

मुंबई
शेयर बाजार में आज 6 मार्च को जोरदार गिरावट के साथ बाजार खुले हैं. सुबह 9:22 बजे पर सेंसेक्स 542 अंक गिरकर 79,472 के करीब ट्रेड कर रहा और निफ्टी 169 अंक फिसलकर 24,607 पर कारोबार कर रहा है. बैंक निफ्टी में 14 में से 10 शेयर्स में गिरावट देखने को मिल रही है. बाजार में आज 1021 शेयरों में बढ़त देखने को मिली, 1011 शेयरों में गिरावट रही, जबकि 195 शेयर बिना बदलाव के नजर आ रहे है. भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, इंफोसिस, एचसीएल टेक, टीसीएस और विप्रो निफ्टी टॉप गेनर्स हैं. वहीं, इंटरग्लोब एविएशन, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और एलएंडटी निफ्टी टॉप लूजर्स में शामिल रहे हैं।
बाजार में वोलैटिलिटी थोड़ी बढ़ी है, इंडिया VIX करीब 3.5% बढ़कर 18.48 पर पहुंच गया, जो बाजार में अनिश्चितता को दिखाता है. यह गिरावट पिछले सेशन की तेज रैली के बाद आई है, जब सेंसेक्स करीब 900 अंक उछला था और निफ्टी 285 अंक से ज्यादा चढ़ा था. कल 5 मार्च को मेटल, इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी और ऑटो शेयरों में व्यापक खरीदारी देखने को मिली थी।
किन वजहों से शेयर बाजार लुढ़का?
ग्लोबल बाजारों में रातोंरात माहौल सतर्क होता हुआ नजर आया है. अमेरिकी शेयर बाजार गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुए, जहां डॉव जोन्स 780 से ज्यादा अंक टूट गया. मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण तेल की कीमतें बढ़ीं, जिससे महंगाई और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को लेकर चिंता बढ़ गई. वहीं एशियाई बाजार भी शुक्रवार सुबह कमजोर कारोबार करते दिखे, और लंबे समय से जारी जियो-पॉलिटिकल टेंशन के बीच क्षेत्रीय बाजार छह साल की सबसे बड़ी वीकली गिरावट की ओर बढ़ते नजर आए. आज गिफ्ट निफ्टी 169.50 अंक यानी 0.68% गिरकर 24,626.50 पर कारोबार करता दिखा था, जिससे संकेत मिल रहे हैं थे कि शुक्रवार को दलाल स्ट्रीट की शुरुआत कमजोर हो सकती है।
एनालिस्ट की राय
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर के अनुसार, अमेरिकी अमेरिकी डिप्टी सेक्रेटरी के कमेंट के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा है, जिसमें संकेत मिला कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील जल्द पूरी हो सकती है. हालिया करेक्शन के बाद मेटल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, रियल्टी और ऑटो सेक्टर में वैल्यू बाइंग भी देखने को मिली. वहीं, गुरुवार को भारतीय रुपये की मजबूती के कारण आईटी शेयरों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा. मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच हाल के दिनों में तेज बढ़त के बाद शुक्रवार को एशियाई कारोबार की शुरुआत में तेल की कीमतों में 2% से ज्यादा गिरावट देखने को मिली है।



