

पूर्व छात्रों ने सदैव अपनी स्कूल की सेवा का संकल्प लिया
उत्कृष्ट विद्यालय के 50 वर्ष पूर्व छात्रों का मिलन समारोह संपन्न हुआ
बालाघाट ।बालाघाट की सड़क पर यह अद्भुत नज़ारा था । लोग कौतूहल से इन्हें देखते हुए रुक रहे थे और फिर इनके हाथों में पकड़े बैनर को देख मुस्कुरा उठते । उत्कृष्ट विद्यालय में पचास बरस पहले पढ़े हुए ये विद्यार्थी पैदल पैदल अपनी स्कूल जा रहे थे । लगभग सत्तर वर्ष के हो रहे ये भूतपूर्व छात्र यहाँ आए हुए हैं और स्वर्ण जयंती मित्र मिलन समारोह कर रहे हैं ।
इसी के तहत आज दूसरे दिन ये सारे छात्र स्कूल की गणवेश में पहुंचे । यह भी आकर्षक था । स्कूल जाकर सबने उसी तरह मैदान में पंक्तिबद्ध हो प्रार्थना की और राष्ट्रगीत गाए , पूर्व छात्र और महाविद्यालय के प्राचार्य पद से सेवानिवृत्त डा. सतीश चीले ने प्रार्थना करवाई और मिठाई दी । फिर दिल्ली से आए पूर्व छात्र चंद्रशेखर पांडे ने सुविचार का वाचन किया । वहाँ आदरणीय शिक्षक ने सबको मिष्ठान्न वितरण में टॉफ़ी दी । वहाँ से सब कक्षा में गए । सब अपनी डेस्क कुर्सी पर उसी तरह बैठे । सर ने हाज़िरी भी ली । सारे भूतपूर्व छात्र इस अभूतपूर्व नज़ारे का आनंद ले रहे थे और अपनी स्कूल के दिनों की बातें/शरारतें याद कर रहे थे ।
सेवानिवृत्त शिक्षक 88 वर्षीय श्री टी एन मिश्रा अपने इन पूर्व छात्रों को संबोधित करते हुए भावुक हो उठे । उन्होंने कहा कि यहां से पढ़ कर जाने के बाद आप सब चालीस पचास बरस तक विभिन्न क्षेत्रों में सेवा करते रहे और आज भी कर रहे हैं । इतना ही नहीं अपनी स्कूल और गुरुजनों को इतनी आत्मीयता के साथ दिल में बसाए हुए हैं और यही सम्मान प्रगट करने आज सब यहाँ एकत्रित हुए । बचपन के दिनों को याद कर रहे हैं । एक गुरु के लिए भी यह अत्यंत ख़ुशी और गौरव का पल है । श्री मिश्रा ने आशीर्वाद देते हुए कहा कि इसी तरह स्वस्थ रहें और देश की सेवा करते रहें । स्कूल की सेवा के बहाने इस अवसर पर सभी पूर्व छात्रों ने संकल्प लिया कि अपनी इस स्कूल से हमेशा जुड़े रहेंगे और जिस प्रकार भी हो सेवा करते रहेंगे । अभी तो तय किया गया कि यहाँ से सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों का सम्मान करेंगे और स्कूल के टॉपर्स को भी प्रति वर्ष सम्मानित करेंगे । इसके अलावा किसी जरूरतमंद छात्र को मार्गदर्शन और अन्य सहायता की आवश्यकता होगी तो वह भी करेंगे । डा बी एम शरणागत ने कहा कि इसके लिए फंड की जरूरत भी आपस में रकम इकट्ठा करके पूरी करेंगे ।इस अवसर पर इन अनेक छात्रों ने अपनी ओर से दी जाने वाली राशि की घोषणा भी कर दी । शीघ्र ही इसकी सुचिंतित कार्य योजना बनाई जाएगी । डा शरणागत, अभय सेठिया व हरिशंकर खरे ने बताया कि इस ऐतिहासिक समारोह में कनाडा, मुंबई , दिल्ली, भोपाल, बिलासपुर, इंदौर, रायपुर, सिवनी,जबलपुर, खंडवा आदि शहरों से आए थे ये छात्र । भोपाल से आए सुधीर दाते ने कहा कि उन्हें तो लगता है कि यह देश का सबसे अनोखा मित्र मिलन है जो एक कीर्तिमान है । मुंबई के अजय कोटेचा,दिल्ली के चंद्रशेखर पांडे ,नथमल शर्मा बिलासपुर,अजय उपलपवार इंदौर और खंडवा के डा. संजय ने कहा कि यहाँ आकर बचपन में लौट आए हैं और ख़ुशी यह भी है कि अपनी स्कूल के लिए आगे भी कुछ करते रहने का संकल्प लेकर लौट रहे हैं ।
फिर वह भावुक पल
और फिर एक दूसरे से विदा लेने का समय आ गया । सबका हृदय जैसे भर आया । आंखे भीग गई । मिश्रा सर और वर्तमान में शाला प्रभारी श्री पाटले भी भावुक हो गए । सबने फिर मिलने के वादे के साथ विदाई ली और अपनी स्कूल की माटी को मस्तक पर लगा कर अपने अपने घर गांवों की ओर स्मृति चिह्न लेकर लौटने लगे ।




