल (Air Kerala) के लिए 20 विमान और स्लीक एविएशन (Sleek Aviation) के साथ हुए MoU (समझौता ज्ञापन) के तहत 35 और विमानों की योजना शामिल है। ये घटनाक्रम उस शुरुआती समझौते के बाद हुए हैं, जिस पर UAC ने जनवरी में भारतीय कंपनी फ्लेमिंगो एयरोस्पेस (Flamingo Aerospace) के साथ छह IL-114-300 विमानों की संभावित सप्लाई के लिए हस्ताक्षर किए थे। दोनों पक्षों ने हैदराबाद में 'विंग्स इंडिया' (Wings India) एविएशन एग्जीबिशन के दौरान इस समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
भारत में होगा SJ-100 रीजनल जेट का प्रोडक्शन
रूस भारत को विमान मैन्युफैक्चरिंग के विस्तार के लिए एक संभावित बेस के तौर पर भी देख रहा है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट में कहा गया है कि UAC के अनुसार, भारत में SJ-100 रीजनल जेट के लोकल प्रोडक्शन पर बातचीत लगभग 80 फीसदी पूरी हो चुकी है और जल्द ही समझौते पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। UAC और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने इस साल की शुरुआत में भारत में SJ-100 के जॉइंट लाइसेंस्ड प्रोडक्शन से संबंधित एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
'इनोप्रोम इंडिया' में 120 से अधिक कंपनियां शामिल
बता दें कि एविएशन सेक्टर में यह सहयोग तब तेजी पकड़ रहा है जब रूस पारंपरिक डिफेंस प्लेटफॉर्म्स से आगे बढ़कर भारत के साथ इंडस्ट्रियल सहयोग को गहरा करना चाहता है। प्रस्तावित विमान डील्स भारत-रूस एयरोस्पेस संबंधों के सिविल एविएशन, रीजनल कनेक्टिविटी और विमान मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्रों में संभावित विस्तार का संकेत देती हैं। BRICS समिट से पहले नई दिल्ली में 9 से 11 सितंबर तक आयोजित हो रहे 'इनोप्रोम इंडिया' (Innoprom India) में 120 से अधिक रूसी और भारतीय कंपनियां एक साथ आई हैं।




