लातेहार
बरकाकाना-बरवाडीह रेलखंड के महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन टोरी जंक्शन पर वर्षों से अधूरी पड़ी यात्रियों की सबसे बड़ी मांग अब धरातल पर उतरती दिखाई देने लगी है। पश्चिमी छोर पर प्रस्तावित करोड़ों रुपये लागत के फुट ओवरब्रिज (एफओबी) निर्माण की राह आखिरकार आसान होती नजर आ रही है।
रविवार से प्लेटफार्म संख्या पांच की लाइन संख्या सात को शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई, जिससे लंबे समय से निर्माण में आ रही तकनीकी बाधा दूर होने की उम्मीद है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यह प्रक्रिया पूरी होते ही एफओबी निर्माण का पहिया तेजी से घूमने लगेगा और वर्षों का इंतजार जल्द समाप्त हो सकेगा।
टोरी स्टेशन के टीआई संजय कुमार, स्टेशन अधीक्षक रंजीत कुमार समेत विभागीय अधिकारियों की देखरेख में रेलकर्मियों ने लाइन शिफ्टिंग का कार्य शुरू किया। सुरक्षा के मद्देनजर संबंधित लाइन पर ट्रेनों का परिचालन अस्थायी रूप से बंद रखा गया तथा जिन यात्री ट्रेनों का ठहराव इस लाइन पर होता था, उन्हें आवश्यकता के अनुसार दूसरी लाइन पर ठहराया गया अथवा वहीं से परिचालित किया गया।
पूरी प्रक्रिया तकनीकी मानकों के अनुरूप सावधानीपूर्वक कराई जा रही है। लाइन शिफ्टिंग शुरू होने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों में भी उत्साह देखने को मिला। कई लोग टोरी जंक्शन पहुंचकर कार्य की प्रगति का जायजा लेते रहे।
रेलवे और निर्माण एजेंसी से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि लाइन हटते ही निर्माण स्थल पूरी तरह उपलब्ध हो जाएगा और एफओबी का कार्य तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा। संवेदक प्रतिनिधि नौशाद आलम ने बताया कि परियोजना से जुड़ी कई तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई हैं।
रेल लाइन शिफ्टिंग के लिए लगभग 500 काउंटर फोर्ट वाल के निर्माण की प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है। यह कार्य पूरा होते ही निर्माण एजेंसी पूरी क्षमता के साथ एफओबी निर्माण में जुट जाएगी।
टोरी के टीआई संजय कुमार और स्टेशन अधीक्षक रंजीत कुमार ने बताया कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षित आवागमन को ध्यान में रखते हुए लाइन शिफ्टिंग कराई जा रही है। इसके पूरा होते ही फुट ओवरब्रिज निर्माण में तेजी आएगी।
रेलवे को उम्मीद है कि लंबे समय से जिस सुविधा का इंतजार हजारों यात्री कर रहे हैं, वह अब जल्द ही हकीकत का रूप लेगी। वर्षों से फाइलों में अटकी यह परियोजना अब पटरी पर लौटती दिख रही है और टोरी जंक्शन को शीघ्र ही आधुनिक व सुरक्षित पहचान मिलने की उम्मीद मजबूत हो गई है।




