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नीतीश कुमार 10वीं बार बने बिहार के मुख्यमंत्री, शपथ समारोह में 26 मंत्रियों के साथ मोदी, शाह और नायडू भी मौजूद

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पटना 

बिहार की सियासत में ‘सुशासन बाबू’ के नाम से मशहूर नीतीश कुमार फिर सीएम बन गए हैं. बिहार चुनाव 2025 में जीत के बाद नीतीश कुमार10वीं बार मुख्यमंत्री बने हैं. नीतीश कुमार ने 20 नवंबर 2025 यानी गुरुवार को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. चुनाव में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद यह शपथ समारोह एनडीए का शक्ति प्रदर्शन है. गांधी मैदान में नीतीश कुमार का ’10 का दम’ साफ नजर आया. गांधी मैदान में उनकी मौजूदगी खूब रही, जिनके दम पर नीतीश कुमार आज 10वीं बार सीएम बने हैं. जी हां, हम महिलाओं की बात कर रहे हैं. गांधी मैदान में शपथ ग्रहण के दौरान पीएम मोदी के गमछे वाले अंदाज में महिलाएं लगातार आंचल और स्टॉल लहराती दिखीं.

दरअसल, बिहार के राज्यपाल अरिफ मोहम्मद खान ने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद एंव गोपनीयता की शपथ दिलाई. नीतीश कुमार ने पद एंव गोपनीयता की शपथ लेते वक्त कहा, ‘मैं नीतीश कुमार… ईश्‍वर की शपथ लेता हूं कि विधि द्वारा स्‍थापित भारत के संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा और निष्ठा रखूंगा. मैं मुख्‍यमंत्री के रूप में अपने कर्तव्यों का श्रद्धापूर्वक और शुद्ध अंत: करण से निर्वहन करूंग तथा मैं भय या पक्षपात, अनुराग या द्वेष के बिना सभी प्रकार के लोगों के प्रति संविधान और विधि के अनुसार न्‍याय करूंगा.’

 बिहार में नई सरकार ने पटना के गांधी मैदान में शपथ ले ली है. नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. गांधी मैदान में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री मोदी, जेपी नड्डा, केन्द्रीय मंत्री अमित शाह समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए हैं.

नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण में पीएम मोदी भी मौजूद रहे.

महिलाओं का खूब दिखा अनोखा अंदाज

इस शपथ ग्रहण समारोह में महिलाओं की भारी मौजूदगी खास बात रही. ये महिलाएं मोदी के गमछा वाले स्टाइल में अपना आंचल लहरा रही थीं तो कोई स्टॉल लहरा रही थीं. जीविका दीदियों की संख्या लाखों में थी, जो नीतीश सरकार की महिला सशक्तिकरण योजनाओं की लाभार्थी हैं और कोर वोटर. महिलाओं ने नीतीश के स्वागत में नारे लगाए, ‘सुशासन बाबू जिंदाबाद’ और ‘महिला शक्ति की जय’. बिहार चुनाव में महिलाओं के वोट ने एनडीए को मजबूती दी, जो इस समारोह में साफ झलकी.

गांधी मैदान में बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंची थीं.

नीतीश कैबिनेट में कौन-कौन?

    नीतीश कुमार (मुख्यमंत्री)
    सम्राट चौधरी (डिप्टी सीएम)
    विजय कुमार सिन्हा (डिप्टी सीएम)
    विजय कुमार चौधरी
    विजेंद्र प्रसाद यादव
    श्रवण कुमार
    मंगल पांडे
    दिलीप कुमार जायसवाल
    अशोक चौधरी
    लेसी सिंह
    मदन सहनी
    नितिन नवीन
    रामकृपाल यादव
    संतोष कुमार सुमन
    सुनील कुमार
    मोहम्मद जमा खान
    संजय सिंह टाइगर
    अरुण शंकर प्रसाद
    सुरेंद्र मेहता
    नारायण प्रसाद
    रमा निषाद
    लखेन्द्र कुमार रोशन
    सुरेश सिंह
    प्रमोद कुमार
    संजय कुमार
    दीपकप्रकाश

नीतीश कुमार ने 10वीं बार ली शपथ, देखिए पूरी लिस्ट

    साल 2000 में केवल 7 दिनों के लिए पहली बार सीएम.
    साल 2005 में फिर सीएम.
    2010 में फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ
    फरवरी 2015 में मांझी के इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार दोबारा बिहार के मुख्यमंत्री बने.
    नवंबर 2015 के चुनाव में महागठबंधन सरकार के मुख्यमंत्री बने नीतीश कुमार.
    गठबंधन टूटने के बाद नीतीश कुमार ने 2017 में फिर एनडीए सरकार में सीएम पद की शपथ ली
    2020 में 7वीं बार सीएम पद की शपथ
    2022 में NDA से अलग होकर RJD-कांग्रेस के साथ महागठबंधन सरकार में सीएम.
    2024 में फिर एनडीए में आकर सीएम पद की शपथ
    2025 में फिर प्रचंड जीत के बाद सीएम पद की शपथ

 

गमछा लहराकर बिहार के लोगों का पीएम मोदी ने किया धन्यवाद

शपथ ग्रहण समारोह के समापन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांधी मैदान में लोगों का अभिवादन किया और अपना खास गमछा लहराकर बिहार के लोगों का धन्यवाद दिया. बिहार में NDA विधानसभा चुनाव में 243 में से 202 सीटें जीतकर सत्ता में वापस आ गई है. इसकी खुशी पीएम मोदी के चेहरे पर साफ-साफ देखने को मिली.

बिहार चुनाव में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद अब सूबे में नई सरकार के गठन की बारी है. नीतीश कुमार 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है. नीतीश कुमार के साथ ही नई सरकार के 26 मंत्रियों ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ली. बीजेपी के कोटे से सरकार में दो डिप्टी सीएम बनाए गए हैं- सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा. नीतीश कैबिनेट में बीजेपी से 14, जेडीयू से आठ, एलजेपीआर से दो, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा से एक-एक मंत्री बनाए गए हैं. 

नीतीश मंत्रिमंडल में शपथ लेने वाले मंत्रियों में मंगल पाण्डेय, अशोक चौधरी, लेशी सिंह, श्रेयसी सिंह, रमा निषाद, मदन सहनी भी शामिल हैं. जीतनराम मांझी की पार्टी से उनके बेटे संतोष कुमार सुमन और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी से उनके बेटे दीपक प्रकाश ने मंत्री पद की शपथ ली है. नीतीश कुमार के शपथग्रहण में मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के साथ एनडीए की सरकार वाले राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद थे.

पीएम मोदी ने गमछा हिलाकर किया जनता का अभिवादन

नीतीश कुमार की अगुवाई वाली बिहार की नई सरकार के शपथग्रहण के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गमछा मोमेंट पटना के गांधी मैदान में भी नजर आया. पीएम मोदी ने गमछा हिलाकर, झुककर बिहार की जनता का अभिवादन किया. 

नीतीश कुमार ने 10वीं बार ली बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ, रचा इत‍िहास

नीतीश कुमार ने 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है. सीएम नीतीश ने 10वीं बार शपथग्रहण कर नया इतिहास रच दिया है. नीतीश कुमार के साथ 26 मंत्रियों ने भी शपथ ली. 

 जमा खान, रमा निषाद बने मंत्री

जमा खान, संजय सिंह टाइगर, रमा निषाद, अरुण शंकर प्रसाद, मदन सहनी ने मंत्री पद की शपथ ले ली है. जमा खान जेडीयू के विधायक हैं. वहीं, संजय सिंह टाइगर और रमा निषाद बीजेपी कोटे से मंत्री हैं.

 लेसी सिंह, रामकृपाल यादव बने मंत्री

लेसी सिंह, नितिन नवीन, मदन सहनी, रामकृपाल यादव, सुनील कुमार ने भी मंत्री पद की शपथ ले ली है.

विजय चौधरी, मंगल पाण्डेय, दिलीप जायसवाल ने ली शपथ

विजय कुमार चौधरी, विजेंद्र प्रसाद यादव, श्रवण कुमार, डॉक्टर दिलीप जायसवाल, मंगल पाण्डेय को एक साथ मंत्री पद की शपथ दिलाई गई.

 विजय सिन्हा ने ली डिप्टी सीएम पद की शपथ

बिहार की नई सरकार में सम्राट चौधरी के साथ विजय कुमार सिन्हा भी बीजेपी कोटे से डिप्टी सीएम बनाए गए हैं. विजय कुमार सिन्हा ने गांधी मैदान में आयोजित शपथ समारोह में पद और गोपनीयता की शपथ ली. 

सम्राट चौधरी बने डिप्टी सीएम, ली शपथ

बीजेपी विधायक दल के नेता सम्राट चौधरी बिहार सरकार में फिर से डिप्टी सीएम बन गए हैं, सम्राट चौधरी ने पद और गोपनीयता की शपथ ले ली है.

नीतीश क्या देश में सबसे ज्यादा समय तक CM रहने का रिकॉर्ड भी तोड़ पाएंगे?

बिहार की सत्ता का ताज एक बार फिर से नीतीश कुमार के सिर सज गया. 2005 से नीतीश सत्ता के केंद्र बने हैं और बिहार में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का इतिहास पहले ही अपने नाम कर चुके हैं. नीतीश ने गुरुवार को 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की कुर्सी संभाल ली. ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या नीतीश कुमार देश में सबसे ज्यादा समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड बना पाएंगे?

नीतीश कुमार पहली बार साल 2000 में मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन महज़ सात दिन बाद ही उन्हें कुर्सी छोड़नी पड़ गई थी, क्योंकि वह सदन में बहुमत साबित नहीं कर सके थे. इसके बाद साल 2005 में नीतीश मुख्यमंत्री बने और उसके बाद बीच में कुछ समय के लिए जीतनराम मांझी मुख्यमंत्री रहे.

मुख्यमंत्री के तौर पर नीतीश कुमार 18 साल से ज्यादा का सफ़र तय कर चुके हैं. बिहार के इतिहास में अभी तक किसी भी मुख्यमंत्री का कार्यकाल इतना लंबा नहीं रहा है. ऐसे में अगले छह साल तक नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने रहते हैं, तो वह देश में सबसे ज्यादा समय तक मुख्यमंत्री रहने का भी रिकॉर्ड बना लेंगे.

पवन चामलिंग के नाम दर्ज रिकॉर्ड

देश में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री बने रहने का रिकॉर्ड पवन कुमार चामलिंग के नाम है. पवन चामलिंग 1994 से लेकर 2019 तक सिक्किम के मुख्यमंत्री रहे. 12 दिसंबर 1994 को पहली बार मुख्यमंत्री बने थे और 26 मई 2019 तक, लगभग 24 साल और 165 दिन तक मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया. चामलिंग ने कुल पांच बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. इतने लंबे समय तक देश में कोई भी नेता मुख्यमंत्री नहीं रहा.

पटनायक, ज्योति बसु ने रचा इतिहास

पवन कुमार चामलिंग के बाद दूसरा नाम नवीन पटनायक का आता है. पटनायक ओडिशा के पांच बार मुख्यमंत्री रहे हैं. बीजू जनता दल के नेता नवीन पटनायक 24 वर्ष 99 दिनों तक मुख्यमंत्री रहे. 

5 मार्च 2000 को नवीन पटनायक पहली बार मुख्यमंत्री बने और लगातार पांच बार सत्ता संभाली. 12 जून 2024 तक ओडिशा के मुख्यमंत्री रहे.  इस बार के विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी की हार हुई, जिसके चलते उन्हें कुर्सी छोड़नी पड़ी.

पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ज्योति बसु साल 1977 से 2000 तक लगभग 23 साल से ज्यादा समय तक मुख्यमंत्री रहे. ज्योति बसु ने भी पांच बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. इसके बाद अरुणाचल के मुख्यमंत्री गेगोंग अपांग हैं, जिनका पहला कार्यकाल 1980 से 1999 तक और फिर दूसरा कार्यकाल 2003 से 2007 रहा.

मिजोरम के लाल थनहवला का नाम भी है, जो 22 साल तक मुख्यमंत्री रहे. हिमाचल प्रदेश के दिग्गज नेता वीरभद्र सिंह 21 वर्ष मुख्यमंत्री रहे तो त्रिपुरा के माणिक सरकार 19 साल से ज्यादा मुख्यमंत्री पद पर रहे. इसके बाद अब नीतीश कुमार का नाम आता है, जो 18 साल से ज्यादा समय से बिहार के मुख्यमंत्री हैं.

नीतीश कुमार क्या रचेंगे नया इतिहास?

नीतीश कुमार गुरुवार को 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली . देश में कोई भी नेता 10 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ नहीं ली है. ऐसे में यदि वह 2031 तक मुख्यमंत्री पद पर बने रहते हैं, तो वह सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेताओं की सूची में शामिल हो जाएंगे.

नीतीश पहले ही बिहार के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्री बन चुके हैं, लेकिन देश में सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्रियों का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए उन्हें छह साल तक कुर्सी पर बने रहना होगा.

नीतीश कुमार की उम्र 75 वर्ष हो गई है. उन्हें सर्वाधिक समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए अभी और कम से कम 6 वर्ष काम करना होगा. इसके बाद ही नीतीश कुमार देश के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले पवन चामलिंग का रिकॉर्ड तोड़ पाएंगे.