Home राज्यों से गोपाल खेमका हत्याकांड में राजनीतिक साजिश की आशंका : जीतन मांझी

गोपाल खेमका हत्याकांड में राजनीतिक साजिश की आशंका : जीतन मांझी

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बोधगया

केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने बुधवार को बोधगया स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बिहार की कानून-व्यवस्था, राजनीतिक हस्तक्षेप और दलितों के भूमि अधिकार जैसे कई संवेदनशील मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बिहार में अपराध कोई आश्चर्य की बात नहीं है, लेकिन आज के दौर में अपराध के बाद फॉलोअप एक्शन हो रहा है, यही सबसे बड़ी बात है। मांझी ने कहा कि 14 करोड़ की आबादी वाले बिहार में अलग-अलग तरह के लोग रहते हैं। अपराध होना कोई अनहोनी बात नहीं है, लेकिन अब अपराध के बाद कार्रवाई होती है। सरकार अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है।
 
मांझी ने हाल ही में पटना में हुए व्यवसायी गोपाल खेमका हत्याकांड को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस घटना में जमीन विवाद तो था ही, लेकिन यह पूरी तरह आपसी मामला नहीं लगता। उन्होंने कहा कि कहीं न कहीं यह मामला राजनीतिक रंग भी लेता नजर आ रहा है। कुछ पॉलिटिकल टाइप के लोग शूटर बन जाते हैं तो कुछ मैनेजमेंट संभालते हैं। यह भी जांच का विषय है। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मांग की कि इस हत्याकांड की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यह पता लगाया जाए कि कहीं किसी दूसरी राजनीतिक पार्टी की साजिश तो नहीं है।
 
‘अब नहीं लौटेगा राक्षसराज’, राजद कार्यकर्ताओं पर कब्जे का आरोप
दलितों के भूमि अधिकार के सवाल पर भी मांझी ने तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार द्वारा दी गई छह लाख एकड़ जमीन का वितरण तो हो चुका है, लेकिन उसमें से केवल 30 फीसदी लोगों को ही वास्तविक कब्जा मिला है, शेष 70% जमीन पर राजद कार्यकर्ताओं का कब्जा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मर्डर, रेप और जमीन कब्जे जैसी घटनाओं में राजद के लोग संलिप्त रहते हैं। उन्होंने कहा कि यह राक्षसराज है, जिसे जनता अब कभी लौटने नहीं देगी। जनता ने मन बना लिया है कि चाहे कुछ भी हो, तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री नहीं बन पाएंगे।
 
‘जंगलराज अब इतिहास की बात’
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में एक समय था जब अपहरणकर्ता और पीड़ित एक ही जगह लेन-देन कर मामला सुलझाते थे, लेकिन अब वह दौर नहीं रहा। अब हर अपराध के बाद सरकार एक्शन में आती है। यही सबसे बड़ा बदलाव है। पहले इसे ‘जंगलराज’ कहा जाता था, कोर्ट ने भी यह शब्द इस्तेमाल किया था। लेकिन आज बिहार में वैसा माहौल नहीं है।
 
राजनीति और अपराध के गठजोड़ पर सीधा हमला
मांझी ने यह भी कहा कि राजनीतिक आकांक्षा रखने वाले कुछ लोग शूटर और अपराधी बनकर काम करते हैं। ऐसे तत्वों की पहचान जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसे लोगों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो राज्य में फिर से अस्थिरता का माहौल पैदा हो सकता है।

उन्होंने कहा कि जिन दलितों को सरकार ने जमीन का परवाना दिया है, उन्हें उनका हक दिलाया जाना चाहिए। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार की योजना के बावजूद गरीबों को जमीन पर कब्जा नहीं मिल पा रहा है। इसमें राजनीतिक हस्तक्षेप हो रहा है।