पटना
बिहार में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है। पटना एम्स के विस्तार के लिए राज्य सरकार 24 एकड़ अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराएगी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को पखवारे के भीतर भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है। इससे एम्स में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं का तेजी से विस्तार होगा। गंभीर मरीजों को राज्य में ही बेहतर इलाज मिल सकेगा।
200 नए आईसीयू बेड के साथ बढ़ेंगी सुविधाएं
अतिरिक्त भूमि मिलने के बाद पटना एम्स में करीब 200 नए आईसीयू बेड विकसित किए जाएंगे। इसके साथ कई नए सुपर स्पेशियलिटी विभाग भी शुरू किए जाएंगे।
इससे गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज की क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली एम्स की तर्ज पर होगा विकास
पटना एम्स के विस्तार को लेकर भाजपा सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। उन्होंने एम्स निदेशक का अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराने संबंधी अनुरोध पत्र भी सौंपा।
भूमि मिलने के बाद संस्थान को दिल्ली एम्स की तर्ज पर विकसित करने की योजना है। ट्रॉमा सेंटर, कैंसर उपचार और लीवर ट्रांसप्लांट जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इससे प्रदेश के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
दिल्ली-मुंबई जाने की जरूरत होगी कम
पटना एम्स में सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं बढ़ने से राज्य के मरीजों को बाहर इलाज के लिए कम जाना पड़ेगा। कई जटिल सर्जरी और गंभीर बीमारियों का इलाज बिहार में ही संभव हो सकेगा।
इससे इलाज का समय और खर्च दोनों कम होंगे। सरकार का लक्ष्य राज्य में विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित करना है।
पटना एम्स का यह विस्तार बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




