नवरात्रि के नौ दिनों के व्रत के दौरान दोपहर के खाने में कुछ ऐसा मन करता है जो पेट भरने के साथ-साथ हल्का, स्वादिष्ट और ऊर्जा देने वाला हो. रोज-रोज कुट्टू की पकोड़ी या सादे उबले आलू खाकर अक्सर मुंह का स्वाद फीका पड़ जाता है. ऐसे में दही आलू की चटपटी रसेदार सब्जी और गर्म-गर्म फूली हुई सिंघाड़े के आटे की पूड़ी सबसे बेहतरीन कॉम्बिनेशन है.
बिना प्याज-लहसुन और हल्दी के बनने वाली यह रसेदार सब्जी खाने में बेहद चटाकेदार होती है और सिंघाड़े की खस्ता पूड़ी के साथ इसका स्वाद कई गुना बढ़ जाता है. अक्सर लोगों की शिकायत होती है कि दही आलू बनाते समय दही फट जाता है या सिंघाड़े की पूड़ी सही से बेलते नहीं बनती. आइए जानते हैं इसे बनाने की आसान विधि और परफेक्ट मास्टर ट्रिक्स!
सामग्री:
दही आलू की रसेदार सब्जी के लिए:
4 उबले हुए आलू (हाथों से रफली तोड़े हुए)
1 कप ताजा दही (अच्छे से फेंटा हुआ)
1 छोटा चम्मच जीरा
1 इंच अदरक (बारीक कद्दूकस किया हुआ)
2 हरी मिर्च (बारीक कटी हुई)
1/2 छोटा चम्मच काली मिर्च पाउडर
1/2 छोटा चम्मच सेंधा नमक (स्वादानुसार)
1 बड़ा चम्मच देसी घी
बारीक कटा हरा धनिया
सिंघाड़े की पूड़ी के लिए:
1 कप सिंघाड़े का आटा
2 मध्यम आकार के उबले व कद्दूकस किए आलू (बाइंडिंग के लिए)
1/2 छोटा चम्मच सेंधा नमक
1/2 छोटा चम्मच जीरा और कटी हरी मिर्च
तलने के लिए मूंगफली का तेल या शुद्ध देसी घी
बनाने की शॉर्ट विधि:
दही न फटने की सीक्रेट ट्रिक: एक कड़ाही में 1 चम्मच देसी घी गर्म करें. जीरा, कद्दूकस किया अदरक और हरी मिर्च का तड़का लगाएं. अब उबले आलू डालकर 2 मिनट भूनें. आंच को बिल्कुल धीमा कर दें या कड़ाही को गैस से उतार लें. इसमें फेंटा हुआ दही और सेंधा नमक मिलाएं.
लगातार चलाते हुए मध्यम आंच पर पहला उबाल आने दें (लगातार चलाने से दही बिल्कुल नहीं फटता). उबाल आने के बाद 1 कप पानी और काली मिर्च पाउडर मिलाएं. 5 मिनट धीमी आंच पर पकने दें ताकि आलू रस सोख लें. ऊपर से हरा धनिया डालें.
परात में सिंघाड़े का आटा, कद्दूकस आलू, जीरा और सेंधा नमक मिलाएं. पहले बिना पानी डाले आलू के साथ आटे को मलें. (सिंघाड़े के आटे में ग्लूटेन नहीं होता, इसलिए उबला आलू मिलाने से पूड़ी कभी टूटती नहीं है). जरूरत पड़े तो सिर्फ 1-2 चम्मच पानी छिड़ककर सख्त डो तैयार करें.
हाथ पर थोड़ा सा तेल लगाएं. एक छोटी लोई लें और उसे दो बटर पेपर या प्लास्टिक शीट के बीच रखकर बेलन से हल्के हाथों से बेलें (या हथेली से थपथपाकर गोल कर लें).
कड़ाही में घी/तेल तेज गर्म करें. पूड़ी डालें और कलछी से हल्का दबाते हुए दोनों तरफ से सुनहरी और फूली-फूली होने तक तल लें.
तैयार है आपकी नवरात्रि स्पेशल दही आलू की रसेदार सब्जी और गरमा-गरम सिंघाड़े की पूड़ी.



