

मुख्यमंत्री से चर्चा करते हुए श्री बालाराम ने कहा कि भारत सरकार खाद नहीं भेज रही है, मैंने 40 बोरा वर्मी कंपोस्ट खरीदा है। मुख्यमंत्री ने बालाराम को आश्वस्त करते हुए कहा कि गौठान के रूप में गांव-गांव में खाद की फैक्ट्री तैयार हो रही है। अब गांवों में भी जैविक खाद उपलब्ध होगी। खाद की समस्या नहीं होगी। मुख्यमंत्री को श्री राम नारायण ने बताया कि 90 क्विंटल गोबर बेचने पर उसे 18 हजार रूपए की आमदनी हुई हैं, इस पैसे को उसने अपनी बेटी की शादी में खर्च किया है। वे आगे भी गोबर बेचेंगे और खेती किसानी का विस्तार करेंगे। ग्राम पोंड़ी की कमला ने बताया कि वो गौठान में केंचुआ उत्पादन करती है, इससे उसे अब तक 5 लाख 25 हजार रूपए की आमदनी हैं। इसके अलावा कमला ने 3 सौ 80 क्विंटल वर्मी कंपोस्ट बेचकर 3.80 लाख रूपए की आय प्राप्त किया है। इसी पैसे से उसने व्यवसाय विस्तार कर बीज की दुकान खोली है। मुख्यमंत्री ने श्री राम नारायण और श्रीमती कमला बाई को व्यवसाय विस्तार के लिए प्रोत्साहित करते हुए शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री ने स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल की छात्रा सताक्षी से चर्चा की। मुख्यमंत्री के छत्तीसगढ़ी में किए गए सवालों का जवाब सताक्षी ने अंग्रेजी में दिया। छात्रा के जवाब से मुख्यमंत्री प्रसन्न हुए और सताक्षी की तारीफ करते हुए उसके उज्जवल भविष्य की कामना की। सताक्षी ने कहा कि अन्य स्थानों पर भी स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल खुलने से बाकी छात्रों को भी फायदा होगा। मुख्यमंत्री ने वन अधिकार पट्टा के वितरण को लेकर खुशी जाहिर की। कार्यक्रम में उपस्थित हितग्राहियों ने एक साथ वन अधिकार प्रमाण पत्र को दिखाते हुए अपनी खुशी जाहिर की। उल्लेखनीय है कि जिले में 17 हजार से ज्यादा वन अधिकार पट्टों का वितरण हो चुका है। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से चर्चा के पहले वहां के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। भेंट मुलाकात के दौरान संसदीय सचिव श्रीमती अम्बिका सिंहदेव, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।



