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वंदे मातरम् विवाद पर इमरान मसूद का बयान, बोले- ‘अल्लाह के अलावा किसी की इबादत नहीं कर सकता’

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नई दिल्ली

वंदे मातरम् को लेकर जारी सियासी विवाद के बीच कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने एक बार फिर अपना रुख साफ किया है. उन्होंने कहा कि वे अल्लाह के अलावा किसी की वंदना या इबादत नहीं कर सकते. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे राष्ट्रीय गीत का किसी भी सूरत में अपमान नहीं करेंगे। 

इमरान मसूद ने कहा, "मेरा धर्म मुझे अपने धर्म के हिसाब से इबादत करने की इजाजत देता है. मैं अल्लाह के सिवा किसी की वंदना या इबादत नहीं कर सकता. संविधान ने मुझे यह अधिकार दिया है और कोई मुझसे यह अधिकार नहीं छीन सकता। 

कांग्रेस सांसद ने कहा कि वे वंदे मातरम् नहीं गाएंगे, लेकिन इसके सम्मान में खड़े जरूर होंगे. इससे पहले भी मसूद वंदे मातरम् को लेकर धार्मिक स्वतंत्रता का हवाला देते हुए ऐसा ही रुख जाहिर कर चुके हैं। 

'अपमान नहीं करूंगा, लेकिन गाऊंगा नहीं'
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि राष्ट्रगान उनके लिए सर्वोपरि है और वंदे मातरम् का भी वे सम्मान करते हैं. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि किसी को अपने धर्म के मुताबिक, इबादत करने के संवैधानिक अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता. मसूद ने यह भी कहा कि वंदे मातरम् को लेकर उन्हें देशभक्ति का प्रमाण देने की जरूरत नहीं है। 

बीजेपी पर लगाया मुद्दे को 'हथियार' बनाने का आरोप
इमरान मसूद ने वंदे मातरम् विवाद को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान जैसे मुद्दों को राजनीतिक हथियार बना रही है. उन्होंने कहा कि देशभक्ति का प्रमाण किसी राजनीतिक दल से लेने की जरूरत नहीं है. मसूद ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस के अधिवेशनों में पहले भी वंदे मातरम् गाया जाता रहा है। 

'दिमागी नक्सलवाद' पर भी बीजेपी को घेरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से 'दिमागी नक्सलवाद' को लेकर दिए गए बयान पर भी मसूद ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने आरोप लगाया कि नफरत फैलाने और लोगों को धर्म के नाम पर बांटने वाले लोग बीजेपी में हैं. उन्होंने कहा कि जिस धर्म में प्रेम और सहिष्णुता की बात होती है, उसके नाम पर नफरत फैलाना गलत है। 

वंदे मातरम् को लेकर यह विवाद ऐसे समय में है, जब केंद्र के प्रस्तावित कानून और राष्ट्रीय गीत के सम्मान को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार बयानबाजी हो रही है. इससे पहले भी मसूद ने कहा था कि वे वंदे मातरम् का सम्मान करेंगे, लेकिन अपनी धार्मिक मान्यताओं के कारण इसे गाने को लेकर सहमत नहीं हैं। 


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