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NEET-UG काउंसलिंग में बड़ा बदलाव, अब सीट अलॉटमेंट के बाद ऑनलाइन होगा दस्तावेज सत्यापन

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नई दिल्ली
 NEET-UG काउंसलिंग में सुधार के लिए केंद्र सरकार ने एक कदम और बढ़ाया है, जिससे अभ्यर्थियों को आसानी होगी। नए प्रावधान के अनुसार, अब अभ्यर्थियों को आवंटित मेडिकल कॉलेजों में बार-बार जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पहले या दूसरे राउंड में सीट अलॉट होने वाले अभ्यर्थी अब आगे की रिपोर्टिंग और दस्तावेज सत्यापन ऑनलाइन पूरा कर सकते हैं।

नए ढांचे के तहत, “फ़्लोट” ऑप्शन चुनने वाले अभ्यर्थी ऑनलाइन दस्तावेज सत्यापन पूरा कर सकते हैं और प्रोविजनल एडमिशन पा सकते हैं, और अगले राउंड के लिए अपनी अलॉटेड सीट बनाए रख सकते हैं। अगर बेहतर सीट अलॉट होती है, तो पहले वाली सीट अपने आप दूसरे उम्मीदवार को मिल जाएगी।

बता दें कि जो लोग “फ्रीज” ऑप्शन चुनते हैं, या तीसरे राउंड के बाद सीट बनाए रखते हैं, उन्हें मूल दस्तावेज के सत्यापन और फीस के पेमेंट सहित एडमिशन की औपचारिकता पूरी करने के लिए फिजिकल रूप से रिपोर्ट करना होगा।

जे पी नड्डा ने की समीक्षा
वहीं, NEET-UG काउंसलिंग शुरू होने से पहले बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने इन सुधारों का समीक्षा की। मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर के डिप्टी डायरेक्टर जनरल (मेडिकल एजुकेशन) डॉ. बी श्रीनिवास ने कहा, 'पहले हर अभ्यर्थी को, जिसे सीट अलॉट हुई थी, कॉलेज में खुद रिपोर्ट करना पड़ता था, भले ही वे बेहतर ऑप्शन के लिए अगले राउंड में हिस्सा लेना चाहते हों।' 'अब, वे ऑनलाइन दस्तावेज सत्यापन पूरा कर सकते हैं, अलॉट की गई सीट रख सकते हैं और काउंसलिंग प्रक्रिया में आगे बढ़ सकते हैं। अगर उन्हें बेहतर सीट मिलती है, तो पहले वाली सीट दूसरे उम्मीदवार को दे दी जाएगी। अगर नहीं, तो वे अपनी मूल सीट रख लेंगे।'

एक और बड़ा बदलाव
मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने ऑनलाइन इस्तीफा भी शुरू किया है, जिससे एलिजिबल अभ्यर्थी कॉलेज जाने के बजाय काउंसलिंग पोर्टल के जरिए अपनी अलॉट की गई सीट सरेंडर कर सकते हैं। साथ ही एक और बड़ा बदलाव किया गया। NRI कैटेगरी के तहत एडमिशन का पूरा डिजिटलीकरण है। जिन अभ्यर्थी को अतिरिक्त पात्रता दस्तावेज चाहिए, वे अब उन्हें ई-मेल से भेजने के बजाय एक डेडिकेटेड पोर्टल के जरिए अपलोड कर सकेंगे।

डॉ. बी श्रीनिवास ने कहा, 'पहले ये दस्तावेज कभी-कभी स्पैम फोल्डर में चले जाते थे या छूट जाते थे, जिससे सत्यापन में देरी होती थी। अब नया सॉफ्टवेयर सीधे ऑनलाइन सत्यापन की सुविधा प्रदान करेगा।

 


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