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नवरात्र व्रत में BP-शुगर न बढ़े, इन जरूरी बातों का रखें खास ध्यान

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नवरात्र केवल आस्था और आध्यात्मिक साधना का पर्व नहीं है, बल्कि यह शरीर को हल्का और शुद्ध करने का भी अवसर होता है। बहुत से लोग पूरे नवरात्र व्रत रखते हैं, लेकिन अक्सर व्रत के दौरान तली-भुनी चीजें या मिठाई वाली या फिर अत्यधिक कार्बोहाइड्रेट ले लेते हैं। इससे हमारे स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। अगर व्रत के दौरान हमारा आहार संतुलित रहे तो यह बहुत लाभकारी होता है।

व्रत में पोषण का महत्व

मैक्स हॉस्पिटल, नई दिल्ली में सीनियर न्यूट्रिशनिस्ट व चीफ डायबिटीज एजुकेटर में डॉ. शुभदा भनोत बताती हैं कि उपवास के दौरान शरीर को ऊर्जा, प्रोटीन, फाइबर, विटामिंस और खनिजों की आवश्यकता बनी रहती है। व्रत के दौरान अगर आप केवल आलू, साबूदाना या तली हुई चीजों पर निर्भर रहेंगे, तो ब्लड शुगर (रक्त शर्करा) तेजी से बढ़ और घट सकता है, जिससे कमजोरी, थकान और चक्कर आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए व्रत के आहार में संतुलन रखना जरूरी है।

व्रत में क्या खाएं

प्रोटीन युक्त आहार शामिल करें

व्रत के दौरान अक्सर प्रोटीन की कमी हो जाती है। इसकी पूर्ति के लिए पनीर, दही, दूध, मूंगफली, कुट्टू, राजगीरा और मखाने अच्छे विकल्प हैं। ये लंबे समय तक पेट भरा रखते हैं और ऊर्जा का स्तर भी बनाए रखते हैं।

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फल और सब्जियों का सेवन बढ़ाएं

मौसमी फलों और सब्जियों के साथ ही सेब, पपीता, अमरूद, नारियल पानी, खीरा और टमाटर आदि शरीर को हाइड्रेट रखते हैं और आवश्यक विटामिंस और मिनरल्स प्रदान करते हैं।

स्वस्थ कार्बोहाइड्रेट चुनें

साबूदाना या आलू के अलावा कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा और राजगीरा बेहतर विकल्प हैं। इनमें फाइबर अधिक होता है। इनसे शरीर को धीरे-धीरे ऊर्जा मिलती रहती है।

स्वस्थ वसा का सेवन

भीगे हुए बादाम, अखरोट, कद्दू और सूरजमुखी के बीज ऊर्जा और अच्छे फैट प्रदान करते हैं। ये हार्मोन संतुलन और हृदय के लिए भी लाभकारी हैं।

पर्याप्त पानी पिएं

व्रत के दौरान पानी, छाछ, दही और नींबू पानी का सेवन शरीर को हाइड्रेट रखता है साथ ही थकान से भी बचाता है।

व्रत में किन चीजों से बचें

     अत्यधिक तले हुए पकवान जैसे साबूदाना वड़ा, व्रत वाली पकौड़ी आदि
    अधिक मिठाई या मीठे पेय
    सेंधा नमक का अधिक सेवन
    लंबे समय तक भूखे रहना और फिर बहुत अधिक खाना

डायबिटीज वाले बरतें सावधानी

जिन लोगों को डायबिटीज है, उन्हें व्रत रखते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। व्रत रखने से पहले अपने डाक्टर की सलाह से इंसुलिन/टैबलेट के डोज के बारे में बदलाव की जानकारी लें। लंबे समय तक एकदम खाली पेट न रहें। हर दो-तीन घंटे में थोड़ी मात्रा में फल, मखाना, भुने हुए नट्स, दही, छाछ या समा के चावल/राजगिरा जैसी हल्की चीजें लेते रहें। बहुत मीठे फल (अधिक पके केले, चीकू, अंगूर आदि) और अधिक शक्कर, गुड़ या तले हुए साबूदाने से बचें।

इनकी जगह पपीता, सेब, अमरूद, नारियल पानी जैसे विकल्प लें। खाने की प्लेट में हमेशा फाइबर और प्रोटीन का संयोजन रखें, जैसे समा के चावल की थोड़ी मात्रा में रायता, सलाद लें, ताकि ब्लड शुगर बढ़े नहीं। दिन में तीन-चार बार ब्लड शुगर मानिटर करें। खासकर चक्कर आना, अधिक पसीना, घबराहट, धड़कन तेज होना या अधिक कमजोरी महसूस हो तो तुरंत कुछ खा लें और शीघ्र ही डाक्टर से संपर्क करें।

अगर ब्लड प्रेशर हाइ रहता है

अगर आपका ब्लड प्रेशर हाइ रहता है तो सेंधा नमक का सीमित मात्रा में सेवन करें। व्रत में अनजाने में ही शरीर में नमक अधिक मात्रा में पहुंच जाता है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। नमक की मात्रा का ध्यान रखते हुए तले हुए खाद्य पदार्थ भी कम लें। व्रत करने से पहले ब्लड प्रेशर की नियमित दवाएं कैसे लेनी हैं, यह अपने चिकित्सक से स्पष्ट कर लें, दवा बिना पूछे न छोड़ें। बहुत तला हुआ, ज्यादा घी-तेल वाला और पैकेज्ड नमकीन (उपवास चिप्स, फराली मिक्स आदि) कम से कम खाएं, उबली, ग्रिल्ड या हल्की तली हुई चीजें बेहतर हैं।

पानी, नारियल पानी, छाछ, नींबू-पानी (कम नमक/शक्कर के साथ) जैसे तरल पर्याप्त मात्रा में लें ताकि डिहाइड्रेशन के कारण बीपी अचानक न गिरे या बढ़े। दिन में कम से कम दो बार बीपी जांचें, सिरदर्द, चक्कर, सांस फूलना, सीने में दर्द, टांगों में सूजन या बहुत थकान हो तो तुरंत आराम करें और मेडिकल मदद लें। देर रात भारी भोजन न करें; रात में हल्का, प्रोटीन और फाइबर युक्त खाना लें ताकि नींद अच्छी रहे और शुगर-बीपी संतुलित रहे। हल्की वाक, प्राणायाम, ध्यान जैसे शारीरिक गतिविधियां बहुत फायदेमंद होती हैं। भारी कसरत या धूप में अधिक देर तक खाली पेट न रहें।