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यह मिलन समारोह सबके लिए प्रेरणादायक-ज्योतिषी

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अपने सत्तर बरस के छात्रों को फिर एकबार देख बेहद ख़ुशी हो रही*

*पचास साल पहले बालाघाट में पढ़े छात्र फिर मिले आज*

बालाघाट । इतने वर्षों बाद अपने छात्रों को यहाँ एक साथ देख कर अत्यंत प्रसन्न हूं । आप सबने शानदार जीवन जीया है और ख़ुशी की बात कि अपनी स्कूल और गुरुजनों को दिल में बसाए हुए हो । यह बाक़ी सबके लिए प्रेरणादायक भी है ।
बाल सखा स्वर्ण जयंती मिलन समारोह में सेवानिवृत्त शिक्षक श्री आर.के.ज्योतिषी ने मुख्य अतिथि की आसंदी से उक्त विचार व्यक्त किए । उन्होंने आशीर्वाद देते हुए कहा कि एक शिक्षक के लिए यह गौरव का भी क्षण है जब वह अपने छात्रों को इस तरह उपलब्धियां प्राप्त करते देखता है । श्याम बिहारी वर्मा उत्कृष्ट शासकीय विद्यालय के 1973-74 सत्र के छात्रों का यह मिलन समारोह यहां आयोजित किया गया । इसमें अपने छात्रों को देखकर तीनों ही गुरु बेहद प्रसन्न हो रहे थे । ज्योतिषी सर ने कहा कि हमें कई बार सम्मान के लिए बुलाते है,हम जाते भी है पर यह आयोजन उन सबसे हटकर है ।
हिंदी के शिक्षक रहे टी एन मिश्रा ने कहा कि यह देख कर बहुत खुशी हो रही है कि उस समय जो संज्ञा सर्वनाम सिखाए और मात्राएँ सुधारी वह सब तुमने जीवन में उतार लिए और अपने जीवन की भाषा इसीलिए कितने अच्छे से गढ़ पाए तुम सब । एक शिक्षक के लिए इससे अधिक सुकून की बात और कोई हो ही नहीं सकती । साथ ही एस.के. ज्योतिषी सर ने कहा कि यह छात्र मिलन समारोह दर्शाता है कि आप सबने अपनी स्कूल से कितना कुछ हासिल किया । शिक्षक को अपने शिष्यों को इस तरह समाज और देश की सेवा करते हुए देख कर बेहद खुशी होती है । पचास वर्ष बाद अपने छात्रों की यूँ एकसाथ देखना हृदय को प्रसन्नता दे रहा । तीनों ही गुरुजनों ने आशीर्वाद देते हुए इसी तरह सेवा में जुटे रहने की प्रेरणा दी।
इस मिलन समारोह में बालाघाट से पचास बरस पहले पढ़ कर गए अनेक छात्र मुंबई,भोपाल,दिल्ली, बिलासपुर, रायपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, जबलपुर में बस गए हैं ।वे सब करीब पचास सहपाठी आज यहाँ आए ।साथ ही बालाघाट में रह रहे साथी शामिल हुए । ये सब छात्र करीब सत्तर वर्ष के हो रहे हैं पर आज इनमे उसी समय सा उत्साह था,जैसे सबका बचपन लौट आया हो ।
कार्यक्रम का प्रारंभ इतनी शक्ति हमें देना दाता… गीत के सामूहिक गान के साथ हुआ । तत्पश्चात गुरुजनों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया । कार्यक्रम की अध्यक्षता मिश्रा सर ने की । स्कूल के वर्तमान प्राचार्य शरद ज्योतिषी,आई एम ए के अध्यक्ष डा बी एम शरणागत, शिक्षाविद पूर्व प्राचार्य डॉ सतीश चीले,अभियंता संघ के नेता रहे हरिशंकर खरे, भाजपा नेता अभय सेठिया और पत्रकार नथमल शर्मा विशिष्ट अतिथि रहे । इन सभी ने अपने संबोधन में स्कूल के दिनों को याद किया और कहा कि वे आज जो कुछ भी बन पाए हैं वो अपने इन गुरुजनों की शिक्षा संस्कार के कारण ही बन पाए हैं । प्रारंभ में इस आयोजन की शुरुआत कैसे हुई इसकी जानकारी हरिशंकर खरे और स्वतंत्र श्रीवास्तव ने दी ।इस मिलन माला को सूत्र में पिरोने का काम नारायण,उत्तम, शेखर जैसे मित्रों ने किया। संचालन नथमल शर्मा ने और आभार प्रदर्शन अभय सेठिया ने किया।
*वे आत्मीय क्षण*
कार्यक्रम के दौरान अनेक अवसर आए जब सभी भावुक हो उठे । अपने तीनों गुरुजनों का शाल,श्रीफल और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मान किया गया । यह क्षण था जब अपने गुरु का सम्मान करते हुए भावुक हो गए । हर कोई सम्मान करना चाहता था । इसलिए शाल श्रीफल देने के पश्चात सभागार में उपस्थित सभी करीब पचास पूर्व छात्रों ने पुष्पहार पहनाकर गुरुजनों का सम्मान किया ।
इसी तरह कार्यक्रम में और प्रारंभ होने के पूर्व सभी अपने स्कूल के किस्से सुना रहे थे । कौन किसे क्या कहता , क्या चिढ़ाता, क्या शरारतें करता । सत्तर बरस के ये लोग इन किस्सों के साथ बार बार अपने बचपन में लौट जाते ।
कभी आँखें भीग जाती तो कभी ठहाके लगते । सभी कह रहे थे कि ऐसा री-यूनियन तो देखा नहीं । यह आयोजन एक नई ऊर्जा से भर रहा है हमें ।
समापन के पश्चात् सभी अपने बालाघाट का भ्रमण करते हुए बजरंगघाट गए ।
कल स्कूल में
इस दो दिवसीय मिलन समारोह में कल 14 दिसंबर को सवेरे सभी पूर्व छात्र अपनी स्कूल जाएंगे । इसका सबसे आकर्षक पक्ष यह है कि ये सभी अपनी स्कूल ड्रेस पहनकर जाएंगे । वहाँ उसी तरह प्रार्थना होगी । सुविचार वाचन होगा और कक्षा लगेगी जहां सर हाज़िरी भी लेंगे । इसके साथ ही अन्य कार्यक्रम भी होंगे ।